रिटायर्ड कृषि विकास अधिकारी से पहले भी ले चुके थे डिप्टी डायरेक्टर शराब और रिश्वत, रकम ज्यादा मांगी तो पड़ गया महंगा..

लाइसेंस बहाली के एवज में मांगे 1 लाख और ब्लेकडॉग शराब, लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा कृषि विभाग का अफसर
रिटायर कृषि विस्तार अधिकारी से मांगी थी रिश्वत
नर्मदापुरम। शहर में कृषि विभाग के उप संचालक जेआर हेडाऊ (dypty director jr hedau) को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त(lokayukt police bhopal) ने पकड़ा। सोमवार शाम 7 बजे लोकायुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की गई। उप संचालक हेडाऊ ने खाद का सस्पेंड लाइसेंस बहाल करने के नाम पर घूस मांगी थी। उन्होंने रिश्वत में 1 लाख रुपए व 1 ब्लेकडॉग शराब की बोतल की डिमांड की थी। खाद बीज विके्रता राजनारायण गुप्ता द्वारा लोकायुक्त में शिकायत करने के बाद यह कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी शिकायतकर्ता से रुपए और शराब बतौर घूस डिप्टी डायरेक्टर कृषि जेआर हेडाऊ ले चुके थे। इसी लालच में इस बार उन्होंने रिश्वत की रकम के लिए ज्यादा मुंह खोल दिया जो उन्हें महंगा पड़ गया।
1 लाख रुपए और ब्लैकडॉग मांगी
शिकायतकर्ता राजनारायण गुप्ता कृषि विभाग के रिटायर्ड कृषि विस्तार अधिकारी हैं। वे अपने भाई की खाद बीज की दुकान का काम देखते हैं। दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके आधार पर हेडाऊ ने जांच के नाम पर लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था। जब गुप्ता लाइसेंस बहाल कराने के लिए हेडाऊ से मिले, तो उन्होंने एक लाख रुपये की रिश्वत और ब्लैकडॉग शराब की मांग की। इसके बाद गुप्ता ने लोकायुक्त भोपाल के एसपी दुर्गेश राठौर को शिकायत की। सत्यापन के बाद, लोकायुक्त टीम ने डीएसपी बीएम द्विवेदी के नेतृत्व में सोमवार शाम 7 बजे छापेमारी कर हेडाऊ को गिरफ्तार किया
कैमरे लगाकर किया ट्रैप
राजनारायण गुप्ता ने बताया कि सोमवार की शाम 7 बजे जब मैं कृषि उपसंचालक जेआर हेडाऊ के कमरे में पहुंचा तो उन्होंने मुझे बैठाया और बोला इतने लेट आए हो। फिर उन्होंने टेबल के नीचे की ड्राज खोल दी। जिसमें मैंने 40 हजार रुपए रखे। पूरी घटना लोकायुक्त टीम द्वारा लगाए हुए ट्रैप रिकॉर्डर कैमरे में कैद हो गई। गुप्ता ने जैसे ही बाहर आकर कोट उतारा, लोकायुक्त टीम तत्काल उप संचालक के कमरे में पहुंची और घूस के रुपए जब्त किए। राजनारायण गुप्ता ने बताया कि ऑफिस के क्लर्क साहू जो खाद लाइसेंस की शाखा देखते हैं। शाम को जैसे ही साहब को मैंने रुपए डाले। उन्होंने क्लर्क साहू को बुलाया और कहा कि इनका लाइसेंस कल बहाल कर देना। फिर क्लर्क मुझे बाहर लेकर आ गए और बोले कि हमारा भी ध्यान रखा करो।
इनका कहना है
कृषि विभाग में ही था। इसके बाद भी मुझसे रिश्वत मांगी जाती रही।
4 साल पहले जब खाद बीज दुकान खोली थी तभी से छोटी-छोटी अनुमतियों के लिए रिश्वत में रुपए मांगते रहे। उप संचालक जेआर हेडाऊ शराब भी मांगते हैं। उन्हें महंगी कंपनी की ब्लैक डॉग शराब चार पांच बार दे चुके हैं। एक बार 5 हजार की रिश्वत भी पहले दे चुके हैं।
राजनारायण गुप्ता, शिकायतकर्ता
शिकायत सत्यापन बाद सही पाए जाने पर सोमवार शाम 7 बजे आरोपी उप संचालक कृषि नर्मदापुरम जेआर हेडाऊ को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7, के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।