नर्मदापुरम जिले में फिर एक टाइगर सो गया मौत की नींद, अब कारण जानने अफसर लगा रहे दौड़….

इटारसी। नर्मदापुरम जिले में टाइगर (tiger)सुरक्षित नहीं रह पा रहे है। जिले में अब एक और टाइगर के मौत की नींद सोने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जिम्मेदारों नींद उड़ गई है। टाइगर का यह शव (tiger dead body) इटारसी वन परिक्षेत्र के तवानगर (tawanagar forest) स्थित जंगल में बुधवार दोपहर में मिलने के बाद हड़कंप मचा हुआ हुआ है। टाइगर प्राकृतिक मौत मरा है या फिर उसे शिकार बनाया गया है अभी तक इस रहस्य से पर्दा नही उठा है। टाइगर का शव मिलने की सूचना मिलते ही वन विभाग के सीसीएफ अशोक कुमार चौहान, इटारसी रेंजर अभिषेक शर्मा और वन अमला तत्काल तवानगर के रानीपुर जंगल की ओर रवाना हो गया है। अधिकारी अपने साथ मौके पर डॉग स्क्वायड और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी विशेषज्ञ डॉक्टर भी लेकर पहुंचे हैं ताकि टाइगर की मौत के प्रारंभिक कारणों का या उसकी मौत के जिम्मेदारों का पता लगाया जा सके।  वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक टाइगर की मौत मंगलवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। बुधवार को इस शव के पड़े होने की जानकारी सामने आई। जानकारी मिलने पर अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए थे। चूंकि वन विभाग की टीम जंगल में गई है और वहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या आती है इस वजह से  सीसीएफ, डीएफओ और रेंजर सभी के फोन नहीं लग पा रहे है। डॉग स्क्वायड की मदद से शव मिलने वाले स्थान के आसपास इस बात के सबूत भी तलाशे जा रहे हैं कि अगर शिकार हुआ है तो शिकारी किस तरफ गए होंगे।

मई 2025 में सांभर को मारा था

तवानगर में तवा डैम (tawa dam)के पास रानीपुर का जंगल सामान्य वन मंडल में आता है। दूसरा हिस्सा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कोर और बफर क्षेत्र में है। इन दोनों ही हिस्सों में कथित तौर पर शिकारियों की सक्रियता देखी जा चुकी है। मई 2025 में इसी जंगल में कुछ शिकारियों ने सांभर का भी शिकार किया था। उस समय वनकर्मियों को बंदूक दिखाकर शिकारी भाग निकले थे।

22 अगस्त 25 को काटा था बाघ का पंजा

इस क्षेत्र में टाइगर (tiger hunt) से जुड़ी कई गतिविधियां होती रही है। सांभर के शिकार के बाद 22 अगस्त 2025 को तवा नदी में एक बाघ का शव मिला था जिसका पंजा कटा हुआ मिला था। जांच में यह सामने आया था कि पंजा शिकारी काटकर ले गए थे। यह पूरी जांच स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने की थी। इस घटना को हुए 5 म्हाने से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है मगर अभी तक न शिकारी पकड़ में आए हैं और ना इसका खुलासा हुआ है कि टाइगर को मौके पर ही मारा था या उसका शव लाकर वहां छोड़ा गया था।