ईकोकार्डियोग्राफ़ी और टीएमटी टेस्ट के लिए बड़े शहरों में ज्यादा खर्च करने की झंझट खत्म, जिला अस्पताल में शुरू की गई सुविधा…

विश्व हृदय दिवस पर जिला अस्पताल में मरीजों को बड़ी सौगात

नर्मदापुरम। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल नर्मदापुरम में हृदय रोगियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधाओं की शुरुआत की गई। सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गेहलोत एवं सिविल सर्जन डॉ. सुनीता कामले के मार्गदर्शन में अब अस्पताल में वयस्कों के लिए TMT (ट्रेडमिल टेस्ट) और बच्चों सहित सभी के लिए इकोकार्डियोग्राफी की सुविधा उपलब्ध होगी। इन सुविधाओं के चालू होने से अब सूबे के जरूरतमंद मरीजों को बड़े शहरों के महंगे अस्पतालों में ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।

ये दोनों टेस्ट होंगे उपलब्ध

जिले में संभवतः अभी तक किसी भी सरकारी अस्पताल में टीएमटी और इकोकार्डियोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन सुविधाओं के नहीं होने से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों या बाहर के शहरों में महंगे दामों पर कराने जाना मजबूरी थी। जिला अस्पताल में इन दोनों मशीनों की सुविधा शुरू होने से जरूरतमंद परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने लगेगी। निजी अस्पतालों में इन दोनों टेस्टों के लिए करीब 5 हजार रूपये की राशि खर्च करना पड़ती है।

क्या काम आती हैं मशीनें

जिला अस्पताल में लगाई गई मशीन पर TMT टेस्ट से चिकित्सकीय परामर्श अनुसार मरीज की हृदय की कार्यक्षमता और व्यायाम के दौरान हृदय की प्रतिक्रिया का आकलन किया जा सकेगा। और इकोकार्डियोग्राफी से हृदय की संरचना, वाल्व और पंपिंग क्षमता का मूल्यांकन किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सीने में दर्द, भारीपन, सांस फूलना, अत्यधिक थकान, असामान्य धड़कन या चक्कर आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नही करना चाहिए। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और धूम्रपान जैसे जोखिम वाले व्यक्तियों को भी नियमित जांच कराना चाहिए। इससे हृदय रोगों की समय पर पहचान और रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते है।

इटारसी के शासकीय अस्पताल को इंतजार

इटारसी का डॉ श्यामप्रसाद मुखर्जी शासकीय चिकित्सालय जिले का दूसरा बड़ा अस्पताल है। यहां करीब 200 बिस्तर हैं जिनकी ऑक्यूपेंसी करीब 90 फीसदी रहती है। इटारसी शहर के साथ ही केसला ब्लॉक के करीब 100 गांवों के लोग भी इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। जिला अस्पताल में शुरू की गई ये सुविधा इटारसी अस्पताल में शुरू होने से हजारों जरूरतमंदों को बड़ी राहत दे सकती है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पहले आईसीयू को चालू करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उसके बाद उक्त दोनों मशीनों के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

इनका कहना है

इस सुविधा के शुरू होने से हृदय रोग के लक्षण वाले मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

डॉ गजेंद्र यादव, आरएमओ जिला अस्पताल नर्मदापुरम

इटारसी अस्पताल में एमडी मेडिसिन एक ही है और स्टाफ की भी कमी है। पूर्ति के प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान आईसीयू चालू करने पर है। आईसीयू चालू होने के बाद दोनों सुविधाएं लाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

डॉ कमलेश कुम्हरे, अधीक्षक डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल इटारसी

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