ना हाथ आई रिश्वत की रकम, ना कानून के पंजे से बच सकी कॉलर, जिला सहकारी बैंक मैनेजर की इज्जत पर पुती कालिख.…

जिला सहकारी बैंक प्रबंधक बबला दुबे 20 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
नर्मदापुरम। सोहागपुर में जिला सहकारी बैंक के मैनेजर को एक सहकारी समिति के कर्मचारियों का वेतन और हम्मालों की मजदूरी का बिल निकालने के मामले में परसेंटेज यानी रिश्वत मांगना महंगा पड़ गया। बैंक मैनेजर के हाथ ना तो रिश्वत की 20 हजार की रकम आई और ना ही उनका गिरेबाँ कानून के पंजों से बच सका, उल्टा उस परसेंटेज के चक्कर में बैंक मैनेजर की इज्जत पर और कालिख पुत गई। यह सब कुछ हुआ लोकायुक्त के बिछाए जाल में फंसने की वजह से, जिसके बाद पूरे जिला सहकारी बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया।

यह है मामला

सोहागपुर स्थित जिला सहकारी बैंक मैनेजर दिनेशचंद्र दुबे उर्फ बबला दुबे द्वारा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के सहायक प्रबंधक से समर्थन मूल्य पर की गई धान खरीदी के हम्मालों के भुगतान सहित कर्मचारियों के वेतन निकालने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन रिश्वत के रूप में मांगा जा रहा था। बैंक मैनेजर के दबाव से परेशान समिति प्रबधंक कैलाश कुशवाहा ने लोकायुक्त में शिकायत कर दी। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर गुरुवार को दोपहर बाद सोहागपुर सहकारी बैंक के मैनेजर दिनेश चंद्र दुबे उर्फ़ बबला दुबे को 20 हजार की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया गया।

2 लाख का चेक होना था क्लियर


शासकीय समर्थन मूल्य पर मूंग और धान की खरीदी से सम्बंधित बिल के भुगतान को लेकर समिति प्रबंधक और बैंक मैनेजर के बीच कहासुनी की जानकारी सामने आ रही थी। जानकारी के अनुसार जिला सहकारी बैंक मैनेजर दिनेश चंद्र दुबे निवासी नर्मदापुरम द्वारा सोहागपुर समिति प्रबंधक कैलाश कुशवाहा से प्रत्येक एक लाख के बिल का भुगतान करने पर 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रहा थी। समिति प्रबंधक कैलाश कुशवाहा द्वारा हम्माली के भुगतान के लिए 2 लाख का चेक बेंक में लगाया गया था जिस पर 20 हजार रूपये कमीशन बैंक मैनेजर दुबे द्वारा मांगा गया था।

लोकायुक्त ने की घेराबंदी

इस मामले की शिकायत समिति प्रबंधक कैलाश कुशवाहा द्वारा लोकायुक्त भोपाल पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर को गई। शिकायत का सत्यापन कराये जाने के बाद ट्रैप दल गठित कर भेजा गया। गुरुवार को 3 बजे के लगभग कार्यवाई करते हुये बैंक मैनेजर दिनेश चन्द्र दुबे को 20हजार की रिश्वत के साथ पकड़ा गया है। आरोपी के विरुद्ध भृष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( संसोधन) 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाई की गई है। लोकायुक्त ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक बीएम द्ववेदी, निरीक्षक रजनी तिवारी, प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी,मुकेश पटेल, आरक्षक मुकेश परमार, चेतन्य प्रताप सिंह शामिल रहे।