जुझारपुर रेलवे गेट पर चल रहा तेजी से काम
इटारसी। जुझारपुर रेलवे गेट(jujharpur railway bridge) पिछले कई दशकों से दर्जनों गांवों की इटारसी शहर से सीधे कनेक्टिविटी में बड़ा रोड़ा साबित हो रहा था। अब यह रेलवे गेट जल्द ही इतिहास के पन्नों का हिस्सा बनने वाला है। जुझारपुर रेलवे गेट पर करीब 95 करोड़ रुपए की लागत से ओवरब्रिज का काम अब अपने अंतिम चरणों में चल रहा है। इस ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होते ही जुझारपुर और उसके आगे के दर्जनों गांव बहुत जल्द सीधे तौर पर इटारसी शहर से कनेक्ट हो जाएंगे। यह ओवरब्रिज जहां दर्जनों गांवों को इटारसी शहर (itarsi city)से सीधे कनेक्ट करेगा वहीं इटारसी शहर के फैलाव को भी नई गति प्रदान करेगा। आवाजाही सुगम होने से जुझारपुर और उसके आगे के ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रोजेक्ट आने का रास्ता खुलने की उम्मीदें हैं।
पुरानी इटारसी से धरमकुंडी तक 30 किमी लंबी 50 करोड़ रुपए की सडक़ का सफर परेशानी भरा रहा है। जुझारपुर रेलवे गेट की टर्निंग पर 90 डिग्री का कर्व होने से यहां बस और बड़े वाहन फंस जाते थे जिससे दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती थी। ऐसे में बस और बड़े वाहनों को रिवर्स करके यातायात क्लियर करने की जद्दोजहद करनी पड़ती थी। जुझारपुर रेलवे गेट पर 95 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा ओवरब्रिज हजारों लोगों की इस तकलीफ को दूर कर देगा। उल्लेखनीय है कि इस रूट से इटारसी, सिवनी बानापुरा और हरदा तक बसें संचालित होती है।
ऐसे बन रहा है रेलवे ओवरब्रिज
जुझारपुर रेलवे गेट पर 750 फीट लंबा और 12 मीटर चौड़ा ब्रिज बनाया जा रहा है जिसमें दोनों तरफ पाथवे होंगे। ब्रिज की लागत 95 करोड़ रुपए है। यह काम दिल्ली की लाल कंस्ट्रक्शन इंडिया लिमिटेड कंपनी कर रही है। वर्ष 2027 तक काम पूरा होगा। जुझारपुर रेलवे गेट(jujharpur railway gate) के पास काम चलने से अभी यहां आवागमन बहुत तकलीफदेह साबित हो रहा है मगर बाद में यहां से आवागमन उतना ही सुगत साबित होने वाला है। बेहतर आवागमन की सुविधा की प्रत्याशा में हजारों ग्रामीण इस तकलीफ को खुश होकर झेल रहे हैं।
सडक़ का हो चुका है निर्माण
वर्ष 2015-16 में लोक निर्माण विभाग ने पुरानी इटारसी आचार्य मंगल भवन से जमानी-धरमकुंडी तक 30
.60 किमी सीसी रोड के लिए 49.95 करोड़ रुपये की बजट की मंजूरी दी थी। गुजरात की केतन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने सडक़ निर्माण का काम धरमकुंडी से शुरू किया था। सडक़ का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। पुरानी इटारसी आचार्य मंगल भवन के पास से भी सडक़ का चौड़ीकरण किया गया था। यहां मौजूद अतिक्रमण हटाए गए थे जिससे अब वाहनों का जाम लगने की समस्या से लोगों को कुछ राहत मिली है।
इनका कहना है
जुझारपुर रेलवे गेट पर ओवरब्रिज बनने से जुझारपुर-देहरी समेत दर्जनों गांवों की इटारसी शहर से सीधे कनेक्टिविटी हो जाएगी। लोगों को भी रेलवे गेट बंद होने की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। यातायात बहुत सुगमता से चलेगा जिससे नई आवासीय कॉलोनियां भी यहां बन सकती हैं।
विजय चौधरी, निवासी जुझारपुर
जुझारपुर रेलवे गेट पर ओवरब्रिज का काम तेजी से चल रहा है। इस ओवरब्रिज के बनने से हजारों लोगों को आवागमन की सुगम सुविधा मिल जाएगी। अभी गेट के कारण बहुत परेशानी आती है।
दिनेश साहू, निवासी जुझारपुर
जुझारपुर रेलवे गेट ओवरब्रिज बनने से निश्चित तौर पर विकास होगा मगर उसके लिए जरुरी है कि उस क्षेत्र में जो जमीन है उसमें खरीदी-बिक्री से जुड़ा जो नियम है उसमें संशोधन किया जाए। अगर यह होता है तो निश्चिित तौर पर उस रूट पर आवासीय प्रोजेक्ट तेजी से पनपेंगे।
ईशान अग्रवाल, कॉलोनाइजर
जुझारपुर रेलवे गेट ओवरब्रिज बनाने का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे का टारगेट उसे 2027 तक पूरा करने का है ताकि जनता को आवागमन की सुविधा मिल सके। इससे शहर को भी फायदा होगा।
नवल अग्रवाल, जनसंपर्क अधिकारी भोपाल मंडल
