भाजपा की पार्षद सभापति ने लिखा पत्र तो कांग्रेस हुई मुखर, भाजपा के जनप्रतिनिधियों को बताया नौटंकीबाज..

जलसंकट के मुद्दे पर घेरने और जनता के बीच घिराने से बचने की कवायद

इटारसी। नगरपालिका चुनाव में अब केवल साल डेढ़ साल का ही वक्त बचा है। इन चुनावों को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही राजनीतिक दलों ने अपना प्लेटफॉर्म मजबूत करने की मंशा से तमाम प्रयास करने शुरू कर दिए है। गर्मी के इस मौसम में शहर में इस वक्त जल संकट ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। कई वार्डों में हालात बेहद खराब है जिसके चलते नपा प्रशासन इन वार्डों में टैंकरों के भरोसे लड़ाई जीतने के प्रयास में जुटी हुई है। कुछ पार्षदों ने अपने वार्डों में जल संकट के समाधान निपटने में खुद को असमर्थ पाते हुए पत्राचार का खेल किया है और जनता के बीच अपनी रेपो की माइनस मार्किंग रोकने की चेष्टा की है तो कुछ पार्षदों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वार्डवासियों के साथ नपा कार्यालय में भी आवाज उठाने से परहेज नहीं किया है। इन सब कवायदों के केंद्र बिंदु में लोगों को जल संकट से राहत दिलाने के साथ अपनी सीट भी सुरक्षित रखने का भाव है। पार्षदों के इस पत्राचार वाले गेम पर कांग्रेस मुखर है और इसे पब्लिक डोमेन में इसे सिर्फ नौटंकी बता रही है। दरअसल नपा में सभापति अमृता मनीष ठाकुर ने अपने वार्ड की जल समस्या को लेकर जो पत्र सीएमओ को लिखा है उसके बाद नगर कांग्रेस ने इस मुद्दे की आड़ में तमाम भाजपा पार्षदों को लपेटने का प्रयास किया है। सोशल मीडिया पर शूरु हुआ ये वॉर आने वाले दिनों में और दिलचस्प होने वाला है।

क्या लिखा सभापति ने पत्र
वार्ड क्रमांक 13 न्यास कॉलोनी में दूषित पानी एवं पेयजल संकट को लेकर पार्षद अमृता मनीष ठाकुर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र देकर तत्काल पाइप लाइन कार्य पुनः प्रारंभ करने एवं नियमित स्वच्छ जल प्रदाय तुरंत चालू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी की शिकायत करना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। पूर्व में टैंकरों से जल प्रदाय बंद करने के आदेश के बावजूद समस्या बनी हुई है, जिससे नागरिकों में भारी आक्रोश है।

कांग्रेस बोली भाजपाई जनप्रतिनिधि कर रहे नौटंकी
नगर कांग्रेस कमेटी इटारसी ने नगर पालिका परिषद के सभापति पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कोई जनप्रतिनिधि जिम्मेदारी वाले पद पर रहते हुए भी समस्याओं के समाधान के बजाय केवल पत्र लिखने तक सीमित रह जाए, तो यह जनता के साथ न्याय नहीं है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी ने कहा कि नगर पालिका परिषद में सभापति रहते हुए यदि शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा और सिर्फ पत्राचार कर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है, तो ऐसे जनप्रतिनिधि को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता ने समस्याओं के निराकरण और जवाबदेही के लिए जनप्रतिनिधि चुना है, केवल शिकायत या पत्र लिखने के लिए नहीं। शहर की समस्याओं को लेकर जवाबदेही तय होना चाहिए और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। जनता अब ऐसे भाजपाई जनप्रतिनिधियों की नौटंकी को समझने लगी है। परिषद की बैठक में भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने केवल भागने का काम किया है।
इनका कहना है
शहर में जहां से भी जल समस्या की शिकायत आ रही है उसका तत्काल निराकरण किया जा रहा है। परिषद के सभी साथी इस परेशानी से भरे समय में मिलकर काम कर रहे हैं
पंकज चौरे, नपाध्यक्ष इटारसी

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