इटारसी। अग्रवाल भवन (agrawal bhavan itarsi) की पीछे के जमीन पर तानी गई 11 अवैध गुमठियां (11 gumthiya)अतिक्रमण में होने के बावजूद प्रशासन अब तक उसे हटा नहीं पाया है। इस अतिक्रमण की शिकायतें होने के बावजूद नगर प्रशासन और नगरपालिका परिषद इटारसी के जिम्मेदार लेटर-लेटर खेल रहे हैं। प्रशासनिक उदासीनता या फिर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने की मंशा ही इसका कारण समझ आ रही है। प्रशासन ने इस अतिक्रमण की तरफ इस कदर आंख मूंदकर रखी है कि सब कुछ मालूम होने के बाद भी अतिक्रमण को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की इस ढिठाई के चलते कांग्रेस संगठन को जयस्तंभ चौक धरना प्रदर्शन करने उतरना पड़ा। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के वक्ताओं ने प्रशासन को इस अतिक्रमण को बचाने में सहयोगी बनने को लेकर जमकर लताड़ा।
धरने में लगाए जमकर आरोप
जयस्तंभ पर हुए धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चंद्रगोपाल मलैया ने कहा कि भाजपाशासित नगरपालिका भ्रष्टाचार के नए रिकार्ड बना रही है और अतिक्रमणकारियों को संरक्षण दे रही है। पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज राठौर ने कहा कि दो माह पहले शिकायत हुई थी 11 गुमठियों के अतिक्रमण की मगर नगर प्रशासन और नगरपालिका इटारसी दोनों को ही चिंता नही है। सूत्रों ने बताया है कि पट्टे वाले गुमठीधारियों को वहां शिफ्ट करने का दबाव डाला जा रहा है। यह सब या तो नगरपालिका या फिर समाज संगठन को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। पुत्री शाला के पास भी शिक्षा विभाग की जमीन पर ऐसा ही प्रयास किया गया था जो कोर्ट के आदेश पर तोड़ा जा सका। हमारे भी कुछ साथियों को समझना पड़ेगा कि जनहित में हमें लडऩा पड़ेगा मगर वे कहते हैं कि हम व्यक्तिगत विरोध नहीं करेंगे, ऐसा सोचने वालों को पद से हट जाना चाहिए। सभा में ज्ञानेंद्र उपाध्याय, गुफरान अंसारी सहित अन्य वक्ताओं ने 11 गुमठियों के अतिक्रमण सहित नपा के कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों पर जमकर बेबाकी से बात रखी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज उठाने वालों को डराया-धमकाया जाता है।
यह हुई है शिकायत
नयायार्ड निवासी सुरेश चिचवारे की शिकायत में कहा गया है कि अग्रवाल भवन इटारसी में अग्रवाल भवन की पूर्व दिशा में स्थित शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करके 1500 वर्गफुट में हॉल का निर्माण कर दिया गया है। इस सम्बंध में आवेदक द्वारा प्रस्तुत शिकायत पर तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा प्रतिवेदन दिनांक 05.09.2019 में अतिक्रमण की पुष्टि कर दी गयी थी। उक्त अतिक्रमण को हटाने के लिए आवेदक ने मान. उच्च न्यायालय, जबलपुर के समक्ष जनहित याचिका क्रं. 21919/2022 प्रस्तुत की थी। उच्च न्यायालय ने दिनांक 09.11.2022 को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे। कार्यवाही से बचने के लिए अग्रवाल भवन ने उक्त भूमि का पट्टा प्रदान करने हेतु आवेदन-पत्र प्रस्तुत किया था। कलेक्टर ने दिनाक 06.05.2024 को उक्त आवेदन-पत्र निरस्त कर दिया था। इसके बाद भी उक्त अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। इस संबंध में उच्च न्यायालय के समक्ष अवमानना याचिका प्रस्तुत की गई थी जो कि विचाराधीन है। पूर्व का अतिक्रमण नहीं हटाये जाने के कारण अग्रवाल भवन का दुस्साहस और बढ़ गया है। दिनांक 22.09.2025 को अग्रवाल भवन ने अग्रवाल भवन के पीछे स्थित लगभग 800 वर्गफुट में अतिक्रमण करके 11 गुमटियों का निर्माण किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त अतिक्रमण नगर पालिका परिषद् इटारसी के सहयोग से किया गया है। उक्त अतिक्रमण को शीघ्र हटाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए।
इनका कहना है
हमने 11 गुमठियों के अतिक्रमण की शिकायत दो माह पहले की थी। उसके पहले भी अग्रवाल भवन द्वारा सडक़ पर हॉल बनाकर अतिक्रमण करने की शिकायत की थी जिसका मामला हाइकोर्ट में चल रहा है। नगरपालिका परिषद और नगर प्रशासन दोनों ही इस मामले में कार्रवाई से बच रहे हैं। इसी के विरोध में धरना प्रदर्शन करना पड़ा।
सुरेश चिचवारे, शिकायतकर्ता
नगर प्रशासन और नगरपालिका परिषद के जिम्मेदार अफसर अतिक्रमण हटाने से बच रहे हैं। ऐसा करके वे अपनी जिम्मेदारी नहीं आ रहे हैं। जिस दिन कांग्रेस की सरकार आई उसके बाद ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी, वे बच नहीं पाएंगे।
गजानंद तिवारी, प्रदेशाध्यक्ष यंग ब्रिगेड सेवादल
11 गुमठियों के अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है मगर वे ध्यान नहीं दे रहे हैं। एसडीएम साहब की कलम अतिक्रमण हटाने का साहस नहीं दिखा पा रही है। कलेक्टर मैडम को इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर अतिक्रमण हटाना चाहिए।
गुफरान अंसारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता युवक कांग्रेस
