रिश्वत मांगने और किसानों से धोखाधड़ी करना पड़ा महंगा, कलेक्टर ने किया सस्पेंड..

शासकीय कार्यों में लापरवाही पर लिया एक्शन

नर्मदापुरम। अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर के प्रतिवेदन के आधार पर तहसील सोहागपुर में पदस्थ राजस्व निरीक्षक गुलाबचंद उईके को कलेक्टर सोमेश मिश्रा द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध सीमांकन एवं अन्य शासकीय कार्यों में आमजन से निरंतर रिश्वत मांगने तथा कृषकों के साथ धोखाधड़ी करने संबंधी गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। प्राप्त शिकायत पत्रों एवं शपथ पत्रों का परीक्षण किए जाने पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि संबंधित शासकीय सेवक का आचरण अपेक्षित नहीं है तथा उनके कृत्यों से प्रशासन की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त उनके विरुद्ध अन्य गंभीर शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं। उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1), 3(2) एवं 3(3) के विपरीत पाए गए, जो दंडनीय श्रेणी में आते हैं। कलेक्टर कार्यालय द्वारा उईके को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। प्रस्तुत जवाब का परीक्षण करने पर वह समाधानकारक नहीं पाया गया। इसके बाद प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1966 के नियम-9 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में गुलाबचंद उईके का मुख्यालय भू-संसाधन प्रबंधन शाखा, नर्मदापुरम निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कार्य जिससे जिससे प्रशासन की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है एवं प्रशासन की छवि धूमिल होती है ऐसे किसी भी कार्य को स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। साथ ही ऐसा पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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