मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग में आदिवासी ब्लॉक केसला ने भी मिलाये सुर, एसआईआर रद्द करने की उठाई मांग

-किसान मजदूर परिषद ने सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

-ज्ञापन में रखी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मुकदमा दर्ज करने और नागरिकों के मताधिकार बहाल करने की मांग

इटारसी। देश के विपक्षी दल वोट चोरी को मुद्दा बनाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर दिल्ली में सत्ता से संघर्ष कर रहे हैं। विपक्षी दलों की आवाज को और बुलंद करने के लिए नर्मदापुरम जिला का आदिवासी ब्लॉक केसला भी उठ खड़ा हुआ है। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी किसान प्रतिरोध मार्च के आह्वान पर किसान मजदूर परिषद केसला इकाई द्वारा नायब तहसीलदार केसला को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके विरुद्ध मुकदमा चलाने तथा नागरिकों के मताधिकार की रक्षा करने की मांग की गई।

चयन समिति से कैबिनेट मंत्री को हटाकर मुख्य न्यायाधीश रखें

ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र की मजबूती और सभी नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता आवश्यक है। परिषद ने मतदाता सूची से हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार बहाल करने की मांग उठाई। साथ ही निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के अधिनियम में संशोधन कर चयन समिति में प्रधानमंत्री द्वारा नामित कैबिनेट मंत्री के स्थान पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग की गई।

चुनाव सुधारों की भी उठाई गई मांग

ज्ञापन में किसानों ने व्यापक चुनाव सुधार लागू करने पर जोर दिया। इसमें आनुपातिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था लागू करने, धनबल और बाहुबल पर अंकुश लगाने तथा चुनावों के लिए राज्य द्वारा वित्तपोषण को कानूनी मान्यता देने जैसी मांगें शामिल हैं। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर संवैधानिक दायित्वों के उल्लंघन के आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने और उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की गई।

शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा की मांग

ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल से संबंधित अधिसूचना वापस लेने की मांग की गई। साथ ही प्रदर्शनकारियों, विशेषकर छात्रों और युवाओं के समर्थन में आवाज उठाते हुए पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई गई। परिषद ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। ज्ञापन में पुलिस द्वारा कथित अवैध हिरासत और घरों में प्रवेश जैसी कार्रवाई रोकने के लिए भी हस्तक्षेप की मांग की गई।

देशव्यापी प्रतिरोध मार्च के तहत सौंपा ज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े 550 से अधिक संगठनों के देशव्यापी प्रतिरोध मार्च के तहत जिला, तहसील और विकासखंड स्तर पर ज्ञापन सौंपकर एसआईआर के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया गया था। इसी क्रम में केसला में भी किसान मजदूर परिषद के सदस्यों ने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आग्रह किया। इस दौरान किसान दुलेश उईके ने ज्ञापन पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम में किसान मजदूर परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साथी फागराम, कपिल खण्डेलवाल, तारा बरकड़े, दुलेश उईके, अशोक लाविसकर, कौटिल्य साह, लक्ष्मीबाई, राखी खैमरे, ऊषा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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