सोहागपुर विधायक के प्रश्न पूछने के बाद फिर गरमाई जिले की राजनीति, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बोले शर्मा परिवार के दुश्मनों के बहकावे में आकर लगाया सवाल….

राहुल शरण नर्मदापुरम। सोहागपुर विधायक और जिले में राजनीतिक पकड़ रखने वाले शर्मा परिवार के बीच चल रही अंदरूनी तनातनी उस वक्त सामने आई थी जब सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह ने नर्मदापुरम विधायक डॉ सीतासरन शर्मा के परिवार द्वारा संचालित की जाने वाली नर्मदा शिक्षा समिति एवं एसएनजी स्कूल की भूमि के बारे में विधानसभा में प्रश्न पूछ लिया। इस प्रश्न के माध्यम सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह ने एक तरह से शर्मा परिवार पर सीधा हमला करने की कोशिश की थी। सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह के इस कदम ने उस वक्त जिले की राजनीति को गरमा दिया था मगर उस वक्त शर्मा परिवार की तरफ से कोई भी सार्वजनिक टीका टिप्पणी नहीं करते हुए मौन को ही अंगीकार किया गया। समय बीतने के साथ ही जब इस मुद्दे की गर्माहट कम हुई तो अब शर्मा परिवार के वरिष्ठ सदस्य पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित भवानी शंकर शर्मा ने इस विषय को लेकर पत्रकार वार्ता आयोजित कर फिर इस जिन्न को बाहर ला दिया है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा ने कहा कि उनके परिवार से द्वेष और दुश्मनी रखने वाले लोगों के कहने पर सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह ने विधानसभा में हमारी शिक्षा समिति को लेकर प्रश्न लगाया है।

खुन्नस या आतंकित करने सवाल उठाने का आरोप

पंडित भवानी शंकर शर्मा ने कहा कि बिलकुल ऐसा ही प्रश्न करीब 23 वर्ष पूर्व नर्मदापुरम के कांग्रेस विधायक द्वारा पूछा गया था। फर्क केवल इतना है कि अबकी बार सोहागपुर के भाजपा विधायक द्वारा नर्मदापुरम की नर्मदा शिक्षा समिति एवं एस.एन.जी स्कूल के बारे में न जाने किस खुन्नस के कारण या आतंकित करने हेतु प्रश्न पूछा गया। उनके द्वारा पूछे गये प्रश्न के जवाब में शासन ने यह स्पष्ट कहा कि कहीं कोई अनियमितता एवं गड़बड़ी नहीं है। एस.एन.जी स्कूल की भूमि स्कूल के ही पास है अपितु नर्मदा शिक्षा समिति की भूमि पर एस.एन.जी स्कूल है।

कोर्ट में आज भी विचाराधीन है केस

उन्होंने कहा कि वस्तुस्थिति यह है कि करीब 60 वर्ष से भी पहले प्रश्नगत भूमि शासन द्वारा नर्मदा शिक्षा समिति को शिक्षा संस्थाओं के लिये दी गई थी। वर्तमान में उक्त भूमि के अधिकांश भाग पर शासकीय एस.एन.जी स्कूल का संचालन हो रहा है। वर्ष 1972 में कांग्रेस शासन द्वारा राजनैतिक द्वेष के कारण एस.एन.जी स्कूल एवं नर्मदा महाविद्यालय बलात शासनाधीन कर लिये गये थे जिसके विरूद्ध समिति द्वारा हाईकोर्ट में केस दायर किया गया था जो आज भी विचाराधीन है।

दुश्मनी रखने वालों का मोहरा बने सोहागपुर विधायक

पंडित भवानी शंकर शर्मा ने कहा कि जहां तक विधानसभा प्रश्न की बात है तो न जाने क्यों सत्य, ईमानदारी, चरित्र एवं नैतिकता से चलने के बावजूद जो हमसे द्वेष, ईर्ष्या एवं दुश्मनी का भाव रखते है उनके कहने से सोहागपुर के विनम्र विधायक ने हमारे विरूद्ध विधानसभा में प्रश्न लगया। हमारी एक गलती तो है कि हम व हमारा परिवार क्षेत्र में अवैध कार्य जैसे सट्टा, जुआ, रेत चोरी, अवैध शराब एवं गुडांगर्दी का घोर विरोधी है। इसी कारण कम से कम नर्मदापुरम में राजनैतिक रूप से ताकतवर नेताओं द्वारा प्रश्रय देने के बावजूद गुंडागर्दी एवं अन्य अनैतिक कार्य अन्य शहरों से कम है। यह स्पष्ट दिख रहा है कि हमारे शहर को समाज विरोधी बाहूबली अपने कब्जे में लेना चाहते है, इसके लिये ईमानदार, नैतिक, समाजसेवी एवं गुंडागर्दी के विरोधी, नेताओं एवं नागारिकों को दबाने के लिये झूठी शिकायतें, पेपरबाजी, अधिकारियों से झूठी चकायत, चरित्र हनन आदि के साथ विधानसभा में प्रश्न आदि लगवातें है।

सोहागपुर विधायक से संबंध अच्छे फिर भी झूठा प्रश्न लगाया

पंडित भवानी शंकर शर्मा ने कहा कि यह बहुत अफसोसजनक स्थिति है कि जो लोग रेत चोरी, जुआ सट्टा, अवैध शराब करोबार में लिप्त है। जो अड़ीबाजी, गुंडागर्दी, ब्लेकमेंलिंग करते है वे अपने अनैतिक कारोबार को बचाने के लिये  इनका विरोध करने वाले जनप्रतिनिधि एवं उनके परिजनो के विरुद्ध विधानसभा में प्रश्न लगवाते है। सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह एवं उनके परिवार से हमारे अच्छे संबंध है फिर भी उनके द्वारा निहायत झूठा, गलत एवं तथ्यों से परे विधानसभा प्रश्न लगाया जाना एक रहस्य ही है। उन्होंने कहा कि वैसे चाहे राजनेता हो, बड़े पद पर हो या कारोबारी सभी में अंसख्य गड्‌ढे ही गड्‌ढे है। एक कहावत है कि जिसके घर शीशे के हों वह दूसरे के घर पर पत्थर नहीं फेंकता है।

सोहागपुर विधायक चाहते तो हमसे बात कर लेते

पंडित शर्मा ने कहा कि वैसे तो सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह बहुत भले व्यक्ति है, नगरपालिका में उपाध्यक्ष और पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष एवं सोहागपुर विधायक के तौर पर उनके कार्यकाल  को नगर एवं क्षेत्र में सभी देख है। सभी उनके आचरण, क्रियाकलाप चरित्र एवं ईमानदारी से परिचित हैं। हम लोगों से भी उनके अच्छे संबंध रहें है फिर भी वे गंदे लोगों के बहकावे में हमारे परिवार के विरूद्ध निरंतर द्वेषपूर्ण अभियान चला रहे है, जैसे झूठे कदमें लगाना, झूठी शिकायतें करना, हमारे विरोधी गुंडो का साथ देना, तथा पानसभा मे प्रश्न लगाना आदि है। यदि उन्हें कोई बात अनुचित लगी हो तो वे हमसे बात कर सकते थे।