नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग को जिम्मेदारों ने कमाई का जरिया बना लिया है। शासकीय मूंग खरीदी मामले में एक बार फिर बड़ी गड़बड़ी उजागर होने से सांठगांठ के स्पष्ट संकेत मिल रहे है इस बार माखन नगर स्थित कनकधारा वेयरहाउस (kanakdhara warehouse)में रखी मूंग की बोरियों में मिट्टी और कचरा मिलाकर अच्छी मूंग से खुद की जेब भरने का मामला उजागर हुआ है। करीब 21.12 करोड़ रुपए की मूंग में मिलावट का खुलासा होने के बाद वेयरहाउस को सील कर दिया गया है। इस मामले में वेयरहाउस संचालक, मप्र वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और सरकारी खरीदी करने वाली समिति की भूमिका पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। अब देखना ये है कि मूंग चोरी के इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर उन्हें सेफ निकालकर छोटी मछलियों पर फंदा कसा जाएगा। आपको बता दें कि कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में संयुक्त जांच दल ने कनकधारा वेयरहाउस का निरीक्षण किया था। जांच अधिकारियों को मूंग की बोरियों में निर्धारित मानकों से अधिक मात्रा में मिट्टी मिली। कुछ बोरियां पूरी तरह मिट्टी से भरी मिलीं। इसे गुणवत्ता मानकों का गंभीर उल्लंघन माना गया।

कनकधारा वेयरहाउस को किया सील
मूंग में कचरा और मिट्टी की मिलावट की करतूत सामने आने के बाद संयुक्त जांच दल ने वेयरहाउस को सील कर दिया। अमानक मूंग के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद वेयरहाउस संचालक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और मूंग खरीदी करने वाली समिति के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई हो सकती है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर को कनकधारा वेयरहाउस माखन नगर(makhan nagar) और कनक वेयरहाउस सेमरी हरचंद में रखी मूंग में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसके बाद एसडीएम (राजस्व) नर्मदापुरम की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति अधिकारी, उप संचालक कृषि और जिला विपणन अधिकारी का संयुक्त जांच दल बनाया गया। जांच में सरकारी भंडारित मूंग में मिट्टी मिलाने की पुष्टि हुई।
दो साल पुरानी खरीदी की है मूंग
जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन ने बताया कि कनकधारा वेयरहाउस में वर्ष 2023-24 और 2024-25 में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग रखी गई थी। वर्ष 2023 में लक्ष्मी स्व सहायता समूह और 2024 में सेवा सहकारी समिति बहाड़पुर ने खरीदी की थी। वेयरहाउस में कुल 62,862 बोरियां यानी करीब 27 हजार क्विंटल मूंग भंडारित है। इनमें 29,927 बोरियां वर्ष 2023-24 की हैं, जबकि बाकी वर्ष 2024 की हैं। जांच में सभी स्टैक में मिलावट मिली है। भंडारित मूंग की कीमत करीब 21.12 करोड़ रुपए है।
एकलव्य वेयरहाउस मामले पर पड़ा है पर्दा
जिले में मूंग चोरी का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे करीब पांच महीने पहले भी सरकारी मूंग चोरी का मामला सामने आया था। माखन नगर ब्लॉक के एकलव्य वेयरहाउस, गोरा से करीब 4 करोड़ रुपए की 9,900 बोरियां मूंग बेच दी गई थीं। उनकी जगह बोरियों में मिट्टी और रेत भर दी गई थी। यह मूंग इटारसी स्थित बालाजी इंडस्ट्रीज में खपाई गई थी।।इस मामले में पुलिस ने वेयरहाउस संचालिका आरती तोमर, उनके भाई अमित तोमर, पति नरेंद्र तोमर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है। वहीं चोरी की मूंग खरीदने वाले बालाजी इंडस्ट्रीज का एक कर्मचारी अब भी फरार है। जिससे अब भी कई राज सामने नहीं आए हैं।
सड़ने लगी एकलव्य वेयरहाउस की मूंग
फरवरी में एकलव्य वेयरहाउस से मूंग चोरी का मामला सामने आने के बाद से एकलव्य वेयरहाउस में ताला पड़ा है। यहां करीब 21.11 करोड़ रुपए की 26,397 क्विंटल मूंग रखी हुई है। इस दौरान केवल दो बार कीटनाशक का छिड़काव किया गया। 6 जुलाई को वेयरहाउस खोलने पर कई बोरियों में मूंग में कीड़े लगे मिले। अधिकारियों ने सील होने के बाद इस भंडारित मूंग पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
विभागीय प्रमुखों पर नहीं होती जिम्मेदारी तय
नर्मदापुरम जिले में लगातार मूंग खरीदी में गड़बड़ी के मामले सामने आने से जिला प्रशासन की छवि पर दाग लग रहा है। इसके बावजूद अब तक खरीदी और भंडारण से जुड़े विभागों के प्रमुख अधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी है। इससे पहले जितने मामले सामने आए हैं उनमें से किसी में भी खरीदी और भंडारण से जुड़े अफसरों पर कार्रवाई नहीं की जाना भी कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है।
इनका कहना है
शासकीय योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
सोमेश मिश्रा, कलेक्टर नर्मदापुरम