होम साइंस कॉलेज प्राचार्य डॉ कामिनी जैन की बढ़ी मुश्किल, खेल सामग्री खरीदी में गड़बड़ी की आयुक्त को शिकायत

नर्मदापुरम विधायक ने आयुक्त उच्च शिक्षा को पत्र

नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय स्थित होम साइंस कॉलेज में सब कुछ ऑल इज़ वेल का दावा करने वाली प्राचार्य डॉ कामिनी जैन के दावों की हकीकत खेल सामग्री खरीदी के मामले में हुई एक शिकायत ने खोलकर रख दी है। प्राचार्य डॉ कामिनी जैन के कार्यकाल में यह अपने तरह का अनूठा मामला सामने आया है जिसमें कॉलेज में खेल सामग्री मिले बिना ही 9 लाख रुपए भुगतान करने की शिकायत खुद विधायक डॉ सीतासरन शर्मा ने आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग से की है। इस एक अकेले मामले ने इस बात की संभावना बढ़ा दी है कि कॉलेज के लिए हुई अन्य सामग्री की खरीदी में अन्य तरहों की गड़बड़ियों को अंजाम दिया गया हो।

यह है मामला

होम साइंस कॉलेज में क्रय की गई खेल सामग्री के नाम पर कथित हेराफेरी करने का मामला सामने आने के बाद से ही कॉलेज प्राचार्य डॉ कामिनी जैन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। प्राचार्य कामिनी जैन कुछ समय बाद रिटायर होने वाली हैं ऐसे में उनके कार्यकाल में निकला खेल सामग्री खरीदी में गड़बड़ी का यह जिन्न उनके लिए बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है। इस मामले में यह शिकायत हुई है कि खरीदी गई सामग्री होम साइंस कॉलेज को मिली नहीं लेकिन प्राचार्य कामिनी जैन ने स्टॉक पंजी दिखाकर लाखों रुपए का भुगतान करवा दिया।

तहसीलदार को भेजा, मामला हुआ उजागर

गुरुवार को विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने कलेक्टर को इसकी जानकारी दी। इसके बाद तहसीलदार सरिता मालवीया ने कॉलेज पहुंचकर जांच की तो मामला उजागर हुआ। विधायक आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग को भी में पत्र भेजा है। कॉलेज में की जांच पाया गया कि लगभग 9 लाख 47 हजार रुपए की खेल सामग्री का क्रय किया था। यह सामग्री अभी तक कॉलेज को नहीं मिली है। प्राचार्य जैन ने कॉलेज के स्टाक रजिस्टर में सामग्री पाई इसका उल्लेख लिखा है। इतना ही नहीं ट्रेजरी से सामग्री प्रदाय करने वाले भोपाल की फर्म को भुगतान कर दिया है। गड़बड़ी पकड़ने के बाद से कॉलेज में हलचल मच गई है। कॉलेज प्राचार्य कक्ष में दिनभर कॉलेज के अधिकारियों कर्मचारियों की आवाजाही होती रही।

विधायक के सवालों से हुआ खुलासा, शिकायत हुई

नर्मदापुरम विधायक डॉ सीतासरन शर्मा को होम साइंस कॉलेज में खेल सामग्री खरीदी के नाम पर हुई इस कथित गड़बड़ी की भनक लगी थी। मामले पर संज्ञान लेकर विधायक डॉ शर्मा ने कॉलेज जाकर प्राचार्य से क्रय की गई खेल सामग्री की जानकारी ली। इसमें प्राचार्य के द्वारा की गई गड़बड़ी सामने आ गई। विधायक डॉ. शर्मा ने इसकी उच्च शिक्षा आयुक्त को भी पत्र लिखकर खेल सामग्री में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत की है। डॉ शर्मा का कहना है कि 6.30 लाख रुपए सरकारी मद से आवंटित किए थे जिसमें से 6 लाख 48 हजार  का सामान खरीदना बताया। सामान आया नहीं और रिसीव कर लिया  वाउचर बना दिए और रजिस्टर में रिसीव की एंट्री भी हो गई । सेंट्रल स्टाफ ने भी सामान रिसीव हुआ कहकर पेमेंट का ब्राउज़र भेज दिया। अब पेमेंट रुकवाया गया है। ट्रेजरी अफसर को फोन किया गया है । विधायक का कहना है कि इस संबंध में कलेक्टर और कमिश्नर को भी अवगत करा दिया है। वहीं हायर एजुकेशन में भी कंप्लेंन मेल की से भेज दी गई है। अब आगे शासन कार्रवाई करेगा। अब पूरी जांच कराई जाएगी और इसके साथ ही जन भागीदारी से भी बच्चों के लिए बॉल खरीदी गई थी, इस पर भी संज्ञान लेकर जांच होगी।

लंबे समय से हैं पदस्थ

होम साइंस कॉलेज में प्राचार्य डॉ कामिनी जैन लंबे समय से पदस्थ हैं। उच्च शिक्षा विभाग की ट्रांसफर लिस्ट में लंबे समय से उनका नाम नहीं आना भी कई सवाल खड़े करता है। प्राचार्य कामिनी जैन का होम साइंस कॉलेज में खासा दखल है जिसके चलते कालेज में अंदरूनी तौर पर होने वाली गतिविधियों की जानकारी बाहर नहीं आती है मगर इस मामले के लीक होने ने उनके लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। अगर जांच में लीपापोती नहीं हुई तो सारा सच सामने आ जाएगा।

इनका कहना है

खेल सामग्री मामले में गड़बड़ियां की शिकायत मिली थी। प्राथमिक जानकारी में कुछ गड़बड़ियां मिली है। गहराई से जांच को लेकर उच्च शिक्षा आयुक्त भोपाल को पत्र लिखा गया है।

डॉ सीताशरण शर्मा, विधायक नर्मदापुरम

जांच कर रिपोर्ट तैयार की गई है । प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है और इसके बाद आगे की जांच कर कार्यवाही होगी।

सरिता मालवीय, तहसीलदार नर्मदापुरम


जो खेल सामग्री आई है वह शासकीय निधि द्वारा लाई गई है।  उसकी जनभागीदारी समिति के फंड से ख़रीदी नहीं हुई है। इसकी कीमत लगभग 6 लाख रुपए है। नियम के अनुसार कार्य किया जा रहा है। गड़बड़ी करने की जो बातें हो रही है वे निराधार हैं।

कामिनी जैन, प्राचार्य गृह विज्ञान महाविद्यालय

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