रेल विभाग ने नपा को भेजी 5 लाख की डिमांड, राशि जमा होने के बाद बिछेगी पाइप लाइन

मेहराघाट में खोदे गए आधा दर्जन बोरवेल में डाली गई बड़ी मोटरें
इटारसी. मेहराघाट (mehraghat project)में खोदे गए 6 बोरवेलों में बड़ी मोटरों को इन्स्टॉलेशन हो गया है और उनकी सप्लाई लाइन का कनेक्शन संपवेल से कर दिया गया है। संपवेल से जो पानी छोड़ा जाएगा उसके लिए पाइप लाइन बिछाने का काम धोखेड़ा के पास रेलवे लाइन एरिया में अटका हुआ है। रेल विभाग ने इटारसी नगरपालिका को 5 लाख रुपए की डिमांड भेजी है। यह राशि जमा होने के बाद ही रेल विभाग से रेलवे लाइन के नीचे से पाइप लाइन बिछाने की अनुमति मिलेगी। इटारसी नगरापालिका इसी सप्ताह यह राशि जमा करने जा रही है जिसके बाद पाइप लाइन बिछाने का काम चालू कर दिया जाएगा।
24 करोड़ की योजना के बाद भी जुगाड़
शहर में जलावर्धन योजना के लिए 24 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी पर्याप्त पानी (wter crisis)नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए नगरपालिका परिषद इटारसी ने मेहराघाट में 6 बोरवेल खुदवाए हैं। इन बोरवेलों में मोटरें डालकर उनका इन्स्टॉलेशन किया जा चुका है। यह काम अमृत-2 योजना के तहत कराया जा रहा है मगर अब तक यह काम पूरा नहीं हुआ है। नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी रेलवे की अनुमति मिलने के बाद 15 दिन के अंदर काम खत्म कर पानी सप्लाई चालू करने का दावा कर रहे हैं।
इन इलाकों में है जल समस्या
उल्लेखनीय है कि पुरानी इटारसी, नरेंद्र नगर और सोनासांवरी नाका इलाके में गर्मी के दिनों में लोग टैंकर के भरोसे रहते हैं। मेहराघाट पंप हाउस के पास तवा नदी पर जिस जगह इंटकवेल बनाया गया है, वह गर्मी में पानी की धार से दूर हो जाता है। ऐसे में तवा नदी का पानी उतरते ही इंटकवेल में रेत भर जाती है। यही वजह है जल आवर्धन योजना से पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही है। इस समस्या से निपटने इटारसी नपा ने यहां ६ बोरवेल कराए हैं।
पाइपलाइन में प्रेशर से हो रहे लीकेज
शहर में घरों-घर पीने का पानी पहुंचाने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन 40 साल से भी अधिक पुरानी हो चुकी है। ज्यादातर पाइपलाइन भूमिगत है। लोहे की इन पाइपलाइनों में जंग लग चुकी है। ऐसे में ज्यादा प्रेशर की वजह से इनमें लीकेज हो रहे हैं। जिससे लोगों के घरों में गंदा पानी आने की समस्या आती है। पुरानी हो चुकी पाइपलाइन को बदलने के लिए टेंडर किए गए, लेकिन काम अब तक अधूरा है।
घरों के बाहर झूल रहे पाइप
शहर में जल आवर्धन योजना(jalawardhan yojna) से घर-घर पानी पहुंचाने के लिए 19 करोड़ रुपए से पाइपलाइन बिछाई गई। शहर के सभी 34 वार्डों में 140 किमी पाइपलाइन बिछाना है। इसमें से अब तक करीब 90 किमी लाइन बिछाई गई है। न्यास कॉलोनी, मालवीयगंज, पुरानी इटारसी सहित अन्य क्षेत्रों में पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है। नई पाइपलाइनों से पानी आया भी नहीं और कई जगह डिस्ट्रीब्यूशन लाइन तक क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ठेकेदार ने चमचमाती सडक़ों को खोदकर पाइपलाइन बिछाए और घरों के बाहर कनेक्शन का पाइप टांग दिया है। घरों के बाहर खुले में रखे गए पाइप भी क्षतिग्रस्त होने लगे हैं।
भूमिपूजन के बाद नहीं बनी पानी की टंकी
जलावर्धन योजना में शामिल नाला मोहल्ला में पानी टंकी बनाने का काम अब तक शुरू नहीं किया। जबकि टंकी निर्माण के लिए भूमिपूजन तक किया जा चुका है। योजना से शहर में पांच पानी की टंकी का निर्माण होना था। जिसमें से जनता स्कूल आसफाबाद, सरकारी अस्पताल परिसर, कमला नेहरू पार्क और पुरानी इटारसी सूखा सरोवर मैदान में पानी टंकी बनाई जा चुकी है। नाला मोहल्ला में पानी टंकी का निर्माण नहीं कराया गया है।
इनका कहना है
तवा नदी से शहर में पानी की सप्लाई करने के लिए मेहराघाट संपवेल के पास छह बोरवेल खनन कराए गए हैं। उनमें मोटर भी डल चुकी है। रेल विभाग ने पाइप लाइन बिछाने के लिए 5 लाख की डिमांड भेजी है। जल्द ही राशि जमा कराने के बाद पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।

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