
इटारसी। इटारसी नगरपालिका परिषद और एक पूर्व पार्षद के बीच की अंदरूनी तौर पर चल रही तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है। पूर्व पार्षद महेश आर्य ने पिछले कुछ दिनों से इटारसी नगरपालिका परिषद के खिलाफ विरोध का झंडा उठा रखा है। वे नपाकर्मियों की समस्याओं को लेकर जहां दो बार कार्यालय के सामने ज्ञापनबाजी कर चुके है तो वहीं उन्होंने नपा कार्यालय में कई सूचना के अधिकार लगा रखे हैं। पूर्व पार्षद के इस कदम के बाद से हो दोनों पक्षों में।अंदरूनी तौर पर चिंगारी सुलग रही है। इटारसी नपा के उनके गरीबी लाइन स्थित मकान की नापजोख के इस कदम ने अब इस चिंगारी को हवा देने का काम कर दिया है। दरअसल इटारसी नपा के राजस्व विभाग की टीम गरीबी लाइन में पूर्व पार्षद महेश आर्य के मकान पहुंची और नाप जोख करने की बात कही। सूचना मिलते ही पूर्व पार्षद महेश आर्य भी मौके पर आ गए। उनकी टीम से काफी देर तक बहस भी हुई। लंबी बहस के बाद नपा की टीम बिना कोई कार्रवाई के वापस लौट गई। नगर पालिका सूत्रों के अनुसार, नापजोख के दौरान महेश आर्य का कब्जा करीब 1500 वर्ग फुट पर पाया गया, जबकि उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद सिर्फ 800 वर्ग फुट का ही पट्टा जमा कराया है। नगर पालिका परिषद के सब इंजीनियर आदित्य पांडेय का कहना है कि पूर्व पार्षद महेश आर्य ने 800 वर्ग फुट के अलावा एक 600 वर्ग फुट का पट्टा और होने की बात कही है। उनको बताये अनुसार दूसरा पट्टा भी जमा कराना चाहिए। इधर पूर्व पार्षद महेश आर्य ने इस कार्रवाई को द्वेषपूर्ण करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास दो वैध पट्टे हैं जिनमें एक 800 वर्ग फुट का अपनी मां के नाम पर और दूसरा 600 वर्ग फुट का अपने छोटे भाई के नाम पर है। महेश आर्य ने कहा कि यदि कहीं कोई हिस्सा थोड़ा बहुत ज्यादा होगा तो मैं उसे स्वयं तोड़ दूंगा, लेकिन आसपास में अतिक्रमण तो ज्यादातर लोगों ने कर रखा है, फिर सिर्फ हमारे घर पर ही क्यों नापजोख की जा रही है? यह कार्रवाई केवल इसलिए की जा रही है क्योंकि मैं इन दिनों सफाई कर्मचारियों के हितों के लिए लगातार आवाज उठा रहा हूं और नगर पालिका के समक्ष उनकी कई मांगें रख चुका हूं। इधर नपा सीएमओ रितु मेहरा के अनुसार आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में नापजोख की कार्रवाई की जाएगी।
