
पुरानी इटारसी स्थित पलकमति नगर में ८७ लाख से बनाया जा रहा इंडोर स्टेडियम विवादों में आ गया है। इटारसी नपा जिस खाली जमीन पर इंडोर स्टेडियम बना रही है वह जमीन व पूूरी कॉलोनी मप्र गृह निर्माण मंडल नर्मदापुरम यानी हाउसिंग बोर्ड ने केवल देखरेख के लिए इटारसी नगरपालिका को हस्तांतरित की थी। इटारसी नगरपालिका ने देखरेख करते हुए मौका पाकर कॉलोनी में स्कूल के लिए आरक्षित खुली जमीन पर इंडोर स्टेडियम का निर्माण कर दिया है। कांगे्रस के नेताओं में राजेंद्र तोमर, पंकज राठौर, अशोक जैन और अमोल उपाध्याय ने दस्तावेजों के साथ पत्रकार वार्ता कर इटारसी नपा के जिम्मेदारों की करतूत का खुलासा किया। इस अवैध निर्माण व जनता के पैसों का दुरुपयोग के मामले में नपाध्यक्ष, सीएमओ, अध्यक्षीय परिषद के सदस्यों और जिम्मेदार इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मप्र शासन के उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत करने की बात भी कही है।
यह है मामला
मप्र गृह निर्माण मंडल संभाग नर्मदापुरम को पलकमति नगर के विकास के लिए ९.१२६ हेक्टेयर जमीन 24 सितंबर 1994 को मिली थी। 14 मार्च 1999 को कॉलोनी का लेआउट स्वीकृत हुआ जिसमें 18 हजार 700 वर्गफट जमीन नर्सरी स्कूल के लिए आरक्षित की गई थी। स्कूल स्थापना के लिए सेंट्रल अकादमी एजुकेशन सोसाइटी को 20 सितंबर 2002 को आवंटन आदेश जारी हुआ और 25 जनवरी 2005 को लीज डीड निष्पादित हुई। सेंट्रल अकादमी एजुकेशन सोसाइटी को 8 नवंबर 20०५ को जमीन का अधिपत्य मिल गया था। एक साल बाद भी स्कूल निर्माण नहीं करने पर लीज डीड को 24 नवंबर 2011 को निरस्त कर दिया गया जिसके बाद सोसाइटी ने उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका लगाई थी जिस पर कोर्ट ने यथास्थिति का आदेश दिया था जो आज तक मान्य है। इसके बाद 20 दिसंबर 2०२२ को हाउसिंग बोर्ड नेे अनुबंध पत्र के माध्यम से पलकमति नगर को देखरेख के लिए इटारसी नगरपालिका के हैंडओवर किया था।
जमीन पर किया अवैध निर्माण
कांग्रेस नेता राजेंद्र तोमर ने कहा कि पलमति नगर में स्कूल की जमीन पर इटारसी नपा के अध्यक्ष पंकज चौरे, सीएमओ रितु मेहरा, अध्यक्षीय परिषद के सभापतियों और इंजीनियरों की मिलीभगत से इंडोर स्टेडियम बनाकर अवैध निर्माण किया गया है। नगरीय प्रशासन विकास विभाग भोपाल ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना में इटारसी नपा को 14 जुलाई 2023 को 5 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी थी। जिसके बाद इटारसी नपा के कर्णधारों ने 24 जुलाई 2023 को पीआईसी में प्रस्ताव कराया था। 18 अगस्त 2023 को ८७ लाख ४१ हजार ६१६ रुपए की तकनीकि स्वीकृति मिली। जिसके बाद 28 अगस्त 2023 को टेंडर प्रक्रिया हुई। ७ मार्च 2024 को मेसर्स जैन एजेंसी को काम दिया गया और उसी दिन भूमिपूजन भी किया गया। कुल मिलाकर इटारसी नगरपालिका ने नियमविरुद्ध तरीके से जमीन पर अवैध निर्माण किया और ठेकेदार को 40 लाख का भुगतान भी कर दिया।
अवैध निर्माण हटाने दिया गया पत्र
कांग्रेस नेता अमोल उपाध्याय ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड नर्मदापुरम संभाग के कार्यपालन यंत्री ने 31 जुलाई 2025 को पत्र लिखकर स्कूल की जमीन पर किए गए निर्माण को हटाने के लिए कहा था। उसके बाद दूसरी 20 अगस्त 2025 को भेजे दूसरे पत्र में स्पष्ट कहा है कि इटारसी नपा को अनुबंध पत्र, कॉलोनी लेआउट सहित सभी दस्तावेज दिए गए थे बावजूद उसके इटारसी नपा ने निर्माण कैसे कर लिया। उपाध्याय ने कहा कि नपा का यह अवैध निर्माण अब जब भी टूटेगा तो उससे हुई जनता के पैसों की बर्बादी का जिम्मेदार कौन होगा। कांग्रेस नेता पंकज राठौर व अशोक जैन ने कहा कि शहर में ऐसे और भी मामले हैं जिनमें नपा ने नियमविरुद्ध काम कर जनता के पैसों का भ्रष्टाचार किया है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों के कारण शहर बर्बाद हो गया है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर अवैध तरीके से इंडोर स्टेडियम बनाकर जनता के पैसों की बर्बादी करने वाले नपाध्यक्ष पंकज चौरे, सीएमओ रितु मेहरा, अध्यक्षीय परिषद के सभापतियों व इंजीनियरों को पद से हटाने की कार्रवाई की जाए और उनके खिलाफ प्रकरण् दर्ज कर उनसे राशि की वसूली की जाए। अगर इस मामले में आवश्यकता पड़ी तो हम न्यायालय भी जाएंगे।
बोर्ड ने किया गुमराह
नपाध्यक्ष पंकज चौरे ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अधिकारियों ने हमें गुमराह किया था। नपा को जब भी कोई कॉलोनी हैंडओवर होती है तो वहां विकास कार्यों की जिम्मेदारी भी नगरपालिका की होती है उसी आधार पर इटारसी नपा ने काम कराया है। बोर्ड ने इटारसी नगरपालिका को अगर शुरूआत में ही हाईकोर्ट जबलपुर के स्टे के संबंध में जानकारी दी होती तो हम कॉलोनी का हैंडओवर ही नहीं लेते। हमें जब हाईकोर्ट के स्टे के बारे में पता लगा था हमने तब ही काम रुकवा दिया था। इटारसी नपा पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वे गलत हैं और छवि खराब करने के लिए उठाया गया कदम है।
