सड़कों पर बैठे रहने वाले निराश्रित मवेशियों को हटाने का अभियान
इटारसी। कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देश पर नगर पालिका इटारसी द्वारा शहरी सीमा से निराश्रित मवेशियों को बाहर करने अभियान चलाया जा रहा है। सीएमओ ऋतु मेहरा के नेतृत्व में चलाये जा रहे अभियान में पिछले दस दिन में करीब डेढ़ सैंकड़ा मवेशियों को पकड़कर शहरी सीमा से बाहर किया गया है मगर यह आंकड़ा ऊंट के मुंह जीरा के समान है। अब भी सैकड़ों मवेशी पूरे शहर में अलग अलग वार्डों में सड़कों पर घूम रहे है और राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ऋतु मेहरा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य सड़कों पर आवारा घूम रहे मवेशियों को पकड़कर उचित स्थान पर पहुंचाना है ताकि शहर की सड़कों पर यातायात सुचारू रूप से चल सके और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। नगर पालिका द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़ा जा रहा है और उन्हें बंगलिया क्षेत्र में ओवरब्रिज के नीचे बनी अस्थायी गौशाला में रखा जा रहा है। इसके बाद यहां से उनको शहर से बाहर अन्य स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। जो लोग अपने मवेशियों को आवारा छोड़ देते हैं, उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है। नगर पालिका ने अब तक ऐसे सात मवेशी पालकों से 14 सौ रुपए का जुर्माना भी वसूल किया है। सीएमओ ने बताया कि नागरिकों को आवारा मवेशियों के खतरे और सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने पशु पालकों से कहा है कि वे अपने मवेशी इस तरह से सड़कों पर न छोड़ें कि नागरिकों को इससे परेशानी हो, पशु पालक सहयोग करेंगे तो इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा। सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों की समस्या न केवल यातायात के लिए खतरा है, बल्कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी खतरा है। पशु पालकों को भी इस समस्या को हल करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और अपने मवेशियों को इस तरह से छोडऩे से बचना चाहिए।
खेड़ा क्षेत्र में सबसे हालात खराब
शहर के खेड़ा क्षेत्र में सड़कों पर मवेशियों की समस्या सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। दिनभर मुख्य सड़क पर यहां के रहवासियों के मवेशी दिनभर सड़कों पर डेरा जमाए रहते हैं जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। मवेशियों के साथ अनजाने में हादसा होने पर वाहन चालकों पर दबाव बनाकर उनसे आर्थिक लाभ लेने की कोशिश होती है।

