नर्मदापुरम। जिले के माखन नगर के मनवाड़ा गांव के दो भाइयों के हत्याकांड की वजह शराब के नशे में मामूली बहस से शुरू हुआ विवाद बना था। विवाद के चलते तिहरे हत्याकांड के दोषी रहे और 5 साल पहले जेल से सजा काटकर आए युवक ने अपने 4 साथियों के साथ मिलकर दोनों भाइयों की हत्या कर दी थी और उनकी लाशों को अलग-अलग जगहों पर फिंकवा दिया था। पुलिस ने जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हत्याकांड के बाद की मछली पार्टी

नर्मदापुरम एसपी साइकृष्ण एस थोटा ने पत्रकार वार्ता में इस पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी ने कहा कि चचेरे भाई शुभम कीर और करण कीर की सनसनीखेज हत्या का मामला किसी चुनौती से कम नहीं था। गहन जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस दोहरे हत्याकांड में पांच आरोपियों ने मिलकर दोनों भाइयों की बेरहमी से हत्या की थी। आरोपियों ने शुभम की लाश बागड़ा तवा के जंगल में रेलवे ट्रैक के पास फेंक दी, जबकि करण का शव बांसाखापा रेलवे ट्रैक के बीच डाल दिया गया था। हत्या के बाद आरोपी बेखौफ होकर सोहागपुर के एक ढाबे पर मछली पार्टी करते पाए गए थे।
20 साल की जेल काटकर आने के बाद फिर दोहरी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड केवलराम कीर है। वह पहले भी 23 साल पहले अपने ही भाई, भाभी और पांच साल की मासूम भतीजी की हत्या कर चुका है, जिसके लिए उसे 20 साल की सजा हुई थी। सजा पूरी करने के बाद वह करीब पांच साल पहले जेल से बाहर आया था। मनवाड़ा के मोहासा रोड पर उसका मकान और दुकान है, जहां वह होटल का संचालन करता था। 17 दिसंबर की रात उसके घर पर शराब पी जा रही थी, इसी दौरान विवाद शुरू हुआ, जिसने बाद में खौफनाक रूप ले लिया।
शराब के नशे में कर बैठे हत्याकांड
पुलिस के अनुसार उसी रात करीब 10 बजे शुभम कीर और करण कीर स्कूटी से केवलराम के घर पहुंचे। दोनों शराब के नशे में थे और वहां गाली-गलौज करने लगे। उन्हें समझाने की कोशिश की गई, लेकिन विवाद बढ़ गया। इसी दौरान केवलराम ने गुस्से में आकर डंडे से शुभम के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। करण जान बचाने के लिए भागा तो आरोपियों ने उसे घर के पीछे खेत में पकड़ लिया और डंडों व लात-घूंसों से बेरहमी से पीट दिया, जिससे वह भी बेहोश हो गया।
माखननगर से ऑटो बुलाकर शव ले गए
इसके बाद आरोपियों ने बाबई से ऑटो मंगवाया और दोनों भाइयों को उसमें डालकर जंगल की ओर ले गए। बागड़ा तवा के पास शुभम को ऑटो से उतारकर रेलवे ट्रैक के किनारे ले जाया गया, जहां उसके सिर और चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। वहीं करण को बांसखापा रेलवे ट्रैक के बीच फेंक दिया गया। कुछ देर बाद ट्रेन गुजरने से करण की मौत हो गई और उसका सिर बुरी तरह कुचल गया। हत्या को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की जांच में यह साजिश उजागर हो गई।
पहले मिला था करण कीर का शव
घटना के बाद दोनों भाई 17 दिसंबर की रात से लापता थे। 18 दिसंबर को करण का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम भी किया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और पूछताछ के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने सभी पांच आरोपियों—केवलराम कीर, नवल कीर, अजय कीर उर्फ पोटा, दिनेश उर्फ दिन्नू और सौरभ—को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी सांई कृष्णा थोटा ने बताया कि इस अंधे हत्याकांड को सुलझाने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
