नर्मदापुरम। शहर के होम साइंस कालेज के गेट पर दो युवकों ने भारतीय जनता पार्टी नेता पर चाकू से हमला करके बुरी तरह घायल कर दिया। घायल भाजपा नेता और अभाविप के पूर्व संगठन मंत्री नागेंद्र तिवारी पर दिनदहाड़े हुए दो युवकों के चाकू से हमला करने की घटना ने शहर की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। चाकू के हमले में भाजपा नेता तिवारी के हाथ में चोट लगी है। चाकू के हमले के वक्त भाजपा नेता ने अगर हमला हाथ से नहीं रोका होता तो उन्हें सीने पर भी चोट आ सकती थी। उनका उपचार एक निजी अस्पताल में किया गया। चाकू घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2.30 बजे की है। घटना के बाद युवक मौके से भाग गया जबकि दूसरे युवक को लोगों ने पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। विवाद गल्स कॉलेज गेट के पास परिसर में अंदर खड़े दो युवक और एक छात्रा को समझाइश देकर बाहर जाने का कहने को लेकर हुआ।
2 युवक और एक छात्रा को बाहर जाने कहा था
घायल नागेंद्र तिवारी ने बताया कि वे अपनी बेटी को कॉलेज में छोड़कर बाहर आ रहा था। दो युवक और एक छात्रा खड़े थे। उनसे कहा कि यहां ऐसे क्यों खड़े हो। तो उन्होंने कहा कि तुम अपना काम करो। तिवारी ने जब इसका विरोध किया तो एक युवक ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। उन्होंने तुरंत बचाव करते हुए अपना हाथ उठाया और चाकू हाथ की कलाई में लग गया। अगर हाथ नहीं अड़ाते तो सीने पर भी लग सकता था। जिसके बाद तेजी से खून निकलकर जमीन पर गिरने लगा। कुछ देर बाद लोगों की भीड़ लग गई। परिचितों के पहुंचने के बाद हमला करने वाले एक युवक को पकड़ लिया गया।

अस्पताल में भाजपा नेताओ की भीड़
घटना की जानकारी लगते ही घायल तिवारी का हाल जानने भाजपा जिला कोषाध्यक्ष लोकेश तिवारी, भाजपा नेता पीयूष शर्मा, भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक अखिलेश खंडेलवाल, मंडल अध्यक्ष सागर शिवहरे, अध्यक्ष रूपेश राजपूत समेत अन्य पहुंचे। घायल नागेंद्र तिवारी अभाविप के पूर्व संगठन मंत्री और कॉलेज के जनभागीदारी समिति अध्यक्ष भी रहे है।
आरोपी की तलाश शुरू हुई
कोतवाली थाना पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया है। दूसरे की तलाश कर रहे हैं। घायल का बयान लेने एसआई महेश जाट पहुंचे हं। सूत्रों के मुताबिक हमला करने वाले एक युवक के पिता शराब का अवैध व्यापार करते हैं। कॉलेज गेट के अंदर परिसर में भाजपा नेता पर चाकू से हमला हुआ है। इसी जगह पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा है। जब भाजपा नेता फुटेज देखने पहुंचे तो जानकारी मिली कि बिजली न होने से विवाद कैमरे में कैद नहीं हो पाया।
