1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं उपार्जन प्रक्रिया
नर्मदापुरम। मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरीका-इजराइल के बीच चल रही जंग का असर अब नजर आने लगा है। तेल और गैस के अलावा भी कई सारे सेक्टरों पर इस जंग ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के कारण मध्यप्रदेश में इस बार गेहूं उपार्जन का काम आगे खिसकाना पड़ गया है। गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया इस बार नर्मदापुरम जिले में 10 दिन देरी से शुरू करने के आदेश आ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव के कारण इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदी करीब 10 दिन देरी से यानी 1 अप्रैल से शुरू होगी। पिछले साल तक गेहूं उपार्जन प्रक्रिया 15 से 20 मार्च के बीच शुरू हो जाती थी मगर इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा। इस बार पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या भी गत वर्ष के मुकाबले करीब 9 हजार ज्यादा हुई है।
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जारी नीति के अनुसार प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं खरीदी शुरू होगी, जबकि प्रदेश के शेष संभागों में उपार्जन कार्य 7 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। फरवरी माह तक नर्मदापुरम संभाग में 15 से 20 मार्च को ही आधार बनाकर तैयारियां की जा रही थीं मगर 1 मार्च से युद्ध शुरू होने के बाद से पूरी परिस्थितियां बदल गई हैं। इन बदले हुए हालातों के कारण ही शासन को भी अपनी योजना में बदलाव करना पड़ गया है।
पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ी
इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराने में किसानों ने खासी रुचि दिखाई है। इस साल एमएसपी पर गेहूं बेचने के इच्छुक किसानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जहां 64 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था, वहीं इस साल 73,296 किसानों ने पंजीयन कराया है। पिछले साल की तुलना में 9,296 किसान अधिक पंजीकृत हुए हैं। इस वर्ष किसानों की संख्या बढऩे से उपार्जन केंद्रों पर किसानों का दबाव बढऩे वाला है। केंद्रों पर किसानों की रेलमपेल मचने से व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इन हालातों को देखते हुए प्रशासन ने अभी से ही अपना होमवर्क तेज कर दिया है ताकि उपार्जन प्रक्रिया चालू होने के बाद किसी तरह की अव्यवस्था का सामना ना करना पड़े।
सुबह 8 से रात 8 बजे तक होगी खरीदी
जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर सोमवार से शुक्रवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक गेहूं खरीदी की जाएगी। शासकीय अवकाश के दिनों में खरीदी नहीं होगी। कलेक्टर सोनिया मीना ने जिला उपार्जन समिति, सभी एसडीएम और खंड स्तरीय समितियों को शासन की उपार्जन नीति के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम को उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर वहां किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही खरीदी प्रक्रिया पूरी की जाए और केवल एफएक्यू गुणवत्ता वाले गेहूं का ही उपार्जन किया जाए।
प्रदेश में हुई थी 77.71 लाख मीट्रिक टन खरीदी
वर्ष 2025-२६ में मध्यप्रदेश में कुल 8.76 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। गेहूं उपार्जन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मध्यप्रदेश में कुल 77.71 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी किसानों से की गई थी। गत वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए प्रति क्विंटल किसानों को दिया जाना है।
इनका कहना है
जिले में 1 अप्रैल से गेहूं की उपार्जन प्रक्रिया शुरू होगी। सभी सेंटरों पर व्यवस्थाएं करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दे दी गई हैं। शासन के निर्देशों के अनुरूप एफएक्यू गेहूं का ही उपार्जन किया जाएगा।
सोनिया मीना, कलेक्टर नर्मदापुरम
