मलवरी, टसर, ईरी और मूंगा रेशम उत्पादन से प्रदेश में नर्मदापुरम जिले ने बनाया नया मुकाम
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले में होने वाले चार प्रकार के रेशम मलवरी, टसर, ईरी और मूंगा ने मध्यप्रदेश के साथ ही पश्चिम बंगाल और कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में।अपनी पैठ बना ली है। नर्मदापुरम जिले के चारों प्रकार के रेशम की मध्यप्रदेश के बाहर भी खासी डिमांड है। वर्ष 2025 में जिले के मालाखेड़ी और पचमढ़ी के केंद्रों से करीब 73 लाख रूपये का ककून बाहर बेचा गया है।
किसान और महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर
जिले में 16 मलवरी रेशम केंद्र और 12 टसर रेशम केंद्र संचालित हैं, जिससे किसानों और स्थानीय महिलाओं को रोजगार एवं आय का महत्वपूर्ण स्रोत मिला है। वर्ष 2025 में मालाखेड़ी केंद्र में 742 किलोग्राम मलवरी रेशम धागा का उत्पादन हुआ जिसमें 32 महिलाओं को 5.78 लाख रुपये की मजदूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 415 किलोग्राम धागे की ट्विस्टिंग में 10 महिलाओं को 2.50 लाख रुपये की मजदूरी दी गई। शासकीय रेशम ककून मार्केट मालाखेड़ी के माध्यम से 13,781 किलोग्राम ककून अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के व्यापारियों को उपलब्ध कराए गए, जिससे 5,199,038 रुपये की आय रेशम उत्पादक किसानों को प्राप्त हुई।
वर्ष 2025 की मुख्य उपलब्धियाँ
वर्ष 2025 में मलवरी रेशम ककून उत्पादन करीब 15,426.5 किलोग्राम हुआ जिससे 255 हितग्राहियों को लाभ मिला है। इसी प्रकार टसर ककून उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 2.68 लाख किलोग्राम वृद्धि हुई है। इसके साथ ही मूंगा रेशम का उत्पादन पचमढ़ी रेशम केंद्र में 5 एकड़ क्षेत्र में पौधरोपण और 500 नग ककून उत्पादन हो रहा है। मलबरी पौधों के रोपण में करीब 27,500 पौधे लगाए गए है। मालाखेड़ी सिल्क यूनिट ने 12 लाख रुपये मूल्य का मलवरी सिल्क यार्न मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, महेश्वर को प्रदाय किया है। इससे न केवल जिले का रेशम उद्योग पुनर्जीवित हुआ, बल्कि महेश्वर क्षेत्र में बुनकरों को रोजगार का अवसर भी प्राप्त हुआ है। जिला प्रशासन की सक्रिय पहल और रेशम केंद्रों के संचालन से नर्मदापुरम जिले का रेशम उद्योग निरंतर विकसित हो रहा है।
आगामी योजनाएं
नर्मदापुरम जिले में रेशम उत्पादकों के लिए फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की स्थापना की जाना है। इसी के साथ सिल्क समग्र 2 योजना के लागू होने से रेशम क्षेत्र का विकास और किसानों को अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भी लक्ष्य रखा गया है।

