रबी फसल की सिंचाई के लिए किसानों का जल्द खत्म होगा इंतज़ार, 3 नवंबर से 10 के बीच चालू होगी तवा नहरें…

3 नवंबर से हरदा 5 नवंबर से सिवनी मालवा 7 नवंबर से इटारसी एवं 10 नवंबर से सोहागपुर के लिए तवा नहर से पानी छोड़ा जाएगा

यदि लगातार बारिश होती है तो तय तिथियां में परिवर्तन संभव है

संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिया गया निर्णय

नर्मदापुरम। आयुक्त कार्यालय नर्मदापुरम में नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी की अध्यक्षता में रबी फसलों की सिंचाई हेतु संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक  मिथिलेश कुमार शुक्ला, डीआईजी  प्रशांत खरे, कलेक्टर नर्मदापुरम  सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक  साई कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  हिमांशु जैन, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता  राजाराम मीना, उप संचालक कृषि  जे आर हेडाऊ, विद्युत विभाग के जीएम  विनोद सिंह भदोरिया शामिल हुए। वही हरदा कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीसी के माध्यम से ऑनलाइन मौजूद रहे।

इन तारीखों में छूटेगा पानी

संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में तय किया गया कि हरदा जिले हेतु बायी तट मुख्य नहर से 3 नवंबर को, तवा नहर संभाग सिवनी मालवा की नहर के लिए 5 नवंबर से, तवा परियोजना संभाग इटारसी के लिए 7 नवंबर से तथा पीबीसी संभाग सोहागपुर नहर से 10 नवंबर से नहरों में जल प्रवाह शुरू किया जाएगा। बैठक में यह निर्णय भी हुआ कि यदि इस दौरान लगातार बारिश होती है तो इन तय तिथियों में परिवर्तन किया जा सकेगा।

तवा डेम में है 1949 एमसीएम पानी

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता  राजाराम मीना ने तवा जलाशय की वर्तमान जल संग्रहण स्थिति 1949 एमसीएम जो की उपलब्ध भराव का 100% होने की जानकारी दी। साथ ही बताया कि वर्तमान में नहरो की साफ सफाई का कार्य 50% तक पूर्ण कर लिया गया है। कमिश्नर  तिवारी ने जल संसाधन विभाग के  अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहरो से पानी छोड़े जाने के लिए बेहतर प्रबंधन एवं बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए की पानी छोड़ने वाले स्थान से लेकर टेल क्षेत्र तक कुछ मुख्य प्वाइंटों पर नहर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने जल संसाधन विभाग के कर्मचारी एवं होमगार्ड जवानों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए, साथ ही विद्युत विभाग के जीएम को निर्देश दिए कि वह नहर से पानी लेने के लिए किसानों द्वारा जो टेंपरेरी कनेक्शन लिए जाते हैं उन टेंपरेरी कनेक्शन को जल संसाधन विभाग की सहमति के बाद ही जारी किए जाएं। कमिश्नर ने स्थानीय स्तर पर सभी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहां की संबंधित अधिकारी नहरो के सुचारु एवं पर्याप्त जल प्रभाव हेतु उपयुक्त प्रबंधन एवं बारीकी से निगरानी करें। कमिश्नर ने बैतूल कलेक्टर को निर्देश दिए कि वह बैतूल जिले में स्थित जलाशयों के माध्यम से सिंचाई हेतु पानी का समुचित उपयोग करने के लिए प्रस्ताव तैयार करें और यथासंभव किसानों को सिंचाई सुविधा हेतु पानी उपलब्ध कराए।