इटारसी नगरपालिका के अनाउंसमेंट ने बढ़ाई व्यापारियों में बेचैनी, नपाध्यक्ष से मिलकर किराया वृद्धि स्थगित करने की रखी मांग..

दुकानों की किराया वृद्धि स्थगित करने को लेकर संयुक्त व्यापार महासंघ ने की नपाध्यक्ष से चर्चा

इटारसी। इटारसी नगरपालिका परिषद द्वारा दुकानों की किराया वृद्धि व्यापारियों को परेशान कर रही है। अब तक इटारसी नपा बढ़ी हुई दर से किराया वसूलने पर आमादा रही है तो वहीं व्यापारी दरें कम कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। संयुक्त व्यापार महासंघ के माध्यम से शहर के व्यापारी किराया वृद्धि की लटक रही तलवार से चोटिल होने से बचने के लिए रास्ता तलाशने में जुटे हैं। इसी कड़ी में संयुक्त व्यापार महासंघ द्वारा दुकान किराया वृद्धि को स्थगित करने की मांग को लेकर नपाध्यक्ष पंकज चौरे साथ चर्चा की गई। चर्चा मे व्यापारियों ने किराया वृद्धि स्थगित करने के साथ यह मांग भी रखी कि शासन की मंशा अनुसार नगर पालिका अपने स्वामित्व की लगभग 1500 दुकानों को फ्री होल्ड रजिस्ट्री कर शहर के व्यापारियों को लाभान्वित करें। व्यापारियों ने किराया वृद्धि पर आपसी सहमति का निर्णय होने तक वर्ष 2025-26 की किराया जमा करने की तारीख की बाध्यता भी स्थगित करने की बात कही। बैठक के दौरान नपाध्यक्ष पंकज चौरे और व्यापारियों की चर्चा के बीच एक कर्मचारी द्वारा नपाध्यक्ष को गलत जानकारी से अवगत कराने को लेकर संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल भड़क गए। उन्होंने कहा कि आपकी कार्य प्रणाली का खामियाजा हमारी सरकार व हमारी पार्टी को उठाना पड़ता है। बैठक में काफी समय तक इस विषय पर कोई स्थाई हल निकल पाया। बैठक में किराया वृद्धि का तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद ही कोई निर्णय लेने का आश्वासन नपाध्यक्ष पंकज चौरे से मिलने के बाद चर्चा पर विराम लग गया।

आसान नहीं है किराया वृद्धि का प्रस्ताव वापस लेना

शहर में दुकानों की किराया वृद्धि का प्रस्ताव कुछ महीने पहले इटारसी नगरपालिका परिषद के सामान्य सम्मेलन में पास किया गया था। नगरपालिका परिषद में अगर किराया वृद्धि से जुड़ा कोई प्रस्ताव पास हो जाता है तो उसे नगर परिषद सीधे वापस नहीं ले सकती है। किराया वृद्धि कम करने का निर्णय शासन को करना होता है। इस मामले में एक बड़ा सवाल ये है कि इटारसी नगरपालिका परिषद अपने लिए हुए निर्णय के विरोध में शासन के पास किस मुंह से जाएगी। किराया वृद्धि को कम कराने की कवायद या लोकसभा/ विधानसभा स्तर के जनप्रतिनिधियों के माध्यम से हो सकती है या फिर व्यापारिक संगठन खुद ही एकजुटता के साथ मुख्यमंत्री से मिलकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग रखे। दोनों में से क्या रास्ता निकलेगा, ये भविष्य के गर्भ में है।

जिन्होंने किया जमा उनका क्या…

करीब एक साल पहले किराया वृद्धि का प्रस्ताव पास होने के बाद यह हो सकता है कि शहर के कई व्यापारियों ने किराया जमा कर दिया हो, अगर किराया वृद्धि से जुड़े मामले में यदि मान भी लें कि शासन किराया वृद्धि के प्रस्ताव को निरस्त कर देता है तो उन व्यापारियों का क्या होगा जो बढ़ी हुई दर से किराए का भुगतान कर चुके हैं। इस पर भी अब तक कहीं कोई चर्चा नहीं हो रही है।

इनका कहना है

संयुक्त व्यापार महासंघ की ओर से किराया वृद्धि स्थगित करने को लेकर ज्ञापन दिया गया है। जिस पर तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। इस मामले में क्या किया जा सकता है, इस पर विचार मंथन करने के बाद ही आगे कुछ किया जाएगा।

पंकज चौरे, नपाध्यक्ष इटारसी

नपाध्यक्ष से किराया वृद्धि को स्थगित करने को लेकर चर्चा हुई है जिस पर उन्होंने तुलनात्मक अध्ययन करने की बात कही है। नगर पालिका और व्यापारियों के बीच किराए को लेकर सहमति के बाद ही किराया वृद्धि होगी। वही नगर पालिका द्वारा किये जा रहे अनाउंसमेंट मे उपयोग किया जा रहे शब्दों पर भी महासंघ ने आपत्ति जताई हैं।

दीपक अग्रवाल अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार महासंघ इटारसी