इटारसी के 9 वार्डों में शुरू हुआ RFID सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट
इटारसी। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए नगर पालिका परिषद इटारसी भी तकनीक का सहारा लेने की राह पर चल पड़ी है। शहर के वार्डों में जाने वाले कचरा वाहनों की रियल टाइम निगरानी के अब इटारसी नपा रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को टूल की तरह इस्तेमाल करेगी। यह सिस्टम शहर के 9 वार्डों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चालू किया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे के निर्देशन एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी सुरेखा जाटव के नेतृत्व में शहर के 9 वार्डों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) प्रणाली की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत वार्ड क्रमांक 11, 12, 13, 14, 15, 17, 30 (आंशिक), 31 और 32 के लगभग 2,000 घरों में RFID कार्ड लगाए जा रहे हैं।
कैसे काम करेगी यह तकनीक?
अनिवार्य स्कैनिंग: कचरा संग्रहण वाहन (कचरा गाड़ी) के हेल्पर के लिए प्रत्येक घर पर लगे RFID कार्ड को स्कैन करना अनिवार्य होगा।
समय और रूट की ट्रैकिंग: कार्ड स्कैन होते ही नगर पालिका के कंट्रोल रूम को रियल-टाइम डेटा मिल जाएगा। इससे यह आसानी से पता चल सकेगा कि कचरा गाड़ी निर्धारित समय पर पहुंची या नहीं।
लापरवाही पर रोक: यदि कोई वाहन किसी गली या घर में नहीं जाता या देरी से पहुंचता है, तो उसकी तुरंत डिजिटल निगरानी और समीक्षा की जा सकेगी।
उद्देश्य और भविष्य की योजना
नगर पालिका का मुख्य लक्ष्य तकनीक के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना और नागरिकों को बेहतर सेवा देना है। यदि इन 9 वार्डों में यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आगामी समय में इसे पूरे इटारसी शहर के सभी वार्डों में लागू किया जाएगा।
