इटारसी। नगर पालिका परिषद की तीसरे साधारण व्यापक सम्मेलन में शुक्रवार को नपाध्यक्ष पंकज चौरे और कांग्रेस को लीड कर रहे पार्षद अमित कापरे के बीच तीखी बहस का केंद्र बिंदु वीर सावरकर बने। कांग्रेस पार्षद अमित कापरे ने सावरकर को अंग्रेजों का एजेंट बताया तो नपाध्यक्ष पंकज चौरे ने सावरकर द्वारा राष्ट्र हित मे किये गए कार्यों को गिनाकर कांग्रेसी खेमे को चुप रहने को मजबूर किया। दोनों के बीच तथ्यों के आधार पर चली बहस के बाद सूखा सरोवर दशहरा मैदान का नाम वीर सावरकर दशहरा मैदान करने का प्रस्ताव पास हो गया। सम्मेलन में नपाध्यक्ष पंकज चौरे का कांग्रेस पार्षद अमित कापरे को बोला गया डायलॉग “हमने आपकी सुनी अब आप चुपचाप हमारी सुनें” चर्चा का विषय बना रहा।। कांग्रेस पार्षदों ने भी छोड़ा साथ नगर कांग्रेस द्वारा 1 दिन पहले परिषद के सम्मेलन में इस विषय पर किए जाने वाले विरोध का होमवर्क पार्षदों को कराया गया था परिषद के सम्मेलन में कांग्रेसी पार्षदों की एकजुटता तितर-बतर नजर आई। कांग्रेस पार्षद अमित कापरे ने प्रस्ताव के विरोध में अपनी बात को अनूठे तरीके से प्रस्तुत किया मगर वह इसके विरोध में अपने साथ पार्षदों को एकजुट नहीं रख पाए। सम्मेलन में सीएमओ हेमेश्वरी पटले की हाथ उठाकर समर्थन और विरोध करने की बात कहने पर सम्मेलन में कांग्रेस के 11 में से छह पार्षदों ने ही प्रस्ताव का विरोध किया। इस तरह कांग्रेस के होमवर्क की हवा निकल गई और कमजोर विरोध के बीच पुरानी इटारसी के सूखा सरोवर मैदान का नाम वीर सावरकर दशहरा मैदान करने का प्रस्ताव पारित हो गया।। बैनर से खींचा ध्यान, नपाध्यक्ष बोले ये तरीका गलत। कांग्रेस पार्षद अमित कापरे ने प्रस्ताव के विरोध में कुछ दस्तावेजों के साथ विरोध किया और कहा कि कहीं भी सावरकर के नाम पर कुछ नहीं है। उन्होंने अध्यक्षीय आसंदी के पास पहुंचकर सावरकर के माफीनामे से जुड़े कुछ बैनर भी लहराये, लेकिन उनकी बातों नकार दिया गया। अध्यक्ष पंकज चौरे ने कहा कि सदन में इस तरह का प्रदर्शन उचित नही है। ये आपके तोड़े मरोडे गए तथ्य हैं। नपाध्यक्ष पंकज चौरे ने सावरकर के समर्थन में कई तर्क रखे और उनको वीर, स्वतंत्रता सेनानी बताते हुए कहा कि भोपाल के नये सेतु का नाम भी वीर सावरकर के नाम पर ही है। प्रस्ताव पास होने पर कांग्रेस की नारेबाजी। परिषद के संम्मेलन में विरोध के बीच भाजपा पार्षदों ने समर्थन में हाथ उठाये और प्रस्ताव पारित हो गया। प्रस्ताव का विरोध कर रहे मुठ्ठी भर कांग्रेसी प्रस्ताव को पास होते देखते रह गए। बैठक के बाद कांग्रेस नगर अध्यक्ष पंकज राठौर के नेतृत्व में कांग्रेस, युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के सदस्यों ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। कांग्रेस अध्यक्ष पंकज राठौर ने कहा कि हमारा विरोध जारी रहेगा, हम सड़कों पर भी उतरेंगे। सावरकर गद्दार था और उसे गद्दार ही कहा जायेगा। इन प्रस्तावों पर बनी सहमति-– इस एजेंडे में शहर में विभिन्न 6 स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाने, सीएम योजना में सड़कों का उन्नयन, दुकानों की नीलामी, ओझा बस्ती और समरसता नगर के विकास के अलावा अन्य विषय शामिल थे। सम्मेलन में नपा के उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत, सीएमओ हेमेश्वरी पटले, सहायक यंत्री मीनाक्षी चौधरी सहित भाजपा के 19 तथा कांग्रेस के 11 पार्षद उपस्थित रहे।। अध्यक्ष का स्वागत, सावरकर के समर्थन में नारेबाजी। परिषद की बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने वीर सावरकर के नाम पर दशहरा मैदान का नामकरण होने और अन्य स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमा स्थापना के प्रस्ताव पारित होने पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पंकज चौरे का बड़ी माला से स्वागत किया और भारत माता तथा वीर सावरकर के नारे लगाये। महापुरुषों की प्रतिमाओं की स्थापना के प्रस्तावों का सभापति राकेश जाधव, वरिष्ठ पार्षद शिवकिशोर रावत, अमृता मनीष ठाकुर सहित अन्य पार्षदों ने स्वागत किया।