
इटारसी। ईरानी डेरे में पिछले साल 25 दिसंबर 2024 की रात में जमकर हथियार चले थे। इस वारदात में एक व्यक्ति की मौत हुई थीं और 10 अन्य लोग घायल हुए थे। इस घटना ने शहर में दहशत फैला दी थी और कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों की धरपकड़ को एक चुनौती के रूप में लिया था। 25 दिसंबर 2024 की रात इटारसी के ईरानी डेरा में हुए हिंसक हमले और हत्या के मामले में कुछ आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए थे और कुछ अब भी फरार है। करीब आठ माह से फरार चल रहे ₹10,000 के इनामी आरोपी अब्बास अली ईरानी को भी इटारसी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी जबलपुर के अधारताल क्षेत्र में फरारी काट रहा था। मुखबिर से उसकी लोकेशन पुलिस को पता चलते ही उसे धरदबोचा गया।
यह था मामला
यह घटना 25 दिसंबर 2024 को आधी रात के बाद करीब 3:00 बजे हुई थी। नर्मदापुरम, पिपरिया, काटोल (महाराष्ट्र) और मुजफ्फरपुर (बिहार) के ईरानी समुदाय के कुछ आरोपियों ने संगठित होकर इटारसी के ईरानी डेरा पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इस हमले में मासूम अली ईरानी की मृत्यु हो गई थी, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद प्रार्थी सैफू पिता मासूम अली ईरानी की शिकायत पर इटारसी थाने में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 940/2024 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक, डॉ. गुरकरन सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया और थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
जबलपुर में छिपा था आरोपी
एसडीओपी वीरेंद्र कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में, गौरव सिंह बुंदेला और उनकी टीम ने लगातार दबिश दी और पहले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में तीन और आरोपियों को पकड़ा गया। चूंकि आरोपी ईरानी समुदाय से जुड़े थे और उनके रिश्तेदार देश के अलग-अलग राज्यों में फैले हुए थे, इसलिए फरार आरोपियों को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ₹10,000 का नकद इनाम घोषित किया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम को पता चला कि इनामी आरोपी अब्बास अली ईरानी जबलपुर के आयशा नगर, आधारताल थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक उपेंद्र दुबे, आरक्षक राजकुमार झपाटे, और आरक्षक महेंद्र गुर्जर ने जबलपुर पहुंचकर आरोपी को बड़ी मशक्कत के बाद हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान अब्बास अली ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, पुलिस इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। इस गिरफ्तारी में थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला के साथ-साथ पुलिस टीम के सदस्यों, सी. के. एन. रजक, उपेंद्र दुबे, राजकुमार झपाटे, महेंद्र गुर्जर, अंकित और राजेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
