ब्रिज कॉर्पोरेशन को करना है जमीन अधिग्रहण, तब होगी मेन पाइप लाइन शिफ्टिंग
इटारसी. सोनासांवरी रेलवे गेट (sonasawari railway overbridge) पर 600 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। इस ब्रिज के नीचे दो बड़े काम होना है जिनकी प्रक्रिया में जितना ज्यादा वक्त लगेगा, ब्रिज का काम उतना ही लंबा खिंचेगा। सोनासांवरी ब्रिज के नीचे नगरपालिका की करीब 200 मीटर लंबी मुख्य पाइप लाइन है। यह पाइप लाइन तभी शिफ्ट हो पाएगी जब ब्रिज कॉर्पोरेशन जमीन का अधिग्रहण करेगा। ब्रिज कॉर्पोरेशन ने जमीन अधिग्रहण से जुड़ा एक प्रस्ताव भू अर्जन अधिकारी कार्यालय यानी कलेक्टर के पास भेजा था मगर उसमें कुछ त्रुटियां होने से उसे वापस भेज दिया गया था। जिसके बाद दूसरी बार नया प्रस्ताव बनाकर भू अर्जन कार्यालय नर्मदापुरम को भेजा गया है। भू अर्जन के काम में अड़ंगा होने के कारण ब्रिज कॉर्पोरेशन अब तक ना तो जमीन अधिग्रहित कर पाया है और ना ही नपा को अब तक शिफ्टिंग का बजट आवंटित हो सका है इसलिए यह काम दोनों ही विभागों के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि सोनासांवरी रेलवे गेट के ओवरब्रिज के रेलवे पटरी के ऊपर वाले हिस्से में रेलवे ने ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। बाकी दोनों छोर पर निर्माण के लिए पिलर खड़े किए जा रहे हैं। यह काम ब्रिज कॉर्पोरेशन को करना है। इसी क्षेत्र में नगरपालिका की पानी की करीब 200 मीटर लंबी पाइप लाइन भी आ रही है जिसकी शिफ्टिंग पर करीब 22 लाख रुपए खर्च होना है
जमीन अधिग्रहण बड़ा टेंशन
रेलवे गेट के पास ब्रिज के पिलर खड़े हो गए हैं। एप्रोच रोड बनाने के पहले सीमांकन किया जा चुका है जिसकी हद में 50 साल पुराने मकान आ रहे हैं। ब्रिज कॉर्पोरेशन इसके लिए बंगाली कॉलोनी साइड की जमीन अधिग्रहित करने की कार्रवाई कर रहा है। ब्रिज कॉर्पोरेशन अपनी तरफ जमीन अधिग्रहण से जुड़ा प्रस्ताव मय नक्शे के राजस्व विभाग इटारसी को दिया था। राजस्व विभाग ने जमीन अधिग्रहण में लगने वाली राशि के निर्धारण के लिए इस प्रस्ताव को भू अर्जन अधिकारी कार्यालय को भेजा था मगर उसमें कुछ गड़बडिय़ां होने से उसे वापस भेज दिया गया था। उसके बाद नया प्रस्ताव राजस्व विभाग इटारसी ने तैयार कराकर भेज दिया है।
आवागमन हुआ मुश्किल
ब्रिज कॉर्पोरेशन के इंजीनियरों की टीम ने पूर्व में सीमांकन कर जानकारी का संधारण किया है। सीमांकन के बाद मुआवजा सहित अन्य कार्रवाई प्रचलन में है। उल्लेखनीय है कि बंगाली समाज के जिन लोगों के आवास इस हद में आ रहे हैं, वह यहां करीब 70 के दशक से रह रहे हैं। ब्रिज निर्माण की वजह से कॉलोनियों की आवाजाही के रास्ते जर्जर हो गए हैं। पिछले दिनों विरोध के बाद ठेकेदार ने गिट्टी डलवाई थी, लेकिन अब हालात पहले जैसे हो गए हैं। जिसकी वजह से लोग आवागमन में परेशान हो रहे हैं।
नपा की 200 मीटर पाइप लाइन होगी शिफ्ट
ब्रिज के पिलर जहां खड़े होने हैं, वहां नपा की पेयजल की पाइपलाइन है। ऐसे में पिलर खड़े नहीं किए जा सकते। नपा के मुताबिक सडक़ के राइट साइड में फिलहाल पाइप लाइन है। जिसे लेफ्ट साइड में शिफ्ट किया जाएगा। जिसके लिए स्थल निरीक्षण किया जा चुका है। इंजीनियर आदित्य पांडेय ने बताया कि करीब 200 मीटर पाइपलाइन को शिफ्ट किया जाएगा। जिसकी शिफ्टिंग की राशि करीब 22 लाख रुपए ब्रिज कॉर्पोरेशन नपा को देगा। इसका एस्टीमेट नपा ने जनवरी 2025 में ही ब्रिज कॉर्पोरेशन को दे दिया था। जमीन अधिग्रहण के बाद ब्रिज कॉर्पोरेशन जो लेआउट देगा उसके हिसाब से पाइप लाइन डाली जाएगी।
जनवरी 2016 में हुआ था सर्वे
ब्रिज कॉर्पोरेशन ने जनवरी 2016 में सोनासांवरी रेलवे गेट ( sonasawari railway gate)
क्रमांक 226 और धरमकुंडी रेलवे गेट क्रमांक 222 का सर्वे किया था। जो एस्टीमेट भेजा गया था उस वक्त वह करीब 12 करोड़ का प्रोजेक्ट था मगर विभाग का एसओआर बदलने से उसकी लागत बढ़ गई। जिसके बाद यह प्रस्ताव नए एस्टीमेट के साथ दोबारा भेजने का निर्णय हुआ था। लोक निर्माण विभाग ब्रिज ने दूसरी बार में नया एस्टीमेट तैयार किया था और ड्राइंग डिजाइन सहित डीपीआर शासन को भेजी थी। राज्य और केंद्रीय अंश से ब्रिज बनाने में करीब 40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रेलवे गेट के ऊपर होते हुए एक हिस्सा सोनासांवरी गांव की तरफ और दूसरा हिस्सा न्यास कॉलोनी बॉयपास रोड पर उतारने की योजना है।
इनका कहना है
ब्रिज कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से इस संबंध में बात हुई थी हमने एक ही तरफ से जमीन लेने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने क्या प्रस्ताव बनाकर भेजा है इसकी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।
डॉ. सीतासरन शर्मा, विधायक नर्मदापुरम
तेजी से काम करने के लिए जमीन अधिग्रहण बहुत आवश्यक है। पहले वाला प्रस्ताव भू अर्जन कार्यालय ने वापस कर दिया था। अब पता चला है कि राजस्व विभाग इटारसी ने दूसरा भेजा है। हम भी चाह रहे हैं कि भू अर्जन की प्रक्रिया जल्द हो जाए तो काम को तेजी से पूरा करें।
ऋषभ निरापुरे, एसडीओ पीडब्ल्यूडी
भू अर्जन कार्यालय को जो पहले प्रस्ताव भेजा था उसमें वहां से कुछ त्रुटियां बताई गई थी उन त्रुटियों को दूर कर हमने नया प्रस्ताव भेज दिया हैं। भू अर्जन के लिए प्रक्रिया चल रही है उसमें समय लगता है। इस काम को जल्द से जल्द कराने का प्रयास किया जा रहा है।
नीलेश शर्मा, एसडीएम इटारसी
