शिकायतकर्ता लोकायुक्त-हाईकोर्ट जाने की तैयारी में
इटारसी। इटारसी नगर पालिका (itarsi nagarpalika)क्षेत्र में आने वाली पोस्ट ऑफिस लाइन स्थित दुकान क्रमांक 4 चर्मकारी/अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। उस दुकान की नीलामी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगा है। अनुसूचित जाति समाज के उमेश चौधरी ने आरोप लगाया है कि आरटीआई और फाइल निरीक्षण से मिले दस्तावेजों से पता चलता है कि नीलामी एक औपचारिकता मात्र थी और प्रक्रिया पहले से तय थी। शिकायतकर्ता के अनुसार नीलामी का विज्ञापन न तो इटारसी के किसी स्थानीय अखबार में प्रकाशित हुआ और न ही नर्मदापुरम में। नपा पर आरोप है कि स्थानीय स्तर पर जानकारी छिपाने के उद्देश्य से विज्ञापन भोपाल के एक सीमित प्रसार वाले अखबार में छापा गया, जिससे अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र आवेदकों को नीलामी की जानकारी नहीं मिल पाई। नपा अधिनियम के विशेषज्ञों का कहना है कि यह नगरपालिका नियम 2018 और आरक्षण नियमों का सीधा उल्लंघन है।
संपूर्ण रिकॉर्ड जब्त कर जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने कहा कि दुकान आवंटन से संबंधित फाइल की स्थिति भी संदेह पैदा करती है। दस्तावेजों में न कोई मूल कागज है, न पेज नंबर, न सीरियल नंबर। फाइल में फोटो कॉपी पर फोटो कॉपी लगी हैं। इसके अलावा, इनवर्ड-आउटवर्ड रिकॉर्ड, बोली के लिफाफे, प्रतिभागियों की सूची और नीलामी समिति का पंचनामा भी गायब हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नीलामी समिति की कार्यवाही का विवरण पूरी तरह से अनुपलब्ध है।
सात दिन में कार्रवाई का अल्टीमेटम
शिकायतकर्ता के मुताबिक वर्ष 2023 में नगरपालिका द्वारा दिए गए एक जवाब ने 2017 की कथित नीलामी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उस समय नगरपालिका ने कहा था कि दुकान “मानवीय दृष्टिकोण से दी गई” थी। अगर नीलामी प्रक्रिया सही और पारदर्शी थी, तो मानवीय आधार पर दुकान देने की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह एक बड़ा प्रश्न है। शिकायतकर्ता ने नगरपालिका को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि दुकान को सील किया जाए, संपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किया जाए और निष्पक्ष जांच शुरू की जाए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो मामला लोकायुक्त तथा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ले जाया जाएगा।
इनका कहना है
पोस्टऑफिस लाइन स्थित जिस आरक्षित दुकान के संबंध में शिकायत की गई है। उस मामले की जांच की जा रही है। दुकान आवंटन का यह मामला पिछली नगरपालिका के कार्यकाल का है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

