विदेशी भाषा सीखने पचमढ़ी आया था आर्मी जवान, पीछे-पीछे चंद दिनों बाद मौत आ गई….

नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी(pachmadhi) के आर्मी एजुकेशन सेंटर में विदेशी भाषा सीखने के लिए आए हुए एक आर्मी जवान(army soldier) को क्या पता था कि मौत उन्हें यहां बुला रही है। फुटबॉल मैदान पर बैठे आर्मी जवान पर अचानक पीछे से एक जंगली भैंसे (bison)ने हमला कर दिया। इस हमले से गम्भीर घायल आर्मी जवान की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना ने पूरे आर्मी क्षेत्र को अंदर तक हिला दिया है। जानकारी के अनुसार 26 वर्षीय आर्मी जवान आकाश चौहान कुछ दिन पहले आर्मी एजुकेशन सेंटर में विदेशी भाषा की ट्रेनिंग लेने आए थे। रोजाना की तरह वे फुटबॉल मैदान पर साथियों के साथ पहुंचे थे। उनके साथी मैदान पर थे और वे गुरुवार शाम फुटबॉल मैदान के पास बैठकर खेल देख रहे थे कि तभी आर्मी जवान आकाश पर बायसन ने पीछे से हमला कर दिया। उसका सींग उनकी छाती के दाहिने हिस्से में लगा। इससे फेफड़े और लिवर को नुकसान पहुंचा। साथी जवानों ने बाइसन को भगाया और उन्हें तत्काल आर्मी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

फुटबॉल मैदान के पास बैठे थे, पीछे से आई मौत

पचमढ़ी थाने के उप निरीक्षक शिवनाथ यादव ने बताया कि  आकाश चौहान गुरुवार शाम आर्मी एजुकेशन सेंटर के फुटबॉल मैदान के पास बैठे थे। जिस तरफ वे पीठ करके बैठे थे उन्हें नहीं पता था कि चंद पल बाद उसी तरफ से मौत आने वाली है। आर्मी जवान आकाश पर  पीछे से अचानक जंगली बायसन ने हमला कर दिया। बायसन का सींग उनकी छाती के दाहिने हिस्से में लगा। जिससे वे गंभीर घायल हो गए। पचमढ़ी सिविल अस्पताल के डॉक्टर दिलीप शर्मा ने बताया कि भोपाल में हुए पोस्टमॉर्टम से पता चला कि बायसन का सींग जवान की छाती में दाहिनी ओर छठवीं और सातवीं पसली के पास लगा था। इससे उनके फेफड़े और लिवर को नुकसान पहुंचा। शुक्रवार को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद सेना के अधिकारियों ने शव परिजनों को सौंप दिया।

17 कुमाऊं रेजिमेंट में था आर्मी जवान

बाइसन के हमले में जान गंवाने वाले आकाश चौहान भारतीय सेना की 17 कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात थे। वे उत्तराखंड के देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र स्थित शिमलास ग्रांट के रहने वाले थे। आर्मी एजुकेशन सेंटर में विदेशी भाषा का प्रशिक्षण ले रहे थे। शुक्रवार सुबह आर्मी सेंटर में जवानों ने उन्हें सैन्य सम्मान दिया। इस दौरान उनके साथियों की आँखे नम रहीं।

आवासीय बस्ती तक पहुंच रहे जंगली भैंसे

पचमढ़ी के लोगों का कहना कि जंगली भैंसे आवासीय बस्ती के पास तक पहुंचने लगे हैं। दो दिन पहले रात में होटल खालसा और पटेल रोड के पास आधा दर्जन से ज्यादा बायसन देखे गए थे। बायसनों का आवासीय इलाके तक पहुंचना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। उल्लेखनीय है कि  सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (satpura tiger reserv) में जंगली भैंसो की तादाद काफी बढ़ गई है। यहां इनकी संख्या 6600 से अधिक है। इनका वजन 400 से 1200 किलो तक हो सकता है।

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