
इटारसी। नर्मदापुरम विधायक के विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए संपत्ति से जुड़ी जानकारी संबंधी जमा किए शपथ पत्र को हाईकोर्ट जबलपुर में चुनौती दी गई थी। यह शपथपत्र जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमा किया गया था। इस शपथपत्र को कांग्रेस कार्यकर्ता अमोल उपाध्याय ने चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट जबलपुर के इस याचिका के खारिज करने संबंधी आदेश देने के बाद यह जानकारी पब्लिक डोमेन में आने के बाद से सोशल मीडिया पर इसे पुरजोर तरीके से प्रसारित करते हुए सत्य की जीत बताया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ याचिकाकर्ता की तरफ से इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में नर्मदापुरम विस सीट के लिए भाजपा से तत्कालीन प्रत्याशी और मौजूदा विधायक डॉ सीतासरन शर्मा ने फॉर्म जमा किया था। उन्होंने नियमानुसार संपत्ति की जानकारी संबंधी एक शपथपत्र भी दिया था। इस शपथपत्र को कांग्रेस कार्यकर्ता अमोल उपाध्याय ने चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इस याचिका पर पिछले कुछ महीनों से सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने कांग्रेस कार्यकर्ता अमोल उपाध्याय की याचिका को खारिज कर दिया है। इस मामले नर्मदापुरम विधायक डॉ सीतासरन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता ने जो याचिका लगाई थी उसका कोई ठोस आधार ही नहीं था। हमें भी जानकारी मिली थी तो हमने अपने अधिवक्ता से इसकी जानकारी ली तो उन्होंने भी याचिका खारिज होने की पुष्टि की है। अभी ऑर्डर अपलोड नहीं हुआ है इसलिए हमने उसे पढ़ा भी नहीं है। ऑर्डर देखने के बाद आगे की सोचेंगे कि क्या करना है। वहीं याचिकाकर्ता अमोल उपाध्याय ने कहा कि उन्हें भी पता चला है कि याचिका खारिज की गई है। अभी तक हमने कोर्ट का ऑर्डर नहीं देखा है। कोर्ट का ऑर्डर देखने के बाद ही हम कोई टिप्पणी कर सकते है। अभी हमें कुछ नहीं कहना है।
