मलेरिया ऑयल और झाड़ू के लिए पार्षदों को तरसाया, शहर की सूरत बिगड़ी तो नपाध्यक्ष ने ठेकेदार पर एफआईआर करने पार्षदों के साथ सौंपा ज्ञापन..

-शासकीय कार्य में रोड़ा अटकाने और धोखाधड़ी पर इटारसी नगर पालिका सख्त,

-ठेकेदार राजेश अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज कराने हेतु आवेदन

-भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316, 318, 324/325 और 61/62 के तहत मामला दर्ज करने पुलिस को दिया ज्ञापन

इटारसी। शहर के वार्डों में सफाई व्यवस्था बदहाल है। पार्षदों की मांग के बावजूद उनके वार्ड के लिए ना तो सफाईकर्मियों को झाड़ू मिल रही है और ना ही मलेरिया ऑयल मिल पा रहा है। पार्षदों की तरफ से वार्डों में हालात खराब होने की लगातार मिल रही शिकायतों के चलते नपाध्यक्ष पंकज चौरे के सामने भी धर्मसंकट की स्थिति बन रही है। पार्षदों और नपाध्यक्ष के बीच ट्यूनिंग भी ठेकेदार के कारण गड़बड़ाने लगी थी। इन हालातों को और बिगड़ने से बचाने के लिए और नगर की जनता के स्वास्थ्य और साफ-सफाई व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले ठेकेदारों और एजेंसियों के खिलाफ नगर पालिका परिषद इटारसी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। स्वच्छता सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण समय में साफ-सफाई सामग्री और कीटनाशक दवाओं की सप्लाई जानबूझकर रोकने और शासकीय अनुबंध का उल्लंघन करने के मामले में नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने ‘मां रेवा इंटरप्राइजेस’ के प्रोपराइटर राजेश अग्रवाल के विरुद्ध थाना प्रभारी इटारसी को आपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु आवेदन दिया है।

7 मई 2026 को 2 अलग अलग कार्यादेश
नगर पालिका परिषद इटारसी द्वारा शहर की सुचारू सफाई व्यवस्था और जनस्वास्थ्य के लिए निविदाएं जारी कर ‘मां रेवा इंटरप्राइजेस’ (सूरजगंज, इटारसी) को गत 7 मई 2026 को दो अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्य आदेश जारी किए गए थे। मगर नपा के इन कार्यादेश को ठेकेदार ने कचरे के डिब्बे में डाल दिया है।

आपूर्ति न कर शासकीय कार्य में डाला व्यवधान:

इस अनुबंध के तहत उक्त फर्म को नगर पालिका को तत्काल 6,000 नग सींक वाली डंडे वाली झाड़ू, 2,500 लीटर व्हाइट फिनाईल, 2,500 लीटर ब्लैक फिनाईल और मलेरिया नियंत्रण हेतु 5,000 लीटर एंटी लार्वा मलेरिया ऑयल की सप्लाई करनी थी। ग्रीष्मकाल और स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों के मद्देनजर यह सामग्रियां बेहद आवश्यक थीं। इसके बावजूद प्रोपराइटर राजेश अग्रवाल द्वारा जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से सामग्रियों की आपूर्ति नहीं की गई, जिससे नगर पालिका के आवश्यक शासकीय कार्यों में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ।

तीन बार नोटिस देने पर भी नहीं जागे ठेकेदार

नगर पालिका प्रशासन द्वारा फर्म की इस लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दिनांक 08.05.2026, 12.05.2026 और 14.05.2026 को लगातार तीन बार सूचना पत्र (नोटिस) जारी कर आपूर्ति सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी फर्म द्वारा न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही सामग्री की सप्लाई की गई। अंततः परिषद ने सक्षम प्राधिकारियों के निर्णय और नोटशीट के आधार पर कानूनी कार्रवाई का रुख किया।

इन गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग

थाना प्रभारी इटारसी को सौंपे गए शिकायती पत्र में नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने स्पष्ट किया है कि फर्म के प्रोपराइटर का यह कृत्य शासकीय कार्य में बाधा डालने, अनुबंधित दायित्वों का दुरुपयोग कर विश्वासघात करने और नगर परिषद के साथ छल व धोखाधड़ी करने की श्रेणी में आता है। पत्र में आरोपी राजेश अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 (विश्वासघात), 318 (छल/धोखाधड़ी), 324/325 (शासकीय कार्य में बाधा) एवं धारा 61/62 (आपराधिक षड्यंत्र) के अंतर्गत तत्काल FIR दर्ज कर सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।

ये पार्षद रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने वालों में सभापति राकेश जाधव, मंजीत कलोसिया, पार्षद कीर्ति दुबे,अमित विश्वास, राहुल प्रधान,शुभम गौर, जिम्मी कैथवास ,कुंदन गौर, एल्डरमैन रेखा मालवीय, आशीष मालवीय, संजीव हूरा, नरेश मेघानी, मयंक मेहतो, पार्षद अमित विश्वास, राहुल प्रधान, शुभम गौर, जिमी कैथवास, कुंदन गौर, सभापति प्रतिनिधि मनीष सिंह ठाकुर, देवेंद्र पटेल,शहबाज बैग,राजकुमार यादव, पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार बाबरिया, रमेश धूरिया सहित अन्य मौजूद थे।

ठेकेदार का तर्क, सैंपल दिए थे अब तक जवाब नहीं

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब रीजनल वॉइस ने गहराई में जाकर जानकारी जुटाई तो ठेकेदार ने बताया कि हमने वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद कुछ चीजों के सैंपल दिए थे। वे सैंपल इसलिए दिए गए थे ताकि अगर सामान की गुणवत्ता को लेकर नपा प्रशासन को कुछ सुधार कराना हो तो हमें सूचित करे क्योंकि पूरा माल उठाने के बाद यदि सामान पर रिजेक्शन आता तो हमारा नुकसान होता, सैंपल दिए हुए काफी दिन बीतने के बाद भी स्वच्छता व्यवस्था संभालने वाले नपा के अधिकारी मयंक अरोरा की तरफ से कोई पत्राचार नहीं किया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब नपा ने सैंपल पर ही कोई डिसीजन नहीं लिया तो फिर ठेकेदार पर सारे पार्षद एकसाथ हमलावर कैसे हो गए। शहर में इस घटनाक्रम को लेकर अलग अलग  कयास लगाए जा रहे हैं

इनका कहना है

जनता के हितों और शहर की स्वच्छता व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी एजेंसी या ठेकेदार शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतेगा या धोखाधड़ी करेगा, उसके खिलाफ इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”
पंकज चौरे, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद इटारसी

हमने काम करने के लिए ही टेंडर डाला है। इसी महीने की 7 तारीख को वर्क ऑर्डर हुआ है। हमने नपा को सैंपल भी दे दिए थे एक महीने का वर्क ऑर्डर के बाद समय मिलता है। उसके बाद ही नोटिस आदि जारी हो सकते हैं। वर्क ऑर्डर हुए अभी केवल 11 दिन ही हुए हैं और नगरपालिका के जिम्मेदार दबाव डालने लगे हैं। जबकि नपा अभी हमे नोटिस दे ही नहीं सकती है। कुल मिलाकर जानबूझकर परेशान करने की मंशा से ये किया जा रहा है।

राजेश अग्रवाल, फर्म संचालक

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