आखिर किसने रखा था मृतक वेंडर की जेब में यात्रा टिकट, जांच में लीपापोती नहीं हुई तो हो सकता है मिलीभगत का बड़ा खुलासा.. 

इटारसी। इटारसी के वेंडर रोशन असवारे की ट्रेन से कटने के मामले में जीआरपी की कार्रवाई सवालों के घेरे में आने के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। युवक के मौत वाले दिन इटारसी में होने के बावजूद उसे उज्जैन से इटारसी का यात्री दिखाने की कोशिश हुई है। वीडियो फुटेज सामने आने के बाद इस खेल का भंडाफोड़ होने के बाद से अब जीआरपी के जांच अधिकारी भी सकते हैं क्योंकि उन्होंने भी टिकट मिलने के बाद यह तस्दीक करना जरूरी नहीं समझा था कि युवक उज्जैन गया था या नहीं। शव के पास बिना उज्जैन गए टिकट का मिलना और परिजनों पर बयान बदलने के लिए दबाव आना एक बड़े घटनाक्रम की ओर इशारा कर रहा है। यहां बड़ा सवाल यह है कि अगर युवक अवैध वेंडरिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ भी था तो उसे छिपाने की कोशिश क्यों की गई और किन लोगों की मिलीभगत से इसे करने का प्रयास किया गया। जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे ने अब अपने स्तर पर जांच शुरू की है जैसे जैसे जांच आगे बढ़ेगी वैसे वैसे इस घटनाक्रम में हुए छेड़छाड़ और उसके पीछे का मोटिव सामने आएगा।

यह है मामला

वेंडर रोशन असवारे की 31 जुलाई को रात 10 बजे भोपाल आउटर पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हादसे में मौत हुई थी वह अवैध वेंडरिंग का काम करता था। वेंडर का शव मिलने के बाद परिजन पहले उसे हादसा मानते रहे लेकिन जब उन्हें शव के पास उज्जैन से इटारसी का टिकट मिला तो उनका माथा ठनका। जब घटनाक्रम वाले दिन के वीडियो फुटेज निकाले गए तो वेंडर रोशन असवारे 31 जुलाई की शाम 6 बजे इटारसी में ही दिखा। एक वीडियो में वह फुटब्रिज पर भी नजर आया है। परिजनों ने आरोप लगाए थे कि वह राजू सिंह बघेल के लिए काम करता था। घटना के बाद राजू सिंह बघेल के साथी आए थे और कह गए थे कि रोशन उज्जैन घूमने गया था, ये ही बोलना है अगर वेंडर कहा तो मुआवजा नहीं मिलेगा। जीआरपी उसे यात्री घोषित कर देगी।

मौके पर पहुंचे जीआरपी थाना प्रभारी

अवैध वेंडर रोशन असवारे की मौत के मामले में जीआरपी की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल और विभाग की हो रही छीछालेदार को देखते हुए जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे ने अपने स्तर पर जांच शुरू की है। वे मौके पर पहुंचे जहां उसके साथ हादसा हुआ था। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए हैं जिसमें इस बात की पुष्टि तो गई है कि रोशन असवारे उज्जैन गया ही नहीं था। अब जेब में टिकट रखने वाले और उसे ऐसा करने के लिए संरक्षण देने वाले जीआरपी के उस चेहरे की तलाश होना है।

इनका कहना है

हमने अपने स्तर पर मामले की जांच शुरुआती स्थल से की है। मामले के हर एक पहलू पर बारीकी से जांच की जाएगी। इसमें कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

संजय चौकसे, थाना प्रभारी जीआरपी इटारसी