जी राम जी योजना में फेस आईडी से लगेगी मजदूरों की अटेंडेंस, सीधा बैंक खाते में जाएगा पैसा…

प्रदेश के परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताई योजना की खासियतें

नर्मदापुरम। हर गरीब को निश्चित गारंटी से रोजगार मिले और उसकी गरिमा का पूरा सम्मान हो। गरीब जनजातीय वर्ग और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले इसके लिए जी राम जी योजना का नया ढांचा तैयार किया गया है। नई योजना में काम के दिन ज्यादा होंगे साथ ही मजदूरों को पारिश्रमिक भी जल्दी मिलेगा। योजना में अब मजदूरों की फेस आईडी मशीन से उपस्थिति दर्ज होगी और मजदूरी का भुगतान सीधे खाते में जाएगा।                                         उक्त जानकारी प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी। मंत्री राव ने बताया कि जी राम जी योजना के अंतर्गत हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के काम की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले, अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को 25 दिन का और अतिरिक्त रोजगार दिया जाएगा उन्हें कुल मिलाकर 150 दिन का रोजगार दिया जाएगा।

ये रहेगा सिस्टम

मंत्री राव ने बताया कि जी राम जी रोजगार गारंटी की योजना है इसमें पूरी पारदर्शिता रखी गई है। जहां पहले मजदूरो को नगद भुगतान किया जाता था जिसमें भ्रष्टाचार की व्यापक संभावना रहती थी, उन सब आशंकाओं को खत्म करते हुए इस योजना में मजदूरों को उनके पारिश्रमिक का भुगतान उनके बैंक खातों में कैशलेस किया जाएगा। फेस आईडी मशीन से मजदूरों की अटेंडेंस ली जाएगी और गारंटी से 125 दिनों तक उन्हें रोजगार मिलेगा।

योजना में अब तक 11.74 लाख करोड़ खर्च

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड रुपए खर्च हूए हैं। जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड रुपए खर्च किए हैं। वर्ष 2005 में मनरेगा योजना शुरू हुई थी लेकिन अब इतने वर्षों पश्चात भारत का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी 25.7% से घटकर 2023 –24 में 4.86% रह गई है। साथ ही कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है और आजीविका में विविधता आई है। पुराना ओपन ऐडेड मॉडल अब आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से बिल्कुल मेल नहीं खाता है। 2005 में हमारी जरूरते अलग थी अब हमारी जरूरत अलग है। इसलिए मोदी सरकार ने इस ग्रामीण रोजगार योजना जी राम जी को 2025– 26 की आवश्यकताओं के साथ पुनः व्यवस्थित किया है।

बुवाई-कटाई के समय होल्ड पर होगी योजना

मंत्री राव ने कहा कि विकास की संभावना कभी खत्म नहीं होती है। रोजगार हर हाल में लोगों को मिले इसकी चिंता हमारी सरकार ने की है।  पिछले एक दशक में रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हुए हैं। इसलिए अभी मात्र 5% गांव में ही रोजगार की आवश्यकता पड़ेगी। मंत्री राव ने बताया कि जी राम जी बिल में प्रावधान किया गया है की बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन काम बंद कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बुवाई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होने देना है। जैसे ही बुवाई और कटाई खत्म हो जाएगी वैसे ही फिर जी राम जी योजना में कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नए बिल एवं योजना में हर हफ्ते मजदूरों को पेमेंट किया जाएगा।

एक ही परिवार के नाम पर थी सभी योजनाएं

मंत्री राव ने बताया कि मनरेगा का नाम बदलने की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि एक परिवार पर सभी योजनाएं थी, जो अब वर्तमान परिदृश्य में प्रासंगिक नहीं रही। आज का भारत इसे पसंद नहीं करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने यहां किसी के नाम की परियोजना का नामकरण नहीं किया बल्कि उन्होंने इसे सेवा से जोड़ा है। राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन, राजपथ का नाम कर्तव्य पथ, रेस कोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग, प्रधानमंत्री कार्यालय पीएमओ का नाम सेवा तीर्थ किया है।

यह रहे मौजूद

वार्ता के दौरान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉक्टर सीता सरन शर्मा, राज्यसभा सांसद  माया नारोलिया, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह, सिवनी मालवा विधायक  प्रेम शंकर वर्मा, नगर पालिका नर्मदापुरम की अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीति पवन शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद थे