भगवती राइस मिल का कारनामा, मजदूर को बीमा कवर में लाए बिना करा रहे थे काम, प्राथमिक जांच में मिल प्रबंधन की लापरवाही उजागर…

मिल प्रबंधन की लापरवाही से हाथ-पैर गवाने वाले मज़दूर को नहीं मिलेगी बीमा कवर से बड़ी आर्थिक सहायता

नर्मदापुरम । माखन नगर के मोहासा औद्योगिक क्षेत्र (mohasa industrial area) स्थित भगवती राइस मिल (bhagwati rice mill) में नियमों को ताक पर रखकर मजदूरों से काम कराने का खुलासा हुआ है। एक मजदूर के साथ हुई घटना के बाद जब श्रम विभाग और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने जांच की तो सबसे बड़ी लापरवाही उक्त मजदूर का बीमा ही नहीं होने की सामने आई। इस एक मजदूर के बीमा कवर के दायरे से बाहर होने के मामले में अन्य मजदूरों को भी इसी कैटेगरी में रखने की संभावनाओं को बल मिल गया है। घटना के कई घंटे बीतने के बावजूद भगवती राइस मिल प्रबंधन के जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होना एक तरह से पीड़ित गरीब मजदूर के साथ अन्याय है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले काम के दौरान पॉलिश मशीन की चपेट में आने से 45 वर्षीय मजदूर महेश नामदेव गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे में उसका एक हाथ और एक पैर कटकर शरीर से अलग हो गया है। मजदूर का भोपाल के एक निजी अस्पताल में उपचार जारी है। सोमवार को जब औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और श्रम विभाग की टीम ने राइस मिल पहुंचकर मौका मुआयना किया तो जांच के दौरान कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था में कई लूप होल सामने आए।

पॉलिश मशीन की चपेट में आया था मजदूर

भगवती राइस मिल में शनिवार शाम करीब 5:30 बजे मजदूर महेश नामदेव काम कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर पॉलिश मशीन की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसका एक हाथ और एक पैर शरीर से अलग हो गया। हादसे के बाद मजदूर को इलाज के लिए भोपाल के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

करीब 20 घंटे तक छिपाई जानकारी

हादसे के बाद प्रबंधन पर घटना को छिपाने के आरोप भी लग रहे हैं जिससे प्रबंधन की मुश्किल बढ़ना तय है। हादसे का खुलासा करीब 20 घंटे बाद हुआ। करीब 20 घंटे बाद जब मामले की जानकारी सामने आई तो नायब तहसीलदार, माखन नगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर और श्रम निरीक्षक ज्योति अय्यर मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर राइस मिल का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद टीम ने मौका पंचनामा तैयार किया और वापस लौट गई। घटना के तीसरे दिन सोमवार को श्रम विभाग और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने दोबारा राइस मिल पहुंचकर निरीक्षण किया।

हादसे से जुड़े साक्ष्य नदारत, किसने की छेड़छाड़

सोमवार को अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम को मौके पर कहीं भी खून या हादसे से जुड़े अन्य स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। इतने बड़े हादसे के बाद घटनास्थल से साक्ष्य नदारत होना कहीं न कहीं लापरवाही को छिपाने का प्रयास है।यह छेड़छाड़ किसके इशारे पर हुई इसका जवाब जांच में सामने आएगा। फिलहाल अधिकारियों ने मौके का पंचनामा तैयार किया है। निरीक्षण के दौरान औद्योगिक इकाई में सुरक्षा व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों की भी जांच की गई। अब हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जांच की जाएगी।

मजदूर था समूह बीमा कवर से बाहर

जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी की ओर से मजदूर का समूह बीमा नहीं कराया गया था। हादसे के बाद यह भी जांच का अहम बिंदु बन गया है। अधिकारियों के अनुसार घायल मजदूर के पास संबल कार्ड है। ऐसे में शासन की योजना के तहत उसे आंशिक क्षति के लिए करीब एक लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जा रही है।

कंपनी करा रही इलाज, सामने आने से बच रहे जिम्मेदार

हादसे के बाद भगवती राइस मिल प्रबंधन की ओर से घायल मजदूर का भोपाल के निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। हालांकि, घटना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर कंपनी के अधिकारी विस्तृत आधिकारिक बयान देने से बच रहे हैं। श्रम विभाग के अनुसार मजदूर और उसके परिवार के प्रति कंपनी की ओर से संवेदना जताई गई है, लेकिन हादसे की जिम्मेदारी और सुरक्षा चूक से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

क्या बोली सहायक श्रमायुक्त

सहायक श्रम आयुक्त रजनी मालवीय के अनुसार राइस मिल का निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी मानकों की जांच की गई है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया है।अधिकारियों के मुताबिक हादसे की पूरी जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और माखन नगर थाना पुलिस करेगी। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।

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