25 लाख एस्टीमेट और ड्राइंग डिजाइन देकर समिति को लिया था भरोसे में, मौके पर हो गया घटिया और मनमाना काम, नोटिस देकर प्रशासन दबा रहे ग्रामीणों की आवाज….

इटारसी। केसला से गुजर रहे फोरलेन के लिए हनुमान मंदिर के लिए समिति को ड्राइंग डिजाइन दी गई थी और करीब 25 लाख रुपए का एस्टीमेट दिया गया था। ये दस्तावेजों में दिया गया था मगर हकीकत में मंदिर का निर्माण में ना तो डिजाइन का ध्यान रखा गया है और ना ही गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया गया है। समिति की मांग है कि मंदिर निर्माण कार्य की जांच कराई जाए और दोषियों पर या तो एफआईआर हो या उनसे रिकवरी की जाए। ये बात केसला के स्थानीय दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में श्री रामायण मंडल हनुमान धाम वेलफेयर सोसायटी और ग्रामीणों द्वारा आयोजित द्वारा पत्रकार वार्ता में समिति सदस्यों ने कही। पत्रकार वार्ता में मंदिर समिति के सचिव अश्वनी व्यास ने कहा कि मंदिर की स्थापना सैकड़ों साल पहले की है।केसलावासी इन्हें खेडा़पति के रूप में पूजते आ रहा है। फोरलेन के विस्तार में यह स्थान आ रहा है। जब NHAI के अधिकारियों से मंदिर समिति की बातचीत हुई तो अधिकारियों द्वारा हमें मंदिर के निर्माण की ड्राइंग एवं निर्माण दरों के कागज की छायाप्रति  देकर विश्वास दिलाया था कि नये मंदिर का निर्माण इस गुणवत्ता के आधार पर होगा। नया भव्य मंदिर बनायेंगे किन्तु दुर्भाग्य है कि ड्राइंग के अनुरूप निर्माण काम नही होने पर अनेक बार एनएचएआई के अफसरों तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी को लिखित शिकायत की गई किन् अधिकारियों ने जानबूझकर शिकायतों पर ध्यान नही दिया। अब मंदिर से प्रतिमा को अगर जबरदस्ती शिफ्ट किया जाता है प्रशासन कर दे हमारे पास विरोध के जो संवैधानिक अधिकार हैं हम उनका प्रयोग करते हुए धरना प्रदर्शन करेंगे। केसला ग्राम के कमलकिशोर वाजपेयी ने कहा कि सनातन धार्मिक पद्धति से हिन्दू देवी देवता की प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। किसी कारणवश अगर देव प्रतिमा को किसी अन्य जगह पर पुनः स्थापना की जाती है,तो उसका भी विधान है। मंदिर की स्थापना जनकल्याण के भाव से होती है,अगर NHAI और प्रशासन हनुमान प्रतिमा की स्थापना के लिये हठधार्मिता करते है तो दैवीय प्रकोप के भागी हम सभी को बनना पड़ सकता है। विश्व हिन्दू परिषद मध्यभारत प्रांत सह मंत्री गोपाल सोनी ने कहा कि नये मंदिर के निर्माण की गुणवत्ता में आर्थिक लाभ कमाने के लिये मंदिर के निर्माणकर्ता द्वारा गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया है और मंदिर समिति तथा विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल के द्वारा NHAI जिला एवं स्थानीय प्रशासन से शिकायत निवेदन पत्रों में स्पष्ट आग्रह किया गया है। ग्रामवासी मंदिर को नये स्थान पर ले जाने के लिये तैयार है, किन्तु वो और हम चाहते है कि नये मंदिर की निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही हो जब हम सहयोग करेंगे। विश्व हिन्दू परिषद और ग्रामवासियों की भावनाओं का NHAI और जिला प्रशासन को सम्मान करते हुये न्यायहित में कार्यवाही करना चाहिये। पत्रकारो के सवाल पर प्रांत सह मंत्री सोनी ने कहा कि हम विकास में बाधा उत्पन्न नही कर रहे है,किन्तु हम बजरंग मंदिर के निर्माण में गुणवत्ता में कमी कर आर्थिक लाभ प्राप्त करने वाले दोषी को माफ भी नही करेंगे , इसके लिये जो हमें संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, हम उसका उपयोग अवश्य लेगे। सोनी ने कहा कि सांसद और विधायक से इस मामले में निवेदन किया गया है जो हिंदू हित में सहयोग करेंगे तो हम उनका सहयोग करेंगे। अगर वे सहयोग नहीं करेंगे तो हम भी उनका सहयोग नही करेंगे।