केंद्रीय परीक्षण संस्थान सीपीई का सीनियर ऑडिटर सीबीआई के फन्दे में आया, सप्लायर के भुगतान के बदले मांगा था 9300 रूपये का कमीशन…

केंद्रीय परीक्षण संस्थान सीपीई में सीनियर आडिटर के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया मामला
इटारसी। इटारसी स्थित केंद्रीय परीक्षण संस्थान (सीपीई) के लेखा विभाग में पदस्थ सीनियर आडिटर कन्हैयालाल राठौर के खिलाफ मिली एक शिकायत की जांच के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) एंटी करप्शन ब्यूरो भोपाल द्वारा आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। इस मामले का खुलासा होने के बाद से सीपीई इटारसी में चर्चाएं चल निकली हैं और ऑडिटर के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर हर एंगल से देखा जा रहा है।
यह है मामला:
जानकारी के अनुसार सीपीई समेत अन्य संस्थानों को जनरल आइटम एवं कच्ची सामग्री सप्लाई करने वाले सप्लायर अखिलेश चौधरी ने 28 जुलाई को पुलिस अधीक्षक सीबीआई भोपाल को एक शिकायत में बताया था कि वे अपनी दो फर्मों पर पिछले कई वर्षों से सीपीई को जनरल आइटम एवं कच्चे माल की आपूर्ति कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जनवरी से जून 2026 तक दोनों फर्मों के लगभग 2.75 लाख रुपये के बिलों का भुगतान हो चुका है।

90 हजार के लंबित भुगतान को रोक रखा था

सप्लायर अखिलेश चौधरी का करीब 90 हजार रुपये के बिलों का भुगतान लंबित था। इसका भुगतान करने के नाम पर वरिष्ठ आडिटर कन्हैयालाल राठौर ने भुगतान हो चुके और लंबित बिलों के एवज में 5 प्रतिशत कमीशन रिश्वत के रूप में उनसे मांगी। रिश्वत नहीं देने पर लंबित बिलों का भुगतान रोकने की बात कहकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। सप्लायर ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार की रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इस आधार पर उन्होंने सीबीआई को शिकायत की।

सीबीआई टीम ने की जांच, शिकायत सत्य मिली

शिकायत के आधार पर सीबीआई की एक टीम जांच अधिकारी नाजिम खान के नेतृत्व में यहां पहुंची। जांच में पता चला कि सीनियर आडिटर राठौर ने बिल पास करने के एवज में शिकायतकर्ता से 9,300 रुपये के अनुचित लाभ की मांग की थी। इस आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसकी जांच उप पुलिस अधीक्षक सीबीआई अविनाश कुमार को सौंपी गई है। सीबीआई के पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया के नेतृत्व में सीबीआई ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार सप्लायर द्वारा दिए गए रुपयों के साथ आडिटर को परिसर से बाहर पकड़ा गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी शिकायत सही पाए जाने पर सीबीआई ने आडिटर के खिलाफ कार्रवाई की है।

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