नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में टाइगर शिकारियों के निशाने पर है। 8 महीने पहले बानापुरा रेंज के बांसापानी जंगल में एक टाइगर के निर्दयता से शिकार के मामले का टेंशन झेलने के बाद अब एक बार फिर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का टेंशन बढ़ गया है। अबकी बार जिस टाइगर का शिकार किया गया है उसका शव तवा नदी के किनारे मिला। शिकारी टाइगर का पंजा काटकर ले गए है। टाइगर के गले पर क्लच वायर मिलने से शिकार की पुष्टि हो रही है।जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह वन विकास निगम की जमीन से लगी तवा नदी के बैक वाटर में एसटीआर (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) की गश्ती टीम को शव मिला तो विभाग में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा मौके पर पहुंची। जांच पड़ताल में टाइगर के एक पैर का पंजा कटा हुआ मिला। टीम द्वारा शव को नदी से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। जिले में 10 दिन में दूसरे बाघ की मौत है। इस पहले 12 अगस्त को भी मढ़ई के कोर क्षेत्र के लगदा कैंप के पास पानी में टाइगर का शव मिला था हालांकि उसका शिकार नहीं हुआ था। अधिकारियों ने उस वक्त टाइगर की मौत आपसी संघर्ष बताई थी लेकिन अब जो शव मिला है उसके साथ स्थिति अलग है इसलिए शिकार का एंगल सामने आ रहा है। डिप्टी डायरेक्टर ऋषभा नेताम ने बताया कि तवा नदी के बैक वाटर में बाघ मृत अवस्था में मोटर बोट गश्ती टीम को दिखा। जिस जगह शव मिला वो वन विकास निगम का क्षेत्र है। वहां से बढ़ चापड़ा गांव नजदीक है। बाघ नदी में कहीं से बहकर आया है या शिकारियों ने उसी जगह फेंका इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंचा है। इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।

