परिक्षेत्र इटारसी की बीट सोनतलाई क्षेत्र में मृत बाघ का मामला
नर्मदापुरम। वनमंडल नर्मदापुरम अंतर्गत परिक्षेत्र इटारसी की बीट सोनतलाई क्षेत्र में जिस टाइगर का शव मिला था उसकी मौत शिकार की वजह से नहीं हुई थी बल्कि उस संक्रमण की वजह से हुई जो उसे पेट में हुआ था। टाइगर की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में इस तरह के संकेत मिल गए है। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण सामने आने के बाद वन विभाग के अफसरों की भी जान में जान आई है। आपको बता दें कि गत दो दिनों से बाघ की निगरानी की जा रही थी।
बुधवार को मिला था शव
बुधवार 21 जनवरी को बाघ को कल के स्थान पर ही पाए जाने एवं शरीर में किसी प्रकार की हलचल नहीं मिलने पर टीम ने पास जाकर देखा था तब उसके मृत होने का पता चला चला था। सूचना मिलने पर मुख्य वन संरक्षक, वृत्त नर्मदापुरम, वनमंडल अधिकारी नर्मदापुरम, डॉग स्क्वाड, सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व के चिकित्सकों की टीम, एनटीसीए द्वारा मनोनीत चिकित्सक, तहसीलदार इटारसी, ग्राम पंचायत रानीपुर के सरपंच एवं वन अमले की उपस्थिति में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अनुरूप विधिवत पोस्टमार्टम की कार्यवाही की गई। मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि हेतु अधिकृत प्रयोगशाला भेजने हेतु बाघ का विसरा एकत्रित किया गया था।
शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में संकेत
चिकित्सक दल द्वारा किए गए प्रारंभिक परीक्षण के आधार पर बाघ की मृत्यु संभवतः पेट में संक्रमण के कारण होना पाया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान बाघ के सभी अवयव सुरक्षित पाए गए, जिससे किसी भी प्रकार की अवैध शिकार के संकेत नहीं मिले हैं। जिसकी पुष्टि हेतु सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व के डॉग स्क्वाड द्वारा भी आसपास के क्षेत्र की खोजबीन की कराई की गई मगर कुछ नहीं मिल। अधिकारियों की उपस्थिति में राख होने तक टाइगर का शवदाह किया गया। बाघ की मृत्यु का वास्तविक एवं अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के उपरांत ही सुनिश्चित किया जाएगा।
*इनका कहना है*
टाइगर के शॉर्ट पीएम में चिकित्सकों को पेट में संक्रमण मिलने के संकेत मिले है। इससे ये तो स्पष्ट है कि टाइगर का शिकार नहीं हुआ है। तीन से चार दिन टाइगर की पीएम रिपोर्ट हमे मिल जाएगी जिसमें मृत्यु का सही कारण सामने आ जाएगा।
*नरेंद्र पांडवा, डीएफओ नर्मदापुरम*

