नर्मदापुरम/ पिछले दिनों प्रदेश के साथ ही नर्मदापुरम संभाग के हरदा, बैतूल एवं नर्मदापुरम जिले के समस्त नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे थे। सभी नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार राजस्व अधिकारियों के मध्य शासन की योजनाओं के अनुरूप सुचारू रूप से कार्य संचालन किये जाने हेतु न्यायिक एवं गैर न्यायिक कार्य करने के निर्णय का विरोध जताते हुए 8 अगस्त 2025 से 17 अगस्त 2025 तक अपने कर्तव्य स्थल से अनुपस्थित रहे थे। शासन ने उनका यह कृत्य शासन की मंशा एवं नीतियों के विरुद्ध अनुशासनहीनता के श्रेणी में माना है। कमिश्नर ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है और उन्हें जवाब देने 15 दिन का समय दिया है। उल्लेखनीय है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थाई निर्देश दिनांक 22 नवंबर 2006 के अनुसार शासकीय सेवक के हड़ताल, धरना तथा सामूहिक अवकाश के कृत्य म प्र , सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अनुसार कदाचार की श्रेणी में आते हैं। उक्त स्थिति को देखते हुए नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी ने कर्तव्य स्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित होने वाले जिले के नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार से कहा है कि उनका यह कृत्य मध्य प्रदेश सेवा सिविल आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1 )(2 )(3 ) के विपरीत होने के कारण कदाचार की श्रेणी में आता है तो क्यों ना आपके विरुद्ध अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित अवधि दिनांक 8 अगस्त 2025 से दिनांक 17 अगस्त 2025 को मूलभूत नियम 17 ए के तहत समस्त प्रयोजन के लिए सेवा हरण (डाइज नान )करते हुए आपके विरुद्ध म प्र सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के प्रावधान अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार के द्वारा कर्तव्य स्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित होने से जिले में न्यायिक एवं गैर न्यायिक कार्य प्रभावित हुए एवं आम जनता को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा है। कमिश्नर तिवारी ने सभी नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार को कारण बताओ सूचना पत्र देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कारण बताओ सूचना पत्र प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। कमिश्नर ने जवाब संतोषजनक नहीं होने की दशा में संबंधित के विरुद्ध नियम अनुसार एक पक्षीय कार्रवाई करने की बात कही है।

