
नर्मदापुरम। पथरौटा पुलिस ने एक कार में अवैध शराब परिवहन की सूचना पर उसकी घेराबंदी कर पकड़ने का प्रयास किया। कार चालक ने पुलिस टीम को देखकर कार रिवर्स कर वापस बैतूल की ओर भागने का प्रयास किया मगर पकड़ा गया। कार में कांग्रेस नेता रमेश बामने का पुत्र मनोज बामने और एक महिला सवार थी खुद पुलिसकर्मी भी इस घटनाक्रम में कांग्रेस नेता पुत्र की संलिप्तता से सकते में दिखे। मनोज बामने की क्रेटा कार से 38 पेटी अंग्रेजी ब्रांड की शराब जब्त की गई। पुलिस ने इस मामले प्रकरण दर्ज कर लिया है।
6 किमी तक भगाई कार
पथरौटा पुलिस के मुताबिक आरोपी मनोज बामने ने पुलिस को देख गाड़ी भगा दी थी। जिसका पथरौटा थाना प्रभारी मोनिका गौर, एएसआई दुर्गेश मालवीय, प्रधान आरक्षक दिनेश उइके, दीपक, जय प्रकाश, हरीश, नितेश की टीम ने 6 किमी पीछा किया और रात 2 बजे उसे पकड़ लिया। आरोपी ने गाड़ी से उतरकर भागने की कोशिश भी की। लेकिन मनोज बामने और उसके साथ बैठी महिला ममता उईके को अरेस्ट कर लिया गया। बैतूल से शराब लेकर इटारसी में खपाने के लिए लाई जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर महिला पुलिस अधिकारी मोनिका गौर टीम के साथ जंगल में स्थित 11 मुखी हनुमान मंदिर के पास रात 2 बजे पहुंच गई। पुलिस को देखते ही आरोपी ने गाड़ी रिवर्स की और वापस बैतूल तरफ दौड़ा दी। जिसका पुलिस टीम ने पीछा कर केसला के पहले पकड़ लिया।
डोलरिया में पकड़ाया नाबालिक
डोलरिया में भी एक दिन पहले नाबालिग को शराब तस्करी करते पकड़ा। जो सिवनी मालवा की शराब दुकान से शराब लेकर नर्मदापुरम में बेचने के लिए ले जा रहा था। पुलिस ने नाबालिग के बैग से 16 हजार रुपए कीमत की 4 पेटी (200 क्वार्टर) देशी प्लेन मदिरा जब्त की है। नाबालिग यह शराब सिवनी मालवा स्थित राहुल जायसवाल ग्रुप की ‘बाबूजी लीकर्स’ दुकान से खरीदकर नर्मदापुरम खपाने ले जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुखबिर की सूचना पर पकड़ाया, बैग में रखे थे 200 क्वार्टर
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक बाइक से अवैध शराब लेकर जा रहा है। सूचना के आधार पर डोलरिया पुलिस टीम ने इटारसी तिराहा बस स्टॉप पर चेकिंग की और बाइक लेकर खड़े संदिग्ध नाबालिग का बैग चेक किया। बैग में देशी प्लेन मदिरा के 200 क्वार्टर रखे मिले, जिनकी कुल कीमत 16 हजार रुपए है। पकड़ा गया नाबालिग मूल रूप से सांगाखेड़ा खुर्द (थाना माखननगर) का रहने वाला है और वर्तमान में नर्मदापुरम में आईटीआई के पास रहता है।
शराब दुकान के गद्दीदार से साठगांठ कर लाया था शराब
डोलरिया थाना प्रभारी प्रवीण चौहान ने बताया, “पूछताछ के दौरान आरोपी ने कहा कि अवैध शराब सिवनीमालवा में एचपी पेट्रोल पंप के पास वाली अंग्रेजी शराब दुकान के गद्दीदार आकाश उर्फ विकास के साथ साठगांठ कर परिवहन लाया था। अवैध शराब के इस प्रकरण में शराब दुकान के लाइसेंसी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।”
शराब दुकान लाइसेंसी से भी होगी पूछताछ
आबकारी विभाग के अनुसार, सिवनी मालवा में एचपी पेट्रोल पंप के पास स्थित यह शराब दुकान ‘बाबूजी लीकर्सफर्म के नाम पर है, जो राहुल जायसवाल ग्रुप की है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने प्रथम दृष्टया दुकान और गद्दीदार का नाम बताया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि शराब वास्तव में इसी दुकान से निकली है या नहीं। इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस शराब दुकान के लाइसेंसी से भी पूछताछ करेगी।
इनका कहना है
बैतूल से इटारसी कार से अवैध शराब के परिवहन की टिप मिली थी। अवैध शराब परिवहन के मामले में मनोज बामने और एक महिला को पकड़ा गया है। कार और शराब मिलाकर करीब 11 लाख का मशरूका जब्त किया गया है। किसी भी तरह की कोई गलत कार्रवाई नहीं की गई है।
मोनिका गौर, थाना प्रभारी पथरौटा
बामने परिवार का पक्ष
पथरौटा पुलिस द्वारा मनोज बामने को एक एक्सीडेंट हुई गाड़ी के पीछे वाली i20 कार में केसला थाना क्षेत्र से टोचन द्वारा ले जाया जा रहा था। बात करने पर पुलिस द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जा रही थी। पहला सवाल यह है कि केसला थाने से ओवरटेक करके गाड़ी दूसरे थाना क्षेत्र में पुलिस कर्मचारियों लेकर क्यों जा रही थी। केसला थाने को छोड़कर के यहां आने का क्या कारण रहा। हमारे भाई मनोज बामने शादी समारोह में बैतूल गए हुए थे। उनकी मोबाइल टावर लोकेशन से यह जानकारी लग सकती है परंतु बामने परिवार के बेटे के ऊपर जानबूझकर पुलिस द्वारा झूठी कार्रवाई करने की साजिश संभवतः शराब ठेकेदारों की मिलीभगत से की जा रही है जिसकी वीडियो हमारे पास उपलब्ध है। हमारे द्वारा वीडियो बनाने पर वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश भी की गई थी। पुलिस की पूरी कार्यवाही संदिग्ध है उसमें कोई पारदर्शिता नही है जबकि आज के सोशल मीडिया के समय मे नियमानुसार पारदर्शिता आवश्यक है। जो कि वीडियो से स्पष्ट है। थाने के वीडियो में शायद यह भी देखने को मिलेगा कि शराब ठेकेदार के लोग शराब की पेटियां पुलिस को उपलब्ध करा रहे है जो मिलीभगत का सबूत हो सकता है।
