इटारसी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को बम से उड़ाने के ईमेल से मचा हड़कंप, ईमेल पाकिस्तान उदयनिधि योजना का जिक्र आने से मामला हुआ गंभीर..

इटारसी। देश के डिफेंस सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाने वाली इटारसी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (itarsi ordinance factory)को बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल ने फैक्ट्री प्रबंधन के साथ ही पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी। सोमवार रात इटारसी की ऑर्डनेंस फैक्ट्री के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ था जिसके बाद हड़कंप मच गया। मेल में दावा किया गया है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के साथ-साथ दक्षिण भारतीय सुपरस्टार रजनीकांत और दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा के आवासों पर तीन आरडीएक्स बम रखे गए हैं। मेल में सख्त चेतावनी दी गई कि फटने से पहले इन जगहों को खाली करा लिया जाए।

फैक्ट्री की बढ़ाई गई सुरक्षा

ईमेल में बम से फैक्ट्री को उड़ाने की धमकी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पथरौटा, इटारसी, रामपुर और तवानगर थानों की पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। एएसपी अभिषेक राजन और एसपी साईं कृष्णा थोटा खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। वीआईपी दौरों में सीएम और जेपी नड्डा के बैतूल दौरे के कारण स्थानीय डॉग स्क्वाड बाहर था जिसके कारण छिंदवाड़ा से तत्काल ही बम डिस्पोजल स्क्वाड को सूचना भेजी गई।

पाकिस्तान-उदयनधि कनेक्शन पर जांच

जांच एजेंसियों के लिए इस ईमेल की भाषा और कंटेंट सबसे बड़ा पहेली बना हुआ है। ईमेल में पाकिस्तान-उदयनधि योजना का रहस्यमयी उल्लेख है। शुरुआती जांच में मेल का सोर्स तमिलनाडु बताया जा रहा है। गौरतलब है कि 17 अप्रैल को भी इसी तरह का एक मेल आया था जो बाद में फेक निकला था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।

फैक्ट्री में बनता है गोला बारूद

इटारसी की यह फैक्ट्री भारतीय सेना के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जाती है, क्योंकि यहां अत्याधुनिक मिसाइलों, सेना के लिए भारी मात्रा में बम और गोला-बारूद तैयार होता है। इसी संवेदनशीलता के कारण सुरक्षा एजेंसियां कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहती।

इटारसी स्टेशन और ऑर्डिनेंस फैक्ट्री पर नजरें

नर्मदापुरम जिले में स्थित इटारसी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री देश की सेनाओं के लिए बड़ी मात्रा में गोला बारूद तैयार करने का काम करती है। इस फैक्ट्री में सेनाओं के लिए उपयोगी कई घातक हथियार तैयार होते है। इसी तरह इटारसी जंक्शन देश के बड़े जंक्शनों में शुमार किया जाता है जहां चौबीस घंटे यात्रियों की आवाजाही होती है। इन दोनों के अलावा तवा बंद जैसा बड़ा बांध भी इटारसी के पास ही मौजूद है। इन संस्थानों को बम से उड़ाने की झूठी जानकारी देने संबंधी मेल आना कोई छोटी बात नहीं है। हजारों किमी दूर से इन संस्थानों के नाम लेकर दी जाने वाली धमकी से ये बात तो साफ होती है कि इन संस्थानों पर असामाजिक तत्वों की नजरें लगी हुई हैं। जिला प्रशासन के लिए सुकून की बात ये है कि अब तक किसी तरह की कोई अप्रिय वारदात नहीं हुई है। कई बार इस तरह की झूठी जानकारी इसलिए भी भेजी जाती है कि परेशान करके एक बार सुरक्षा बंदोबस्त की कसावट में लापरवाही कराकर सेंध मारने का अवसर बनाया जा सके। जहां तक फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था की बात है तो वह अपने आप में चाक चौबंद रहती है मगर इटारसी रेल जंक्शन और तवा डेम की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं बरती जाती है। रेलवे जंक्शन पर एंट्री गेट पर ही लगेज स्कैनर रेलवे आज तक नहीं लगा सकी है। लगेज स्कैनर फिटिंग अभी तक कागजों में ही उलझी पड़ी है। वही तवा बांध की सुरक्षा हाथ में डंडे लेकर की जाती है। हथियारबंद लोगों के सामने ये डंडाधारी कितनी देर टिक सकते हैं, इतनी सी बात जिम्मेदारों की समझ में नहीं आ रही है।

इनका कहना है…

यह बहुत गंभीर मामला है इसलिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। साइबर सेल की मदद से ईमेल की जानकारी जुटाई जा रही है। पथरौटा थाने में मामला दर्ज किया गया है।

साईकृष्ण एस थोटा, एसपी नर्मदापुरम