पलकमती नगर की स्कूल जमीन के मामले में हाउसिंग बोर्ड ने कोर्ट में सेंट्रल एकेडमी एजुकेशन सोसायटी के समझौता पत्र को नकारा, शिकायतकर्ता सुरेश चिचवारे ने खुद को प्रतिवादी बनाने हाईकोर्ट में लगाई हस्तक्षेप याचिका..

इटारसी। पलकमती नगर (palakmati nagar )की स्कूल जमीन के मामले जबलपुर उच्च न्यायालय में हाउसिंग बोर्ड ने हाउसिंग बोर्ड और सेंट्रल एकेडमी एजुकेशन सोसायटी के बीच पूर्व में हुए समझौता पत्र से पल्ला झाड़ते हुए खुद को अलग करते हुए कथित तौर पर समझौता पत्र को फर्जी बताया है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 4 मार्च 2026 को होना है। इस मामले में शिकायतकर्ता सुरेश चिंचवारे ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका लगाकर खुद को प्रतिवादी बनाने की याचिका लगाई है। इस याचिका के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है।

12 फरवरी 2026 को सोसायटी ने पेश किए थे दस्तावेज

म.प्र. हाऊसिंग बोर्ड द्वारा पलकमती नगर कॉलोनी, इटारसी में सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी, भोपाल को नर्सरी स्कूल के लिए आवंटित 18722 वर्गफुट भूखंड की लीज डीड निरस्त करने के प्रकरण में सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी की याचिका उच्च न्यायालय जबलपुर के समक्ष लंबित है। दिनांक 12/12/2025 को सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी के सर्वेसर्वा श्यामसुंदर मिश्रा द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष अतिरिक्त दस्तावेज के रूप में हाऊसिंग बोर्ड के मध्य निष्पादित समझौता-पत्र, भवन निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किये गये थे।

हाउसिंग बोर्ड ने झाड़ा पल्ला

जबलपुर उच्च न्यायालय में सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी, भोपाल द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों पर 09/02/2026 की सुनवाई में हाऊसिंग बोर्ड के अधिवक्ता ने उक्त दस्तावेजों में समझौता पत्र को फर्जी दस्तावेज बताया जाकर विधि अनुसार आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने के लिये उच्च न्यायालय से समय प्रदान करने का निवेदन किया था। इस पर अगली सुनवाई दिनांक 04/03/2026 को नियत है।

यह है पूरा मामला

म.प्र. हाऊसिंग बोर्ड द्वारा पलकमती नगर कॉलोनी में 18722 वर्गफुट भूखंड नर्सरी स्कूल के लिये आरक्षित रखा गया था। दिनांक 25.01.2005 को उक्त भूखंड सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी, भोपाल को आबंटित किया था। शर्तों के उल्लंघन के कारण दिनांक 24.11.2011 को हाऊसिंग बोर्ड ने लीज डीड निरस्त कर दी थी। लीज डीड निरस्तीकरण के विरूद्ध सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी ने उच्च न्यायालय, जबलपुर के समक्ष WP NO. 21256/2011 प्रस्तुत की थी। उच्च न्यायालय ने दिनांक 19.03.2012 को यथास्थिति का आदेश पारित किया था। दिनांक 20.12.2022 को हाऊसिंग बोर्ड द्वारा पलकमती नगर कॉलोनी को नगर पालिका परिषद, इटारसी को हस्तांतरित कर दिया गया था। वर्ष 2024 में नगर पालिका परिषद, इटारसी ने नर्सरी स्कूल के लिये आरक्षित उक्त भूखंड पर उच्च न्यायालय द्वारा पारित यथास्थिति के आदेश का उल्लंघन करते हुए रु. 87,41,616/- की लागत से अवैध रूप से इनडोर स्टेडियम का निर्माण कर दिया था। दिनांक 31/07/2025 को हाऊसिंग बोर्ड ने नगर पालिका परिषद, इटारसी से उक्त इनडोर स्टेडियम को हटाने के लिये पत्र जारी किया था। इस संबंध में शिकायतकर्ता सुरेश कुमार चिचवारे द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्तुत शिकायत में नगर पालिका परिषद इटारसी को रु 87,41,616/- की आर्थिक क्षति पहुंचाने के प्रकरण में दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने तथा दोषियों से उक्त राशि की वसूली करने का निवेदन किया था। उच्च न्यायालय, जबलपुर के समक्ष लंबित चली आ रही याचिका में सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी द्वारा दिनांक 12/12/2025 को कुछ अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत किये थे। इससे यह ज्ञात हुआ कि दिनांक 05.12.2022 को सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी तथा हाऊसिंग बोर्ड के मध्य तथाकथित समझौता पत्र का निष्पादन हुआ था। इस समझौता-पत्र में उल्लेख था कि सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी उच्च न्यायालय, जबलपुर से याचिका को वापस लेकर आदेश की प्रमाणित प्रति इस कार्यालय में यथाथीघ्र जमा करेंगे। उक्त समझौता पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि मंडल द्वारा सभी वांछित आदेश भवन निर्माण संबंधी जारी किये जा चुके हैं। अतः सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी भवन निर्माण पूर्ण कर इस कार्यालय को सूचित करेंगे। इसी क्रम में दिनांक 06.12.2022 को संपदा अधिकारी द्वारा प्रश्नाधीन भूखंड पर भवन निर्माण हेतु एन.ओ.सी. जारी कर दी गयी थी। सुरेश कुमार चिचवारे ने उक्त एकपक्षीय समझौता पत्र को निरस्त कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही के लिये वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत प्रस्तुत की थी। इसके साथ ही लोकायुक्त म.प्र. से भी कार्यवाही का अनुरोध किया था। इस प्रकरण में मुख्य सतर्कता अधिकारी, म.प्र. गृह निर्माण मंडल, भोपाल द्वारा जांच की जा रही है। इसके साथ ही लोकायुक्त म.प्र. ने भी इस प्रकरण में संज्ञान लिया है।

शिकायतकर्ता ने लगाई याचिका

हाईकोर्ट में हाउसिंग बोर्ड द्वारा समझौता पत्र को नकारने के बाद शिकायतकर्ता सुरेश कुमार चिचवारे ने उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित चली आ रही उक्त याचिका में अधिवक्ता अर्पित अग्रवाल के माध्यम से हस्तक्षेप याचिका प्रस्तुत करते हुए निवेदन किया था कि हाऊसिंग बोर्ड, सेन्ट्रल एकेडमी एजूकेशन सोसायटी और नगर पालिका परिषद इटारसी की आपसी सांठगांठ से हाऊसिंग बोर्ड की संपत्ति को छिन्न-भिन्न किया जा रहा है। अतः हस्तक्षेपकर्ता को प्रतिवादी के रूप में संयोजित करने का आदेश पारित करने की कृपा की जाये।

इनका कहना है

प्रशासनिक स्तर पर हमने पलकमती नगर की स्कूल जमीन के मामले में शिकायत की थी मगर सुनवाई और कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इसी वजह से हमने उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की थी कि इस मामले में हमारा शिकायतकर्ता के तौर पर पक्ष सुना जाए। उच्च न्यायालय ने हमारी याचिका स्वीकृत करते हुए हमें भी प्रकरण में प्रतिवादी के तौर पर संयोजित कर दिया है।

सुरेश चिचवारे, शिकायतकर्ता

पलकमती नगर के मामले में उच्च न्यायालय जबलपुर में जो याचिका लंबित है उस मामले में हमने शिकायतकर्ता सुरेश चिंचवारे की ओर से हस्तक्षेप याचिका लगाई है। इस याचिका का उद्देश्य यह है कि उक्त मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष को भी सुना जाए ताकि पूरा मामला सामने आ सके।

अर्पित अग्रवाल, अधिवक्ता उच्च न्यायालय जबलपुर

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