7 साल पहले जेवर के लालच में की थी 76 साल की सुमति ताई की हत्या, अब आजीवन जेल में सांसें लेंगे तीनों आरोपी…

इटारसी। धार्मिक कार्यों से जुड़ी रहने वाली 76 वर्षीय सुमति गोपाल कृष्ण कुलकर्णी यानी सुमति ताई की हत्या के मामले में कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया है। हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशीला वर्मा ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई एवं उन्हें जेल भेज दिया। वहीं दूसरी ओर एक सर्राफा व्यवसायी को धारा 411 में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। न्यायालय में इस पूरे मामले की पैरवी सरकार की ओर से अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता भूरे सिंह भदोरिया द्वारा की गई। उस समय के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आशुतोष प्रताप सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशांक गर्ग, थाना प्रभारी भूपेंद्र मौर्य एवं उप निरीक्षक उमाशंकर यादव, संजय रघुवंशी ने भी इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सुमति कुलकर्णी हत्याकांड को लेकर इटारसी के लकड़गंज और गांधीनगर क्षेत्र में एक सप्ताह तक भारी तनाव था। पुलिस के विरुद्ध कई बार आंदोलन किए गए थे और अंततः आरोपी पुलिस की पकड़ में आए थे। आरोपी प्रदीप भाट, मोहित भाट, दिनेश उर्फ दिन्ना राजपूत ने योजनावद्ध ढंग से 9 जनवरी 2017 की रात्रि में अकेली रहने वाली सुमति कुलकर्णी की हत्या कर उनके गहने और रुपए लूट लिए थे। उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 302 का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई एवम जुर्माना भी किया गया। सुमति गोपाल कृष्ण कुलकर्णी दत्त संप्रदाय से संबंधित थी। क्षेत्र में सप्ताह में निरंतर होने वाले भजन कार्यक्रमों में जाती थी। वे मृदुभाषी और सहज सरल महिला थी उनकी तीन पुत्रियां हैं एवं एक पुत्र है।