रेलवे बोर्ड ने दिया था 532 करोड़ का टारगेट, जबलपुर जोन ने टारगेट को भी पछाड़ा, माल ढुलाई से दिसंबर माह में रेलवे की झोली में डाले 572 करोड़ 57 लाख…

पिछले साल इसी अवधि में जनरेट किया था 489 करोड़ का राजस्व

इटारसी। रेलवे का इस समय माल ढुलाई पर ज्यादा फोकस है। रेलवे ने जबलपुर जोन में माल ढुलाई के प्रति व्यापारिक संस्थानों और व्यापारियों को आकर्षित करने के लिए जो प्रयास किए थे अब उनका रिजल्ट दिखने लगा है। रेलवे बोर्ड ने जबलपुर जोन को माल ढुलाई से 532 करोड़ 5 लाख रूपये राजस्व का टारगेट दिया था जिसे जबलपुर जोन पार करके टारगेट से 8 फीसदी राजस्व ज्यादा कमाया। अकेले दिसंबर 2025 माह में जबलपुर जोन ने रेलवे की झोली में 572 करोड़ 57 लाख रुपए का राजस्व कमाकर दिया है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम मध्य रेल में जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के माल यातायात में निरंतर वृद्धि हो रही है। पश्चिम मध्य रेल ने दिसम्बर माह में 572 करोड़ 57 लाख रूपये माल यातायात से ऑरिजनेटिंग राजस्व अर्जित कर पिछले बार के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है। पिछले वर्ष इसी माह में 489 करोड़ 01 लाख रूपये राजस्व अर्जित हुआ था। इस बार करीब 17 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जित हुआ है। रेलवे बोर्ड ने जो लक्ष्य 532 करोड़ 05 लाख रूपये ऑरिजनेटिंग रेवन्यू के रूप में दिया था उससे ज्यादा जबलपुर जोन का राजस्व हासिल करना रेलवे के अन्य जोनों के लिए नजीर बन सकता है। जबलपुर जोन में माल यातायात से दिसंबर माह में जबलपुर मण्डल ने 398 करोड़ 35 लाख, भोपाल मण्डल ने 102 करोड़ 05 लाख एवं कोटा मण्डल ने 72 करोड़ 18 लाख।रूपये का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है।

माल यातायात के लिए यह हुए प्रयास

– मालगाड़ियों की औसत गति में वृद्धि करके अलग-अलग रेल खण्ड की क्षमता में वृद्धि और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया। साथ ही साथ ऑपरेशनल सुधार भी किए गए। 

– गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/ साइडिंग को बढ़ाने का प्रयास

– गुड्स टर्मिनल की वर्किंग में सुधार एवं मालगाड़ियों के डिटेंशन को कम किया गया। इससे मालगाड़ियों के संचालन में तेजी आई और माल ढुलाई में वृद्धि हुई।

– माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं । 

– नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है। 

– नई रेल लाइन/दोहरीकरण/तिहरीकरण जैसे अधोसरंचना कार्यों में गति प्रदान की जा रही है।