तमिलनाडु और जीटी एक्सप्रेस को दोनों तरफ से घेरकर उतारे गए 300 से ज्यादा किसान, पुलिस बल के सामने किसानों का हंगामा नहीं टिक सका ज्यादा देर….

इटारसी। दिल्ली में राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन के आह्वान पर आंदोलन किया जाना है। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए देश भर से संगठन ने अपने सदस्यों और किसानों को आमंत्रित किया है। उसी आंदोलन में चेन्नई से विरोध प्रदर्शन करने नई दिल्ली जा रहे एक किसान संगठन के लोगों को मंगलवार शाम नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर रोक लिया गया। जीटी एक्सप्रेस से किसानों को जबरदस्ती उतारा गया। इससे नाराज किसानों ने हंगामा भी किया मगर पुलिस बल की मौजूदगी के चलते किसान ज्यादा विरोध नहीं कर सके। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए स्टेशन को छावनी में तब्दील कर दिया। उधर इटारसी स्टेशन पर भी पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। इटारसी जंक्शन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस से भी कुछ किसानों को उतारा गया। सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु के ‘राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन’ के करीब 200 सदस्य सोमवार को जीटी एक्सप्रेस में सवार हुए थे।

दिल्ली चलो के नारे के साथ निकले किसान

दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन में किसानों की दिल्ली पहुंचकर आंदोलन करने की योजना थी। उन्हें दिल्ली से पहले रोकने के लिए नर्मदापुरम में उतारने की तैयारी की गई। कुछ किसान तमिलनाडु एक्सप्रेस से भी निकले थे जिन्हें इटारसी रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। यह ट्रेन शाम 6 बजकर 30 मिनट पर इटारसी आई थी। इटारसी जंक्शन पर भी पुलिस बल लगाया गया। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा बनाने के लिए नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन, सीहोर, भोपाल और छिंदवाड़ा समेत अन्य जिलों से पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी का फोर्स बुलाया गया। इन सभी जगहों पुलिसकर्मी दोपहर 1 बजे तक नर्मदापुरम और इटारसी में कदम रख चुके थे। दोपहर 3 बजे से नर्मदापुरम और इटारसी रेलवे स्टेशन पर पुलिस बल को पूरी प्लानिंग के साथ लगा दिया गया था। 

दोनों ही स्टेशनों पर करना पड़ी मशक्कत

दिल्ली के किसान आंदोलन में शामिल होने निकले किसानों को रोकने और उतारने के लिए पुलिस विभाग को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा। दोनों स्टेशनों पर चिन्हित ट्रेनों के आते ही उक्त कोचों में पुलिसकर्मी घुस गए। जिन कोचों में किसानों की मौजूदगी थी उन्हें दोनों तरफ से पुलिसकर्मियों ने घेरने के बाद किसानों को उतारना चालू किया। पुलिस की सख्ती से किसानों ने विरोध भी किया मगर पुलिस के सामने विरोध ज्यादा देर नहीं टिका। इस पूरे ऑपरेशन को दोनों ही जगहों पर पुलिस महकमे के आला अधिकारियों की मौजूदगी में अंजाम दिया गया।

नदी जोड़ो और कावेरी जल मुद्दे से जुड़ा है संगठन

यह “राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन” (SNSIF) है। यह वही संगठन है, जिसने तमिलनाडु में कावेरी जल मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था। यह संगठन नदियों को आपस में जोड़ने की राष्ट्रीय परियोजना के विरोध में या उसमें भाग लेने वाले दक्षिण भारत के किसानों का प्रतिनिधित्व करता है।

इन मांगों पर होना है आंदोलन

कृषि उत्पादों के लिए 2 गुना लाभदायक मूल्य निर्धारित करना।

व्यक्तिगत किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू करना।

किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंक ऋण माफ करना।

तमिलनाडु को बचाने के लिए कर्नाटक में मेगदादु बांध परियोजना को रोकना।

60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए 5000 रुपए मासिक पेंशन करना।

छात्रों द्वारा लिए गए सभी शैक्षिक ऋणों को माफ करना।

पिछले साल जुलाई में भी उतारे गए थे सदस्य

पिछले साल भी इसी संगठन को दिल्ली कूच करने से रोका गया था। 28 जुलाई 2024 को संगठन के अध्यक्ष अय्याकन्नू अपने 114 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ 12615 जीटी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। दल में 15 महिलाएं भी थीं। तब दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर उन्हें नर्मदापुरम स्टेशन पर ही उतारा गया था। वे उस समय तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे थे।