कम जानकार ग्राहकों के साथ फर्म की चालाकी
इटारसी। देश की प्रतिष्ठित खाद्य कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड का भरोसेमंद ब्रांड महाकोष बाजार में खासा डिमांड में रहता है। इस डिमांड के चलते महाकोष ब्रांड की पैकिंग की हुबहू नकल ‘महाखुश’ ब्रांड को बाजार में चालाकी से चलाने वाली फर्म चंद्रभान सदनमल की कारगुज़ारी फिर पकड़ी गई है। दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के सख्त आदेश के बाद इटारसी में पुलिस और लोकल कमिश्नर ने उक्त फर्म के प्रतिष्ठानों में छापेमारी की। इस छापेमारी में फर्म के यहां से नकली उत्पाद जब्त किए गए हैं। इससे पहले भी इस फर्म ने रुचि स्टार की नकल करके मिलती जुलती पेकिंग में रिच स्टार नाम से अपना ब्रांड बाजार में उतारा था।
महाकोष के नाम की जगह महाखुश किया नाम

आपको बता दें कि पतंजलि फूड्स लिमिटेड को शिकायतें मिल रही थीं कि इटारसी स्थित चन्द्रभान सदनमल नामक फर्म द्वारा महाखुश नाम से खाद्य तेल बेचा जा रहा है। जांच में पाया गया कि महाखुश ब्रांड की पैकेजिंग, कलर स्कीम, फॉन्ट स्टाइल और पूरी बनावट असली महाकोष की तरह रखी गई थी। बस पैकिंग पर इंग्लिश स्पेलिंग में ओ की जगह यू का प्रयोग कर उसे बदला गया था ताकि ग्राहक भ्रमित हो सके। लंबे समय से चंद्रभान सदनमल फर्म इस खेल को खेलने में लगी हुई है। रुचि स्टार ब्रांड की नकल करने के मामले में भी इसी फर्म पर एक बार पहले भी छापेमारी हो चुकी है मगर फर्म ने ये कृत्य करना बंद नहीं किया। अब दूसरी बार फर्म पर कानूनी शिकंजा कसा है।
इसलिए हुई छापामार कार्रवाई
पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से नवकार एसोसिएट्स के अधिवक्ता नम्रता जैन और विजय सोनी ने दिल्ली के वाणिज्यिक न्यायालय में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने इसे ट्रेडमार्क एक्ट 1999 और कॉपीराइट एक्ट 1957 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन माना। कोर्ट के आदेश पर 27 मार्च, शुक्रवार को इटारसी स्थित परिसर पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापा मारा। छापामार टीम का दावा है कि यहां बड़ी मात्रा में महाखुश ब्रांड का स्टॉक बरामद हुआ, जिसे तत्काल प्रभाव से सील कर कोर्ट की कस्टडी में ले लिया गया है। उल्लेखनीय है कि संबंधित फर्म चन्द्रभान सदनमल इस तरह की हरकतों की आदि हो चुकी है। पूर्व में भी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने इस फर्म के खिलाफ कार्रवाई की थी, जब यह रुचि स्टार की नकल कर रिच स्टार नाम से तेल बेच रही थी।
महाखुश बेचा तो होगी जेल
दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब महाखुश नाम से तेल का निर्माण, भंडारण, बिक्री, वितरण या विज्ञापन पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई दुकानदार या वितरक इस ब्रांड को बेचता पाया गया, तो वह कोर्ट की अवमानना का दोषी माना जाएगा। उसके खिलाफ जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।
