इटारसी नगरपालिका के सम्मेलन में नपाध्यक्ष और लोक निर्माण विभाग सभापति के बीच 40 मिनिट तीखी तकरार, नियमों के तीर से एक दूसरे को बैकफुट पर लाने की कोशिश….

इटारसी। इटारसी नगरपालिका के सम्मेलन में नगरपालिका की राजनीति में खासा अनुभव रखने वाले दो मंझे हुए खिलाड़ी एक-दूसरे के सामने आ गए। इनमें से एक नपाध्यक्ष की भूमिका में थे और दूसरे पार्षद के तौर पर सामने खड़े थे। इन दोनों के बीच सब्जी मंडी में दुकानों के निर्माण को लेकर प्राधिकार समिति द्वारा लिए गए निर्णय को लेकर करीब 40 मिनट तक तीखी तकरार चली। दोनों ने एक-दूसरे पर नपा के अधिनियमों में से छांटकर लाए गए नियमों के तीरों की बरसात की। पार्षद और लोक निर्माण विभाग सभापति ने प्राधिकार समिति के निर्णय को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने पूरी ताकत लगाई तो नपाध्यक्ष ने प्राधिकार समिति के निर्णय को लागू कराना मजबूरी बताते हुए विरोध के तीरों को बोथरा करने में ऊर्जा खर्च की। ४० मिनट की लंबी बहस के बाद प्रस्ताव अंतत: पास हो गया।सम्मेलन में जब एजेंडे में शामिल प्रस्ताव क्रमांक 17 आया तो नपाध्यक्ष पंकज चौरे ने प्राधिकार समिति की प्रोसिडिंग पढक़र सुनाई। उन्होंने बताया कि प्राधिकार समिति ने स्पष्ट लिखा है कि सब्जी मंडी में दुकान निर्माण के मामले में व्यवस्थापन नियमों का पालन ना करते हुए शासन को करोड़ों रुपए की हानि पहुंचाई गई है। नपा के पास केवल १०२ लोगों का ही रिकार्ड उपलब्ध है बाकी की दुकानों से जुड़ा रिकार्ड नहीं है। वर्ष 2017-20 तक का कोई रिकार्ड नपा कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। समिति ने अतिरिक्त बनी दुकानों को लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस पर लोक निर्माण सभापति व पार्षद कल्पेश अग्रवाल ने कहा कि प्राधिकार समिति ने केवल 16 दुकानों के संदर्भ में अपनी बात कही है इसलिए सभी दुकानों को लेकर ऐसा करना उचित नहीं होगा। पार्षद अग्रवाल ने नपा अधिनियम, मप्र शासन के राजपत्र और प्राधिकार समिति की कोई रिपोर्ट को आधार बनाकर करीब ४० मिनट तक बहस की। उन्होंने कहा कि हम प्राधिकार समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं जिसमें 16 दुकानों का जिक्र है पूरी दुकानों को अवैध कहना उचित नहीं है। इस पर नपाध्यक्ष पंकज चौरे ने कहा कि यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि प्राधिकार समिति के निर्देश हैं कि मंडी की अतिरिक्त बनी सभी दुकानों को केंद्र बिंदु में रखकर कार्रवाई करना है। इस विषय पर लंबी बहस के बाद जब सीएमओ रितु मेहरा ने व्यवस्थापन से जुड़े नियमों की अनदेखी से होने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी दी तब मामला शांत हुआ। इसके बाद यह प्रस्ताव पास हो गया।

सब्जी मंडी के घोटालेबाजों पर होगी एफआईआर

सब्जी मंडी में कुटरचित दस्तावेजों के आधार पर लगभग 24 से अधिक दुकानों के आवंटन निरस्त करते हुए संबंधित लोगों पर कानूनी कार्यवाही की सहमति बनी। दुकानों के गलत आवंटन की शिकायत पर बनी प्राधिकार समिति के निर्णय को लागू किया जाएगा। समिति के निर्णय के मुताबिक प्रत्येक वैध दुकानदार को दुकान का कलेक्टर दर पर प्रीमियम 24 माह में जमा करना होगा। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आवंटित की गई दुकानों की नीलामी नगरपालिका परिषद कराएगी। वरिष्ठ पार्षद शिवकिशोर रावत ने कुछ नाम गिनाए और कहा कि इन्हें कभी किसी ने सब्जी मंडी में नहीं देखा लेकिन उनके नाम से दुकानें आवंटित हो गईं। उन्होंने कहा कि फर्जी रसीदें बनाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। जिस पर परिषद ने सहमति जताई।

नपा उपाध्यक्ष ने दिखाए तेवर

सम्मेलन की शुरुआत में ही नगरपालिका उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत भी तीखे तेवर में नजर आए। उन्होंने कहा कि कोर्ट से संबंधित सभी मुद्दों पर मेरी आपत्ति है। सम्मेलन के दौरान ही नपाध्यक्ष पंकज चौरे व उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत के बीच तीखी बहस हो गई। बहस से नाराज नपाध्यक्ष ने सम्मेलन में मंच से कह दिया कि परिषद की बैठक का संचालन का अधिकार नपाध्यक्ष का होता है आप संचालन नहीं करेंगे। आप थोड़ा मर्यादा बनाकर रखें। बीओटी कॉम्प्लेक्स के विवाद का कोर्ट के आदेश के बाद 58 लाख रुपये शुरुआती स्ट्रेक्चर बनाने वाले मेसर्स शांति कॉलोनाइजर एवं डेवलपर को देने पर सहमति बनी।

खास प्रस्तावों पर यह हुए निर्णय

सम्मेलन में प्रस्ताव क्रमांक 7 जो न्यास कॉलोनी एवं नगरपालिका परिषद इटारसी के भूखंडों की लीज डीड निरस्तीकरण से जुड़ा था उसे इस शर्त के साथ पारित किया गया कि प्राथमिक चरण में पहले पेनाल्टी लगाई जाएगी। सूरजगंज योजना क्रमांक 1 से संबंधित प्रस्ताव 10 जिसमें वर्तमान शिक्षक नगर कालोनी के पास के क्षेत्र को डी-नोटिफाईड करने पर विचार होना था। इस प्रस्ताव को फिलहाल होल्ड कर दिया गया है। प्रस्ताव 13 में नामांतरण शुल्क के नाम पर फौती नामांतरण पर 2000 और अनापत्ति प्रमाण पत्र पर 1500 रुपये लगेंगे। प्रस्ताव क्रमांक 20 जो दुकानों की किराया वृद्धि से जुड़ा था उसे भी होल्ड कर दिया गया।

इनका कहना है
24 प्रस्ताव में से 21 प्रस्ताव पारित हुए हैं। दो प्रस्ताव पुर्नविचार के लिए होल्ड पर लिए हैं। सब्जी मंडी के लिए बनी प्राधिकार समिति की आई रिपोर्ट के आधार पर गलत दुकानें आवंटन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी और ऐसी दुकानें निरस्त होगी। इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया की जाएगी। वैध दुकानदारों को दुकानों का प्रीमीयम कलेक्टर रेट पर जमा करना होगा। इसी तरह बीओटी कॉम्प्लेक्स का विवाद भी खत्म होने जा रहा है, परिषद ने बीओटी स्ट्रक्चर बनाने वाली कंपनी को 58 लाख 600 रुपये देने पर सहमति दी है।

पंकज चौरे, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद इटारसी

सब्जी मंडी से जुड़ी प्राधिकार समिति की जो रिपोर्ट है उसके आधार पर जल्द ही कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस मामले में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

रितु मेहरा, सीएमओ इटारसी