गर्मी में प्यासा नहीं रहेगा मेहराघाट इंटकवेल, 7 बोरवेल से भरकर शहर को देंगे पानी..

धोखेड़ा संपवेल पर लोड होगा कम
राहुल शरण, इटारसी। गर्मी जब अपने शबाब पर आती है तो तवा नदी में जलस्तर कम होने से सबसे पहले मेहराघाट(mehraghat intuckwell)पर इंटकवेल तक पानी की धार खत्म हो जाती है। इसका असर यह होता है कि इटारसी शहर को पानी सप्लाई करने में नगरपालिका का दम फूलने लगता है। गर्मी के मौसम में पूरा लोड धोखेड़ा पर आ जाता है। अब इस समस्या से इस गर्मी में निजात मिलने की उम्मीद है। इटारसी नगरपालिका(itarsi nagarpalika) ने मेहराघाट में 7 बड़े बोरवेल चालू कर लिए हैं। इन सभी की सप्लाई लाइन को मेन लाइन से जल्द ही जोड़ लिया जाएगा। यह पूरा काम इटारसी शहर की पानी की जरुरत को अगले ३० साल तक के लिए पूरा करने की मंशा से इटारसी नगरपालिका कर रही है। वाटर मैनेजमेंट के इस पूरे प्लान पर अमृत 2.० योजना(amrit 2.0) के तहत करीब 6 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
7 बोरवेलों में डाली मोटर, टेस्टिंग पूरी
वर्तमान में मेहराघाट पर जो इंटकवेल है उसकी क्षमता 1 करोड़ 55 लाख लीटर की है। यहां पर पानी फेंकने वाली 3 मोटरें हैं जिनकी क्षमता 150-१५०-१५० हॉर्सपावर की है। वहीं 20-20 हॉर्सपावर की दो मोटरें इंटकवेल के अंदर हैं। इटारसी नपा ने मेहराघाट इंटकवेल के पास सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी से वर्ष 2022 में एक सर्वे कराया था जिसमें चिन्हित जगह पर 600 से 700 मिमी व्यास का बोर कराया था जिसकी टेस्टिंग में यहां भरपूर पानी निकला था। जिसके बाद इसी तरह के 6 और बड़े बोर इंटकवेल परिसर में कराए गए हैं। इनमें मोटरें भी डाल दी गई हैं। इनसे पानी लेकर इंटकवेल को लगातार भरा जाएगा और फिर उसकी सप्लाई होगी। शहर में 5 लाख लीटर क्षमता की एक नई टंकी खेड़ा संपवेल के पास और ब्रिज के नीचे मिनिस्पल स्कूल के पास 12 लाख लीटर क्षमता की पुरानी टंकी तोडक़र दूसरी टंकी बनाई जाएगी।
धोखेड़ा और मेहराघाट हैं केंद्र बिंदु
इटारसी शहर में पानी सप्लाई करने के दो महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु यानी जल स्रोत धोखेड़ा(dhokheda) और मेहराघाट हैं। इनमें धोखेड़ा पंप वाला पूरा सिस्टम लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी यानी पीएचई विभाग ने वर्ष 19६७ में इटारसी नगरपालिका के हैंडओवर किया था तब से ही नगरपालिका वहां से पानी लेकर ९ किमी दूर इटारसी शहर में सप्लाई कर रही है। यहां 4 ट्यूबवेल हैं जिनसे पानी लिया जाता है। इसके बाद वर्ष २००८ में यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत जल आवर्धन योजना इटारसी को मिली जिसमें 14 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई थी। इस पर काम वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। धीरे-धीरे इस योजना पर लागत राशि बढ़ते हुए 24 करोड़ रुपए तक पहुंच गई थी। इसमें कुल 14 किमी की पाइप लाइन बिछाई गई और मेहराघाट पर एक इंटकवेल बनाया गया। यहां पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और बिजली सब स्टेशन भी बनाया जा चुका है।
पानी सप्लाई का यह है मौजूदा सिस्टम
वर्तमान में इटारसी शहर की प्यास बुझाने का काम धोखेड़ा और मेहराघाट दोनों से होता है मगर गर्मी में मेहराघाट का सिस्टम नदी का किनारा सूखने से धोखा देता है। धोखेड़ा से जो 9 किमी की पुरानी पाइप लाइन बिछी थी उसके जगह-जगह से लीकेज होने के बाद उससे हटकर करीब 1 किमी की पाइप लाइन बिछाकर मेहराघाट की लाइन से जोड़ा गया है। जिस जगह यह दोनों पाइप लाइन जुड़ी हैं वहां से इटारसी शहर की दूरी करीब ४.५ किमी है। इस जंक्शन से ठीक पहले एक वॉल्ब मेहराघाट की मेन पाइप लाइन में लगाया गया है। धोखेड़ा सिस्टम के चालू होने पर वॉल्ब बंद कर दिया जाता है। जब मेहराघाट के इंटकवेल को भर लिया जाता है तो इस वॉल्ब को खोलकर शहर में पानी सप्लाई किया जाता है।
एक नजर में मेहराघाट प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट स्थल-मेहराघाट
इंटकवेल क्षमता-१.५५ करोड़ लीटर
संपवेल की क्षमता-४.५० लाख लीटर
मोटरों की संख्या कुल संख्या-०५
पानी फेंकने वाली मोटर-०३ नग/१५० एचपी प्रति मोटर
इंटकवेल में अंदर मोटर-०२ नग/२० एचपी प्रति नग
इंटकवेल परिसर में बोर होंगे-०४
प्रत्येक बोर का व्यास-७०० मिमी
इनमें मोटर डलेगी-३० एचपी प्रति मोटर
एक ट्यूबवेल से पानी सप्लाई-३ एमएलडी
धोखेड़ा सिस्टम की तस्वीर
धोखेड़ा सिस्टम की उम्र-करीब ६० साल
ट्यूबवेलों की कुल संख्या-०५
चालू हालत में ट्यूबवेल-०४
बंद हालत में ट्यूबवेल-०१
इससे भरने वाली टंकी-न्यास कॉलोनी व ब्रिज के नीचे वाली टंकी
शहर में टंकियों की स्थिति
टंकी स्थल- क्षमता
शासकीय अस्पताल-८ लाख लीटर
कमला नेहरू पार्क-८ लाख लीटर
पुराना जनता स्कूल-८ लाख लीटर
सूखा सरोवर मैदान-८ लाख लीटर
प्रस्तावित खेड़ा संपवेल टंकी-५ लाख लीटर
प्रस्तावित ब्रिज के नीचे वाली-१२ लाख लीटर
पुरानी इटारसी की दूर होगी समस्या
गर्मी में पेयजल सप्लाई की सबसे बड़ी समस्या पुरानी इटारसी के कई वार्डों में होती है। मेहराघाट पर ७ नए बड़े ट्यूबवेल बनने के बाद ओवरब्रिज के पास बनी पुरानी टंकी को भरा जाएगा। इसके बाद पुरानी इटारसी में सप्लाई दी जाएगी जिससे पुरानी इटारसी में पानी की बड़ी किल्लत दूर हो जाएगी। बाद में पुरानी टंकी को तोडक़र नई टंकी बनाई जाएगी जिससे पुरानी इटारसी के लिए अलग से सप्लाई सिस्टम दिया जाएगा।
इनका कहना है
मेहराघाट पर सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी से सर्वे कराकर एक टेस्ट बोर कराया था वहां पर भरपूर पानी मिला है। ऐसे ७ और बड़े बोर कराए हैं जिससे गर्मी में भी इंटकवेल आसानी से भरा जा सकेगा और उसकी सप्लाई गर्मी में भी आसानी से की जा सकेगी। इन कामों के होने के बाद इटारसी शहर के लिए वष 2050 तक की पानी की चिंता दूर हो जाएगी।
रितु मेहरा, सीएमओ इटारसी
इटारसी नगरपालिका ने मेहराघाट पर एक बड़ा प्रयोग किया था जो सफल रहा है। मेहराघाट के इंटकवेल को गर्मी में भी पानी से भरा रखने के लिए 7 बड़े बोर कराए है। ये जगह हमें सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी के सर्वे के बाद मिली हैं। इससे गर्मी में धोखेड़ा पर भी लोड कम होगा तथा इससे करीब २५ साल की पानी की समस्या हल हो जाएगी।
पंकज चौरे, नपाध्यक्ष इटारसी