नर्मदापुरम में मिलावटी मावा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 650 किलो मावा जब्त
नर्मदापुरम। सावधान….रक्षाबंधन और उससे लगे हुए अन्य छोटे बड़े त्योहारों पर मिठाई की शक्ल में मिलावटी मावा (milavati mava)आपके घर पहुंच सकता है। बाजार में खपाने की मंशा से भोपाल से लाई गई कथित मिलावटी मावे के खेप के पकड़ाने से इस संभावना को बल मिल रहा है कि मिलावटी मावे की जो खेप प्रशासन के निगरानी तंत्र की नजरों से बचकर गोदामों तक पहले ही पहुंच चुकी है उसका मिठाइयों में इस्तेमाल तो जरूर हो सकता है। हालांकि जिला प्रशासन मिलावटी मावे की बाजार में एंट्री को रोकने को लेकर सक्रिय दिख रहा है मगर ये भी उतना ही सत्य है कि विभागीय अफसर त्योहारों के भीड़ भरे माहौल में हर एक छोटी बड़ी दुकान तक नहीं पहुंच सकते हैं और इसी का फायदा मिलावटी मावा बेचने वाले लोग उठाने की कोशिश करेंगे। प्रशासन की इस कार्रवाई से बड़ा सबक लेकर लोग मावे से बनी मिठाइयों से दूरी बनाकर अपने परिजनों को बड़े नुकसान से बचाने में कामयाब हो सकते हैं
क्या है मामला

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर त्योहारों के मद्देनजर जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसी का परिणाम रहा कि मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) देवेन्द्र सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा पुराने बस स्टैंड, नर्मदापुरम पर कटियार बस क्रमांक MP04 PA 3120 को रोककर जांच की गई। जांच में बस की डिक्की से 13 बोरियों में भरा मावा मिला, जिसका कोई बिल व्यापारी के पास नहीं था। मौके पर अतिरिक्त तहसीलदार डॉ. सुरेखा यादव एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश एस. दियावार द्वारा मावा की खेप को उतरवाकर अपने पजेशन में लिया गया। इसके अलावा चक्कर रोड स्थित ब्रजवासी स्वीट की जांच कर मावा व मीठा मावा के 02 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।
बिना बिल के मावा सप्लाई
प्रशासन की इस कार्रवाई में बस से कुल 650 किलोग्राम कथित मिलावटी मावा जब्त किया गया। पूछताछ में उक्त मावा फूल सिंह यादव का होना पाया गया। व्यापारी ने स्वीकार किया कि उसने मावा भोपाल से मंगवाया है और बिल नहीं आया है। संदेह के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा जांच हेतु नमूने लिए गए और संपूर्ण मावा कोल्ड स्टोरेज में जब्त कर सुरक्षित रखवाया गया है। व्यापारी को नोटिस जारी किया जा रहा है और मावा भेजने वाले के संबंध में विवेचना की जा रही है। इस इकलौते मामले से पूरी संभावना है कि जिले भर में दर्जनों व्यापारियों ने इसी तर्ज पर संदिग्ध मावा पहले ही बिना बिल के बुलाकर अपने अपने गोदामों में जमा कर लिया हो और जिसकी बाजार में निकासी मौका देखकर की जाएगी।
सिवनी मालवा और पिपरिया में भी कार्रवाई
सिवनी मालवा में अनुविभागीय अधिकारी विजय राय के निर्देशन में राजस्व एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने मिठाई निर्माण केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साईं स्वीट्स, बानापुरा, ओम राजस्थान मिष्ठान भंडार, बानापुरा से मिल्क केक एवं बर्फी के नमूने, राजस्थान मिष्ठान भंडार, गीता टॉकीज के पास स्थित कारखाने से मिल्क केक, पाइनएप्पल बर्फी, चॉकलेट बर्फी एवं अंजीर बर्फी के नमूने, रितेश ट्रेडर्स से पैक्ड घी का नमूना लिया गया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र सिंह राणा एवं नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान की टीम द्वारा की गई। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की एक अन्य टीम में बी.एस. धाकड़ ने पिपरिया स्थित सपना स्वीट से मावा और गुलकंद बर्फी के दो नमूने और बीकानेर स्वीट से मावा, रसगुल्ला और मोतीचूर लड्डू के कुल 05 नमूने जांच हेतु लिए। सभी नमूने नियमानुसार राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात गुणवत्ता के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है
त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों, विशेषकर दूध, दुग्ध उत्पाद एवं घी में मिलावट के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध मावे पर विशेष नजर रखी जा रही है। जो भी दुकानदार मिलावटी मावे का प्रयोग करते पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जितेंद्र सिंह राणा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नर्मदापुरम