मांग उपार्जन केंद्र पर जांच करने पहुंची टीम तो मिली 28 लाख की 318 क्विंटल अतिरिक्त मूंग, तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश जारी…

नर्मदापुरम। जिले में मूंग उत्पादन की ओर किसानों का रुझान बढ़ा है। मूंग की अच्छी खासी पैदावार होने से गड़बड़ियां भी हो रही हैं। ऐसा ही एक मामला मूंग उपार्जन के लिए बनाए गए एक केंद्र पर सामने आया है जहां बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्लेटिनम एग्रो पार्क वेयर हाउस में बने उपार्जन पर खरीदी में जमकर मनमानी हुई।  यहां खरीद की मात्रा से 318 क्विंटल मूंग अधिक पाया गया जो बिना एफक्यू का अमानक मिला। जिला उपार्जन समिति सदस्यों के निरीक्षण में ये गड़बड़ी सामने आने से हड़कंप मच गया है। इस 318 क्विंटल मूंग की कीमत करीब 28 लाख रुपए है। गड़बड़ी सामने आने के बाद कृषि विभाग के उपसंचालक जेआर हेडाऊ ने प्लेटिनम एग्रो वेयरहाउस के मालिक, सेवा सहकारी समिति रामपुर के प्रबंधक हिमांशु जायसवाल, उपार्जन केंद्र प्रभारी के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर कराने के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी को निर्देश दिए।

8 जुलाई को हुआ निरीक्षण एफ आइआर

आपको बता दें कि 8 जुलाई को जिला उपार्जन समिति के सदस्यों ने मूंग उपार्जन केंद्र प्लेटिनम एग्रो पार्क वेयरहाउस सोमलवाड़ा का निरीक्षण किया था। वहां वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति रामपुर किसानों से मूंग की खरीदी कर रही है। निरीक्षण करने पहुंची टीम को  उपार्जन केंद्र में खरीदी गई मात्रा से अधिक मूंग मिली। टीम ने उसके अलावा अन्य अनियमितता भी पकड़ी।। प्रकरण में शासन के निर्देशों का उल्लंघन कर, उपार्जन नीति अनुरूप कार्य नहीं मिला।

एफआइआर कराने के आदेश जारी

मूंग उपार्जन केंद्र पर ज्यादा मात्रा में मूंग मिलने पर कलेक्टर ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखण्ड-केसला, शाखा प्रबंधक वेयरहाउस कारर्पोरेशन, क्षेत्रीय प्रतिनिधि मार्कफेड को संयुक्त रूप से संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाना में 9 जुलाई को एफआईआर के आदेश दिए।  उल्लंघन करने वाले प्लेटिनम एग्रो पार्क वेयरहाउस के मालिक, वेयरहाउस पर उपार्जन करने वाली सेवा सहकारी समिति रामपुर के प्रबंधक हिमांशु जायसवाल निवासी रायपुर, उपार्जन केंद्र वेयरहाउस के खिलाफ एफआईआर होगी। उपसंचालक जेआर हेडाऊ ने बताया कि वेयरहाउस पर बने मूंग उपार्जन केंद्र पर खरीदी की मात्रा से अधिक मात्रा में मूंग मिली है। हमने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए है। सिटी थाना टीआई गौरव बुंदेला ने कहा कि फिलहाल कोई भी एफआईआर कराने नहीं आया है।अगर आता है तो एफआइआर कीजयेगी।

इस तरह की हुई गड़बड़ियां

1 – उक्त उपार्जन केंद्र पर ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार कुल खरीदी मात्रा 837.50 क्विंटल प्रदर्शित हो रहीं थी, उपार्जन संस्था के द्वारा 730.50 क्विंटल के हैंडलिंग चालान जारी किए गए थे। उपार्जन केंद्र पर भौतिक सत्यापन करने पर मूंग स्कंध की 2311 बोरी लगभग वजन 1155.55 क्विंटल पाया गया, जो कि वास्तविक खरीदी की मात्रा से अनाधिकृत रूप से 318.00 क्विंटल अधिक मात्रा का स्कंध गोदाम के स्टैक में रखा जाना पाया गया।

2- इस उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के समय गोदाम के स्टैक में रखे गए उपार्जित मूंग की बोरियों में लगे टैग पर किसान कोड अंकित नहीं था एवं उक्त स्कंध के स्टैंक का बाहय रूप पाया गया।

3-उक्त उपार्जन केंद पर उपार्जन नीति एवं शासन के निर्देशानुसार छन्ना, पंखा एवं ग्रेडिंग मशीन चालू नहीं मिली।पोर्टल के धीमे चलने के कारण नहीं बना बिल

इनका कहना है

    वेयरहाउस प्रबंध अनिवेद दुबे कहना कि कि पिछले 3-4 दिन से ई उपार्जन पोर्टल अत्यंत धीमा या डाउन चल रहा है और किसानों की उपज के बिल बनाने के लिए मोबाइल पर otp भी नहीं आ रहे है। जिस कारण के लगभग 318 क्विंटल की मूंग उपज के बिल नहीं बनाए जा सके है। Mpwlc शाखा प्रबंधक द्वारा कल एक कारण बताओ सूचना पत्र प्राप्त हुआ। जिसके जवाब में अतिरिक्त मूंग किन किसानों की है, किसान कोड और स्लॉट बुकिंग दिनांक के साथ उपलब्ध करा दी गई है आज बुधवार को ई उपार्जन पोर्टल ठीक काम करने से सारी मूंग के बिल उनके किसानों के खातों में बनवा दिए गए है और आज दिनांक को गोडाउन परिसर में कोई भी अतिरिक्त मूंग भंडारित नहीं है।

    अनिवेद दुबे, प्रबंधक मूंग उपार्जन केन्द्र