लोकसभा चुनाव में चहेतों को किया उपकृत, कांगे्रस ने खोली इटारसी नपा की पोल..

कांग्रेस नेताओं ने पत्रकार वार्ता में तथ्यों के साथ लगाए आरोप
इटारसी। लोकसभा चुनाव वर्ष 2024 (loksabha election 2024)में हुए थे। इस लोकसभा चुनाव में इटारसी नगरपालिका(itarsi nagarpalika) ने मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं बनाने का काम कुछ फर्मों से कराया था। इस काम में गड़बडिय़ों की सुगबुगाहट होने पर कांग्रेस के नेता इसकी तह में घुसे तो उन्हें कई तरह की अनियमितताएं पकड़ में आईं। सारी अनियमितताओं से जुड़ी जानकारी निकालने के बाद कांग्रेस ने पत्रकार वार्ता में इटारसी नगरपालिका के जिम्मेदारों की पोल खोलकर रख दी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव में चहेतों को उपकृत करने 3 लाख रुपए का काम 14 लाख रुपए में कराकर शासन को आर्थिक चोट पहुंचाई गई। यह पत्रकार वार्ता कांग्रेस नेता अशोक जैन और अमोल उपाध्याय ने ली।
टेंडर में किया खेल, एक अंक छिपाया
कांग्रेस नेता अमोल उपाध्याय ने कहा कि मुख्य नपा अधिकारी रितु मेहरा ने लोकसभा निर्वाचन में शहरी मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्था करने के लिए 8 जनवरी 2024 को वेबसाइट व 9 जनवरी कम प्रसार संख्या वाले अखबार में ई निविदा निकाली थी। वास्तविक टेंडर पोर्टल क्रमांक 2024_यूएडी_३२४८२४_१ था मगर इटारसी नपा सीएमओ ने लाभ पाने व लाभ दिलाने की मंशा से जानबूझकर निविदा सूचना में टेंडर पोर्टल क्रमांक 2024-यूएडी-३२४८२४ व लागत 14 लाख रुपए दर्शाकर गड़बड़ी की थी ताकि कोई बाहर का व्यक्ति टेंडर ना डाल सके।
एक ही व्यक्ति ने डाला था टेंडर
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2024 थी। 3 फरवरी को केवल एक ही व्यक्ति शुभम पटेल ने सांई कंस्ट्रक्शन इटारसी ने ऑन लाइन टेंडर डाला था। 22 फरवरी 2024 को उक्त फर्म की फाइनेंशियल बिड खोले बिना और बिना दर स्वीकृति के ही सीएमओ रितु मेहरा ने वर्क ऑर्डर जारी कर दिया। 26 अप्रैल 2024 को मतदान के बाद 9 मई 2024 को सांई कंस्ट्रक्शन ने 1३ लाख 49 हजार 227 रुपए का बिल जमा किया था जिसे 21 मई 2024 को फर्म संचालक को भुगतान कर दिया गया।
मानक दरों से ज्यादा पर भुगतान
जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी मानक दर सूची 11 मार्च 2024 से अधिक दर पर भुगतान नहीं करने के आदेश के बावजूद सांई कंस्ट्रक्शन को अधिक दरों पर तथा सामग्रियों के तीन दिन तक के किराए का भी अनियमित भुगतान किया। नर्मदापुरम नगरपालिका में ९५ मतदान केंद्रों पर करीब 3 लाख रुपए और सिवनीमालवा में भी बिना कोई निविदा निकाले इतना ही खर्च किया गया था। सांई कंस्ट्रक्शन इटारसी के अलावा इटाररसी नपा के जिम्मेदारों ने मतदान केंद्रों पर टेंट व्यवस्था के नाम पर एक अन्य फर्म आरएन इंटरप्राइजेस को 4 लाख रुपए का भुगतान अलग से किया। इससे यह प्रमाणित होता है कि किस तरह शासन के पैसों का दुरुपयोग अपने फायदे के लिए किया गया। इस मामले में सीएमओ इटारसी रितु मेहरा के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाना चाहिए।
इन फर्मों को लोस चुनाव के नाम पर भुगतान
दिनांक-फर्म का नाम-राशि
2 मई 24-टीएम ब्रदर्स- 1.०८ लाख
29 जनवरी 25-आरएन इंटरप्राइजेस-८८७५२
29 जनवरी 25-आरएन इंटरप्राइजेस-८५७३८
29 जनवरी 25-आरएन इंटरप्राइजेस-९११९०
29 जनवरी 25-आरएन इंटरप्राइजेस-७९५८४
29 जनवरी 25-आरएन इंटरप्राइजेस-८३९१२
19 फरवरी 25-द्वारकाधीश ट्रेडर्स-८५२४३
18 मार्च 25-संाईराजा ग्राफिक्स-९०५७६
18 मार्च 25-सांईराजा ग्राफिक्स-८९६८७
इटारसी नपा ने चोरी की पुलिस की जमीन
कांग्रेस नेता अमोल उपाध्याय ने कहा कि इटारसी नगरपालिका ने पुलिस विभाग की जमीन चोरी कर ली है। सूखा सरोवर में जिस वीर सावरकर स्टेडियम का निर्माण 1 करोड़ 46 लाख 13 हजार 425 रुपए से हुआ है वह जमीन नगरपालिका के स्वामित्व की है ही नहीं, वह जमीन जिसका सर्वेक्षण क्रमांक 2६२/३ रकबा करीब 1 लाख 8 हजार वर्गफुट है, पुलिस विभाग के नाम से दर्ज है जिसकी पुष्टि 14 नवंबर 2025 के खसरे की प्रमाणित प्रति से होती है। यह कार्य शासकीय निधि का दुरुपयोग है। इसकी वसूली जिम्मेदारों से करते हुए उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होना चाहिए।
इनका कहना है
वर्ष 2020 में विधायक डॉ सीतासरन शर्मा के प्रयासों से उक्त जमीन इटारसी नगरपालिका को हस्तांतरित की गई है। अब तक उसका नामांतरण नहीं हो सका है। कांग्रेस के आरोप बेबुनियाद है। इटारसी नपा ने पुलिस विभाग की जमीन पर कोई कब्जा नहीं किया है।
पंकज चौरे, नपाध्यक्ष इटारसी
कांग्रेस ने किस आधार पर आरोप लगाए हैं इसके बारे में जानकारी नहीं है। हमारे वरिष्ठ अधिकारी अगर हमसे पूछेंगे तो उन्हें सारी स्थिति से अवगत करा देंगे। अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं कह पाएंगे।